Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

उत्तर प्रदेश

कोर्ट और सरकार का आदेश नहीं मानती उप्र पुलिस, पत्रकार ने सुप्रीम कोर्ट से की दखल की मांग

पत्रकारिता का दमलकाल चल रहा है लेकिन इससे चिंतित होने की आवश्यकता सिर्फ उन्हीं पत्रकारों को है जिन्होंने अब तक अपनी रीढ़ की हड्डी को गोबर के साथ पीसकर अपने दिमाग में नहीं भरा है। यदि यूपी पुलिस की बात करें तो इलाहाबाद हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के क्रम में खुद ही यूपी पुलिस के मुखिया द्वारा अब तक कई ऐसे शासनादेश जारी किये जा चुके हैं जिन्हें खुद यूपी पुलिस ही नहीं मानती है।

  1. मसलन 7 वर्ष से कम सजा वाले मुकदमे दर्ज करने से पूर्व एक प्रारंभिक जाँच का किया जाना
  2. किसी की हिस्ट्रीशीट खोलने से पूर्व हाईकोर्ट तथा शासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करना
  3. पत्रकारों के विरुद्ध मुकदमे दर्ज करने से पूर्व मामले की जाँच करना
  4. बग़ैर साक्ष्य मात्र बयान के आधार पर मुकदमों में आरोप पत्र प्रेषित नहीं किया जाना

ऊपर दिए गए निर्देश बतौर शासनादेश बहुत पहले से जारी किये जा चुके हैं लेकिन बावजूद इसके यूपी पुलिस “मेरी मर्जी” की तर्ज पर सरपट दौड़ी चली जा रही है।

यूपी पुलिस की इसी “मेरी मर्जी” के खिलाफ यूपी के सबसे ज्यादा प्रताड़ित पत्रकार कहे जाने वाले सत्येंद्र कुमार ने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस से दखल देने की माँग की है। चीफ जस्टिस को भेजे गए पत्र में पत्रकार ने शपथ पत्र के साथ यहाँ तक घोषणा कर डाली है कि यदि उसके खिलाफ दर्ज किए गए एक भी मामले में कोई भी साक्ष्य पुलिस के पास है तो वह मुकदमे के ट्रायल में सरकार और न्यायालय का वक्त और धन जाया करने की बजाय कोर्ट के सामने कंफेशन कर लेंगे।

ऐसा पहली बार हो रहा है कि साक्ष्य के नाम पर पूर्ण कपोल कल्पित कहानियों को साक्ष्यों के तर्ज पर चुनौती देते हुए कोई ट्रायल के इतर जाकर कन्फेशन करने को तैयार है। इस सम्बंध में पत्रकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट को लिखा गया पत्र और मुकदमों के सम्बंध में जारी विभिन्न शासनादेश नीचे अपलोड किये गए हैं।

हिस्ट्रीशीट खोलने का दिशा-निर्देश….

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन