दिवाली की शाम शेयर बाज़ार ने नए विक्रम संवत २०८३ का स्वागत किसी धूम-धड़ाके से नहीं, बल्कि हल्की सुस्ती के साथ किया। रविवार, ८ नवंबर को NSE और BSE पर दोपहर २:२० से ३:३० बजे तक चले एक घंटे से कुछ ज़्यादा के विशेष मुहूर्त सत्र में दोनों प्रमुख सूचकांक मामूली गिरावट के साथ बंद हुए।
बिज़नेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक सेंसेक्स २८.६२ अंक (०.०४%) गिरकर ८०,९९९.४० पर और निफ़्टी ४३.९५ अंक (०.१८%) टूटकर २४,९८६.४० पर बंद हुआ। यानी निफ़्टी एक बार फिर २५,००० के नीचे आ गया।
शुरुआत तेज़, अंत ठंडा
सत्र की शुरुआत उत्साह भरी थी। बिज़नेस टुडे के अनुसार दोपहर करीब ढाई बजे सेंसेक्स ३२१ अंक चढ़कर ८१,३४९ के आसपास था। बिज़नेस स्टैंडर्ड के आंकड़ों में सेंसेक्स का दिन का ऊपरी स्तर ८१,४४२ और निचला ८०,९३२ रहा, जबकि निफ़्टी २५,१३१.८५ तक गया था। लेकिन आख़िरी आधे घंटे में चुनिंदा बैंक और आईटी शेयरों की कमज़ोरी ने बढ़त धो दी।
इसके साथ ही वह सिलसिला भी टूट गया जिसमें बाज़ार लगातार सात कारोबारी सत्रों से चढ़ रहा था। शुक्रवार, ६ नवंबर को ही सेंसेक्स १,७१८ अंक उछलकर ८१,०२८ पर पहुंचा था।
किसने खींचा, किसने थामा
रिपोर्ट के मुताबिक निफ़्टी बैंक और निफ़्टी प्राइवेट बैंक सबसे ज़्यादा दबाव में रहे, जबकि फ़ार्मा और हेल्थकेयर सूचकांक सबसे आगे रहे। सेंसेक्स में सन फ़ार्मा और टाटा स्टील चढ़े, वहीं महिंद्रा एंड महिंद्रा और इंडिगो की मूल कंपनी इंटरग्लोब एविएशन फिसले। मझोले और छोटे शेयरों में थोड़ी ख़रीदारी दिखी — मिडकैप १०० करीब ०.१३% और स्मॉलकैप सूचकांक लगभग १% ऊपर रहा।
अपस्टॉक्स के लाइव अपडेट के अनुसार सितंबर तिमाही के अच्छे नतीजों के बाद फ़िनोलेक्स केबल्स २०% के अपर सर्किट तक गया। वहीं टाटा स्टील ने इसी तिमाही में करीब १६% बढ़कर ₹३,७०० करोड़ का शुद्ध मुनाफ़ा बताया है।
बाज़ार के जानकारों ने सत्र को “सतर्क आशावाद” वाला बताया और कहा कि आगे की दिशा कंपनियों के नतीजों, विदेशी निवेशकों के रुख़ और कच्चे तेल के दामों पर टिकी रहेगी। मुहूर्त ट्रेडिंग में कारोबार कम होता है, इसलिए इसके संकेत को ज़्यादा तूल नहीं दिया जाता।
सोमवार, ९ नवंबर को सामान्य कारोबार होगा, जबकि मंगलवार, १० नवंबर को दिवाली बलिप्रतिपदा पर बाज़ार बंद रहेगा।

