

आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने आज यूपी के मुख्यमंत्री को पत्र भेज कर बाढ़ खंड, आजमगढ़ के अधिशासी अभियंता अरुण सचदेव द्वारा डीएम आजमगढ़ आईएएस रवीन्द्र कुमार पर डंडों से पिटाई के अत्यंत गंभीर आरोपों की तत्काल जांच की मांग की है.
अपने पत्र में उन्होंने कहा कि अरुण सचदेव द्वारा प्रमुख अभियंता, सिंचाई और जल संसाधन, उत्तर प्रदेश को भेजे पत्र दिनांक 14 जून 2025 के अनुसार डीएम आजमगढ़ रविंद्र कुमार ने कल 13 जून को शाम में उन्हें कैंप कार्यालय में बुलाया. कैंप कार्यालय में डीएम ने अरुण सचदेव को न सिर्फ बहुत ही भद्दी गालियां दी, बल्कि डंडों से पिटाई भी की.
अमिताभ ठाकुर ने कहा कि निश्चित रूप से यह आरोप अत्यंत ही गंभीर प्रकृति के हैं. अतः उन्होंने अरुण सचदेव द्वारा लगाए गए इन आरोपों की जांच अपर मुख्य सचिव स्तर के एक अधिकारी से कराते हुए आरोपों के सही पाए जाने पर डीएम आजमगढ़ IAS रविन्द्र कुमार को निलंबित करते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने की मांग की है.
इस प्रकरण पर पत्रकार सुधीर सिंह ने अलग जानकारी दी जो इस प्रकार है-
“भैया, यह पूरी गलत खबर चल रही है। DM और SP बाढ़ क्षेत्र का दौरा करने गए थे घाघरा नदी के किनारे। मैं भी मौजूद था। बाढ़ खंड के एक्सियन लापता थे। और अक्सर जिले में नहीं रहते बिना सूचना गायब रहते है। DM ने बुलाकर डांटा तो प्रोपेगेंडा फैला रहे है मीडिया में। एक महीने बाद बाढ़ आने वाली है। और बाढ़ खंड के अफसर भ्रष्टाचार में डूबे रहते हैं। हर साल इनके भ्रष्टाचार बंधा टूटता है। हजारों घर बेघर होते हैं और ये बाढ़ के मौसम में लापता रहते हैं। इनको अधिकारी टोकता है तो राजनीति करते हैं ये लोग!”
इस प्रकरण पर सोशल मीडिया पर आ रही कुछ प्रतिक्रियाएं-
DM sahab ko mera samarthan main badh pidit chetra se ata hun azamgarh mein….kya karte hain abhiyanta log mujhe pata hai. Iljaam jhutha aur tarkhin hai bhaiya…..main apko dave se kah sakta hun pahali baar azamgarh ko koi aisa DM mila hai jisne vyavastha aur anushashan ko banate dekha hai. -Alok Pratap Singh
Pratyush Singh- वास्तव में अगर जिलाधिकारी ने ये किया है तो बहुत बहुत अच्छा किया है….१ लाख से ऊपर की देवरांचल की जनता बाढ़ से परेशान रहती है और ये महोदय लोग अपना फोन बंद करके फरार रहते हैं, अपनी मनमामी करते हैं….एक नंबर काम हुआ है…धन्यवाद योगी जी, आजमगढ़ को ऐसा जिलाधिकारी देने के लिए!

यदि यह समाचार ठीक है तो बहुत दिनों के बाद आजमगढ को एक कडक कलेक्टर मिला। वैसे कलेक्टर को गुस्सा क्यों आया होगा, आप सोच सकते हैं। यूं ही कोई डंडा नहीं उठाता.. इसके पहले वह बहुत सोचा होगा, फिर इंजीनियर साहब को हौंका होगा! वैसे इंजीनियर साहब की यह शारीरिक समीक्षा कल ही कर दी गई। –अरविंद कुमार सिंह (वरिष्ठ पत्रकार)
अधिकारी, खासकर जिला मैजिस्ट्रेट, बेलगाम हैं। पुलिस इनकी मुट्ठी में है, जो चाहें सो करें। सरकार का हाथ इनके नीचे दबा है। इसलिए सरकार इनके खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं कर सकती। यह है कानून का शासन और यह है राम राज्य। जय हो। -सुलखान सिंह (पूर्व डीजीपी)


