
नोएडा। HNN News एक बार फिर अपने कर्मचारियों के साथ कथित व्यवहार को लेकर विवादों में है। सूत्रों के अनुसार, चैनल ने 4 अगस्त को एक पुरुष और एक महिला पत्रकार को बिना किसी पूर्व सूचना के नौकरी से हटा दिया। आरोप है कि दोनों पत्रकार सुबह तक फील्ड में कवरेज कर रहे थे, लेकिन दोपहर में उन्हें कार्यालय बुलाकर आईडी कार्ड जमा कराने के बाद यह कहकर बाहर कर दिया गया कि अब उनकी सेवाओं की आवश्यकता नहीं है।
बताया जा रहा है कि दोनों कर्मचारियों को न तो कोई लिखित नोटिस दिया गया, न सेवा समाप्ति का कारण बताया गया और न ही उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर मिला। इससे चैनल के कर्मचारियों में असंतोष का माहौल है।
बकाया वेतन और फुल एंड फाइनल सेटलमेंट पर भी सवाल
मामला केवल सेवा समाप्ति तक सीमित नहीं है। पूर्व कर्मचारियों का आरोप है कि इससे पहले भी HNN News छोड़ने वाले या हटाए गए कई कर्मचारियों को आज तक उनका बकाया वेतन और फुल एंड फाइनल सेटलमेंट नहीं मिला है। सूत्रों का दावा है कि करीब तीन महीने पहले भी कर्मचारियों की छंटनी हुई थी, लेकिन कई लोगों का भुगतान अब तक लंबित है।
कर्मचारियों का कहना है कि श्रम कानूनों के तहत सेवा समाप्त होने के बाद निर्धारित समय सीमा में सभी देय राशि का भुगतान किया जाना चाहिए, लेकिन व्यवहार में ऐसा नहीं हो रहा है।
प्रबंधन पर उठे सवाल
सूत्रों के मुताबिक, HNN News के मैनेजमेंट की जिम्मेदारी मैनेजिंग एडिटर मुकेश कुमार के नेतृत्व में संचालित हो रही है। वहीं, मानव संसाधन (HR) विभाग में स्नेहा (एचआर हेड) और सुमित की भूमिका बताई जा रही है। कर्मचारियों का आरोप है कि बिना पूर्व सूचना नौकरी समाप्त करने और बकाया भुगतान लंबित रखने जैसी शिकायतों पर प्रबंधन की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला है।
पत्रकारों में बढ़ रही चिंता
मीडिया जगत से जुड़े लोगों का कहना है कि पत्रकार पहले से ही अस्थिर रोजगार और कम वेतन जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में यदि बिना नोटिस कर्मचारियों को हटाया जाता है और उनका वैधानिक भुगतान भी समय पर नहीं किया जाता, तो यह गंभीर श्रम अधिकारों का मुद्दा बन जाता है।
फिलहाल, इन आरोपों पर HNN News प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि प्रबंधन इस संबंध में अपना पक्ष जारी करता है, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाना चाहिए।
एक पत्रकार द्वारा भेजे गए इनपुट पर आधारित


