आजाद अधिकार सेना
स्थान: देवरिया
विषय: पूर्व आईपीएस अधिकारी एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमिताभ ठाकुर की अवैध गिरफ्तारी, जेल में अमानवीय व्यवहार, जान के खतरे एवं राजनीतिक साजिश की घोर निंदा
हम, आजाद अधिकार सेना के पदाधिकारीगण, पूर्व आईपीएस अधिकारी एवं प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता तथा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमिताभ ठाकुर जी की 9–10 दिसंबर 2025 की मध्यरात्रि उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा की गई अवैध, असंवैधानिक एवं राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित गिरफ्तारी की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं। यह कार्रवाई कानून के शासन तथा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है।
श्री अमिताभ ठाकुर जी भ्रष्टाचार एवं अन्याय के विरुद्ध वर्षों से निर्भीक संघर्षरत रहे हैं। आज दिनांक 15 दिसंबर 2025 को राष्ट्रीय संगठन मंत्री देवेन्द्र सिंह राणा के नेतृत्व में राष्ट्रीय सचिव/प्रदेश अध्यक्ष श्री विनोद कुमार पाण्डे, मंडल अध्यक्ष अभिषेक राय, आशुतोष द्विवेदी (प्रयागराज) एवं देवीपाटन मंडल (गोंडा) अध्यक्ष श्री मंगल गिरी, बलिया जिला उपाध्यक्ष श्री सिंहासन चौहान, मेरठ मंडल अध्यक्ष मास्टर अब्दुल अजीज, जिलाध्यक्ष आजमगढ़ श्री अशोक सिंह, श्री सुनील चौधरी आजमगढ़ जिला उपाध्यक्ष द्वारा देवरिया जिला कारागार में उनसे मुलाकात की गई।
मुलाकात के दौरान श्री अमिताभ ठाकुर जी ने बताया कि वे कोडीन युक्त प्रतिबंधित कफ सीरप की अवैध तस्करी एवं उससे जुड़े संगठित सिंडिकेट से संबंधित गंभीर अनियमितताओं के प्रमाणित साक्ष्यों के साथ माननीय सर्वोच्च न्यायालय में जनहित याचिका (PIL) दाखिल करने की तैयारी में थे। ये साक्ष्य विशेष रूप से पूर्वांचल के नेताओं श्री धनंजय सिंह (जौनपुर) तथा श्री बृजेश सिंह के विरुद्ध थे। इसी कारण उन्हें योजनाबद्ध ढंग से प्रताड़ित किए जाने की आशंका व्यक्त की गई।
श्री ठाकुर जी ने यह भी अवगत कराया कि जेल में उनके साथ शारीरिक एवं मानसिक प्रताड़ना की जा रही है। उनके चेहरे व शरीर पर चोटों के स्पष्ट निशान हैं, बैरक में सीसीटीवी के माध्यम से उनकी निजता भंग हो रही है, अत्यधिक कठोर निगरानी रखी जा रही है तथा उनकी जान को गंभीर खतरा है—यहाँ तक कि हत्या की साजिश की आशंका भी उन्होंने व्यक्त की है।
गिरफ्तारी का विवरण:
9 दिसंबर 2025 की रात्रि लगभग 1:30–2:00 बजे शाहजहाँपुर के पास ट्रेन में सोते समय सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों द्वारा बिना किसी वारंट अथवा कारण बताए उन्हें जबरन ट्रेन से उतारा गया। अपहरण जैसी स्थिति उत्पन्न कर घंटों वाहन में रखा गया तथा किसी भी प्रकार के वैधानिक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए। देवरिया कोतवाली में फर्जी पूछताछ, मारपीट, चश्मा तोड़ने तथा अरेस्ट मेमो को फर्जी बताकर टिप्पणी किए जाने के गंभीर आरोप हैं।
मामले की सच्चाई:
यह प्रकरण वर्ष 1999 का लगभग 26 वर्ष पुराना है, जो देवरिया में एसपी रहते हुए उनकी पत्नी डॉ. नूतन ठाकुर के नाम आवंटित औद्योगिक प्लॉट में हुई एक लिपिकीय त्रुटि से संबंधित है। उक्त प्लॉट पूर्व में ही सरेंडर किया जा चुका है तथा इससे कोई लाभ प्राप्त नहीं हुआ। वर्ष 2019 में विस्तृत जांच के उपरांत एवं माननीय सीजेएम न्यायालय द्वारा इस प्रकरण को निराधार/दीवानी प्रकृति का मानते हुए खारिज किया जा चुका है। इसके बावजूद सितंबर 2025 में लखनऊ (तालकटोरा) में पुनः एफआईआर दर्ज कर उसे देवरिया स्थानांतरित किया जाना स्पष्ट रूप से राजनीतिक साजिश की ओर संकेत करता है।
हमारी मांगें:
- श्री अमिताभ ठाकुर जी की तत्काल एवं बिना शर्त रिहाई सुनिश्चित की जाए।
- अवैध गिरफ्तारी एवं प्रताड़ना में संलिप्त सभी अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कानूनी व विभागीय कार्रवाई की जाए।
- पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच उच्च न्यायालय की निगरानी में कराई जाए।
आजाद अधिकार सेना न्यायप्रिय नागरिकों, मीडिया, मानवाधिकार संगठनों एवं समस्त लोकतांत्रिक शक्तियों से अपील करती है कि इस अन्याय, दमन एवं राजनीतिक प्रतिशोध के विरुद्ध एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करें।
विनोद कुमार पाण्डे, राष्ट्रीय सचिव / प्रदेश अध्यक्ष, आजाद अधिकार सेना, उत्तर प्रदेश, मोबाइल: +91 88587 45894



