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सुख-दुख

अच्छी सेलरी में तनाव भरी नौकरी कर रहे 86 प्रतिशत लोग अगले छह महीने में इस्तीफ़ा देंगे!

प्रकाश के रे-

आँकड़ा थोड़ा ज़्यादा है, पर बहुत से लोग ऐसा सोचने लगे हैं कि पैसा भले कम मिले, पर व्यस्तता और दबाव कम रहे. कुछ ने ऐसा किया भी है. ध्यान दें, ये अपर लेयर जॉब्स के बारे में है.


समर अनार्या-

घर किस्त वाले क़र्ज़ पर है? कार लोन भी है? बच्चों की पढ़ाई का भी? बधाई हो। रिज़र्व बैंक ने एक महीने में रेपो रेट दूसरी बार बढ़ा दी है- इस बार 50 बेस प्वाइंट। आसान भाषा में समझाऊँ तो आपके सारे क़र्ज़ पर ब्याज दर फिर बढ़ जायेगी- इसी महीने में दूसरी बार।

क्यों? क्योंकि रेपो रेट वह दर होती है जिसपर रिज़र्व बैंक व्यावसायिक बैंकों को क़र्ज़ देता है जिनसे फिर हम आप क़र्ज़ लेते हैं।

आप दूसरों के धर्मस्थलों में शिवलिंग ढूँढ़ते रहें। दूसरों के पैगंबरों पर हमला करते रहें। जब तक आपका घर गाड़ी सब बिक न जाय- आप भी।

नोटः रघुरामन राजन जैसों की जगह पर लाये गये रिज़र्व बैंक गवर्नर दास जी इतिहास में एमए हैं।

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