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मध्य प्रदेश

एमपी मूत्र कांड : सतना और रीवा में कोलों से बेगारी करवाते हैं बाभन-ठाकुर!

सौमित्र रॉय-

पहली बात तो यह कि 30 साल के दशमत रावत पर पेशाब करने वाले प्रवेश शुक्ला का वीडियो 3 महीने पुराना है।

सीधी मूत्र कांड का मुख्य आरोपी बीजेपी विधायक केदार शुक्ला के साथ।

कोल आदिवासी दश्मत ने मजदूरी की बकाया रकम मांगी थी। बदले में बाभन शुक्ला ने सत्ता की गोद में बैठकर जातिगत वर्चस्व का समूचा अभिमान उस पर उड़ेल दिया।

प्रवेश का रखवाला बीजेपी विधायक केदारनाथ शुक्ला भी उतना ही घृणित बाभन है, जो प्रवेश को अब नाजायज बता रहा है।

पेशाब कांड का वीडियो वायरल होने के 3 माह बाद शपथ पत्र लिखवाया गया।

खबर है कि प्रवेश ने अपने किसी दोस्त साहूजी को धमकाकर यह वीडियो शूट करवाया और बाद उसी के साथ मारपीट भी की।

सतना और रीवा में 4 साल शोध के दौरान मैंने पाया था कि दोनों इलाकों के बाभन और ठाकुर कोलों से बेगारी करवाते हैं।

उनकी औरतों पर उनकी बुरी नजर रहती है। उनके खेत, गहने, मकान तक सब छीने जाते हैं।

उन्हें ये नहीं पता कि कोल–मवासी इस जमीन के वास्तविक हकदार हैं। आर्यों से भी पहले। वे मूल निवासी हैं।

एक इंसान जब दूसरे को बेदखल कर उसके जीने के अधिकार छीन लेता है तो जानवरों से भी बदतर काम करता है।

और बाभन, ठाकुर ऐसे कारनामे सदियों से करते आ रहे हैं। फ़र्क यह है कि अभी यह राज्य प्रायोजित है।

इसी का नाम हिंदू राष्ट्र है।


BJP MLA केदारनाथ शुक्ला के प्रतिनिधि प्रवेश शुक्ल…. संस्कार और संस्कृति वाले लोग…नीचे एक गरीब आदिवासी/दलित/गरीब बच्चा…प्रवेश शुक्ल को मुतास लगी तो उस गरीब बच्चे के मुंह पर मूत दिया….मध्य प्रदेश की जनता को मैं नमन करता हूं कि क्या संस्कारी लोग चुने हैं…वीडियो नहीं डाल सकता क्योंकि नेता जी के प्रतिनिधि का “सम्मान” जींस से बाहर है….सवाल मचा तो संस्कार और संस्कृति और धर्म रक्षकों ने उस गरीब से एक एफिडेविट भी ले लिया कि ऐसा कुछ नहीं हुआ था……मैं नास्तिक होकर बहुत खुश हूं क्योंकि मुझे पता है कि ईश्वर होता तो न्याय करता….धिक्कार और थू है गोबरालैंड…. – पवन सिंह


प्रिय शिवराज चौहान जी

सीधी पेशाब कांड में 4 कार्रवाई ज़रूरी है।

  1. पीड़ित को सरकारी सुरक्षा और शहर में उसके लिए एक सरकारी आवास। उसका मनोवैज्ञानिक उपचार क्योंकि सदमा गहरा है।
  2. पीड़ित को सरकारी नौकरी और ₹50 लाख मुआवज़ा
  3. अपराधी को लंबे समय तक जेल में रखने का बंदोबस्त। प्रशासनिक लापरवाही हुई है तो अधिकारी की बर्ख़ास्तगी।

4 आपको चाहिए कि आप जाकर पीड़ित को गले लगाएँ। आश्वस्त करें कि शासन उसके साथ हैं।

-दिलीप मंडल

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1 Comment

1 Comment

  1. Ramchandra Prasad

    July 5, 2023 at 2:26 pm

    उस जानवर शुक्ला पर कडी कार्रवाई हो ।

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