Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

सियासत

विरेंद्र सहवाग ने मोदी पर सवाल दागता ट्वीट डिलीट किया, लोग बोले- ‘डरपोक वीरू’

सुप्रिया श्रीनेत-

एक वो हिंदुस्तान था, जहां अगर पेट्रोल का दाम एक रुपये भी बढ़ जाता था तो बॉलीवुड के फ़िल्मी सितारे, खेल जगत के सुपरस्टार महंगाई पर तंज कसते थे.

सरकार के जिस निर्णय से असहमत होते थे तो बेख़ौफ़ हो कर सरकार के ख़िलाफ़ बोलते थे, उनके घर कभी ED, CBI, टैक्स डिपार्टमेंट की रेड नहीं होती थी.

उनको NCB दफ़्तर बुला कर उन्हें कोई बेवजह बेइज़्ज़त नहीं करता था. ना मीडिया गिद्ध बनकर उनके पीछे पड़ जाता था. लेकिन अब – एक क्रिकेटर को जो खेल को अलविदा कह चुके हैं, बैंक स्टॉक के बारे में अपनी सही टिप्पणी भी डिलीट करनी पड़ती है.

क्योंकि उनको शायद याद आ गया होगा कि कैसे कोयंबतूर में एक व्यापारी को GST की समस्या बताने मात्र के लिए बुला कर जबरन माफ़ी मंगवाई गई. लेकिन मैं तो कहती हूँ – डरो मत! क्योंकि डरने वाला तब तक डराता है जब तक आप डरते हैं. अपनी रीढ़ की हड्ढी को झुका कर हासिल कुछ नहीं होगा – सिवाय अपनी नज़रों में गिरने के सिवा!

सहवाग के ट्वीट में था क्या?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी के अन्य सदस्यों ने 2024 में चुनाव परिणाम से पहले भारतीय लोगों को पीएसयू बैंकों में निवेश करने के लिए सक्रिय रूप से प्रोत्साहित किया. देश भर में निवेश का एक बड़ा प्रवाह हुआ, जिन्होंने उन शब्दों पर विश्वास किया और अधिक रिटर्न के लिए अपना पैसा लगाया. लेकिन सहवाग ने दिखाया कि उनके एक कर्मचारी को भाजपा अधिकारियों द्वारा उल्लिखित चार बैंकों में से तीन में निवेश करने के बावजूद कोई रिटर्न नहीं मिला.

यहां पढ़ें सहवाग का पूरा ट्वीट हिंदी में
“मेरे एक कर्मचारी को अपनी पुश्तैनी ज़मीन बेचने के बाद करीब 1 करोड़ मिले थे. 80 लाख में, उसने इस धागे में बताए गए 4 में से 3 पीएसयू बैंक खरीदे- केनरा बैंक, बैंक ऑफ़ बड़ौदा और यूनियन बैंक हमारे माननीय पीएम के इस ट्वीट के एक दिन बाद. लागत क्रमशः 120, 286, 143 थी. वह माननीय पीएम का एक उत्साही प्रशंसक है. लेकिन अब 3 महीने बाद, जबकि बाज़ार दिन-ब-दिन ATH पर पहुँच रहा है, उसके शेयर 20% से ज़्यादा गिर चुके हैं और अपनी लागत पर पहुँचने के लिए उन्हें 25-30% से ऊपर जाने की ज़रूरत है. उसने अपने दोस्तों को भी ये शेयर खरीदने की सलाह दी क्योंकि पीएसयू बैंक फिर से उभर आए हैं. आश्चर्यजनक बात यह है कि इस ट्वीट के बाद, इन 3 शेयरों ने कभी भी उस दर को नहीं देखा, जबकि निफ्टी उन स्तरों से 10% ऊपर है. उसके दिमाग में कई तरह के विचार आते हैं कि क्या सरकारी डेटा ट्वीट उसे फंसाने के लिए था, या क्या पीएसयू बैंकों पर भरोसा करना चाहिए क्योंकि उसके तीनों शेयर गिरते रहते हैं. वह अभी भी मोदी जी की कसम खाता है, लेकिन बुल मार्केट में उनके भारी गिरावट को समझ नहीं पा रहा है. सहवाग ने ट्वीट किया, “विशेषज्ञ उन्हें क्या सलाह देंगे, क्योंकि वह घबराये हुए हैं, क्योंकि उन्होंने अपनी नेटवर्थ का बड़ा हिस्सा यहां लगा दिया है.”

पूर्व विस्फोटक भारतीय बल्लेबाज को एक्स यूजर्स ने ‘डरपोक’ करार दिया है, देखें नीचे…

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन