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नाक के पास का मुंहासा निचोड़ना पड़ सकता है जानलेवा, जानिए चेहरे का ‘डेंजर ट्रायंगल’

नाक और ऊपरी होंठ के आसपास का मुंहासा दबाने से संक्रमण दिमाग तक पहुंच सकता है। डॉ रोहित रमन पांडेय बता रहे हैं चेहरे के ‘डेंजर ट्रायंगल’ का खतरा और बचाव।

डॉ रोहित रमन पांडेय, गले में स्टेथोस्कोप के साथ

डॉ रोहित रमन पांडेय-

नाक के ठीक नीचे एक मुंहासा था। उसने जोर से निचोड़ा। खून निकल आया। सोचा – ठीक हो जाएगा।

कुछ दिन बाद तेज सिरदर्द शुरू हुआ। फिर एक आंख बाहर की तरफ उभरने लगी। इमरजेंसी तक पहुंचते-पहुंचते वो बेहोश हो चुका था।

क्या गलत हुआ?

मुंहासा दबाने से त्वचा टूटी, बैक्टीरिया (अक्सर Staphylococcus) अंदर घुस गए।

नाक और ऊपरी होंठ के आसपास की नसें – angular vein और superior ophthalmic vein – सीधे दिमाग के कैवर्नस साइनस से जुड़ी होती हैं। इन नसों में वाल्व नहीं होते, इसलिए संक्रमण पीछे की तरफ आसानी से फैल सकता है।

जब वहां खून का थक्का बन जाता है, इसे कहते हैं सेप्टिक कैवर्नस साइनस थ्रोम्बोसिस।

पहचान कैसे?

  • आंख बाहर निकलना और सूजना – क्योंकि खून की वापसी रुक जाती है
  • दोहरा दिखना या आंख हिलाने में दिक्कत – क्योंकि III, IV, V1, VI नसें वहीं से गुजरती हैं
  • तेज सिरदर्द, भ्रम, बेहोशी

ये जटिलता दुर्लभ है, पर जानलेवा हो सकती है। इसीलिए नाक की जड़ से मुंह के दोनों कोनों तक के हिस्से को Danger Triangle of the Face कहते हैं।

डॉक्टर का नज़रिया

इस त्रिकोण के मुंहासे कभी न निचोड़ें, न दबाएं। साफ-सफाई रखें, जरूरत हो तो डॉक्टर से मिलें।

एक छोटी सी आदत, बड़ा खतरा टाल सकती है।


ये जागरूकता के लिए है, व्यक्तिगत सलाह नहीं। तकलीफ हो तो डॉक्टर से मिलें।

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