जेएनयू कांड और पत्रकारों की पिटाई पर डीयूजे व डीजेए द्वारा जारी प्रेस रिलीज पढ़ें

The Delhi Union of Journalists strongly deplores the beating up of journalists, students and teachers in the Patiala House Courts by goons. JNU Students Union President Kanhaiya Kumar was to be produced in court. Several of them including a few journalists were severely injured and had to be taken to the hospital. Even women journalists were not spared by the goons.

It is surprising that though there was a heavy presence of the Police, it refused to intervene despite repeated requests by those who were being beaten up. The DUJ demands the immediate arrest of all those who indulged in this violence. It is the responsibility of the police to provide protection to journalists who were discharging their duty. The DUJ has given a call for observance of a Black Day on February 19.

दिल्ली जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन (डीजेए) अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम राष्ट्र विरोधी गतिविधियों की निंदा करता है। कुछ लोग अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर संवैधानिक मर्यादाओं का उल्लंघन कर रहे हैं, ऐसे लोगों को कानून के हवाले किया जाना चाहिए। कुछ मीडियाकर्मी अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर ऐसे राष्ट्र विरोधियों को संरक्षण दे रहे हैं। यह शर्मनाक है। भारत का संविधान अपने नागरिकों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की पूरी गारंटी देता है। हम भी अभिव्यक्ति की स्वतंतत्रता के पूरी तरह पक्षधर हैं। लेकिन इस स्वतंत्रता की सीमाएं भी हैं। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर देश की अखंडता, संप्रभुता, सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द के साथ खिलवाड़ नहीं किया जा सकता। दुर्भाग्य यह है कि कुछ पत्रकार तथ्यों को तिलांजलि देकर एक खेमेबाजी से जुड़ अपनी लेखनी चला रहे हैं। उनका यह आचरण राष्ट्र विरोधी शक्तियों का मनोबल बढ़ाने में मदद कर रहा है।

पिछले दिनों प्रेस क्लब और जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में जिस तरह से एक खास विचारधारा के लोगों द्वारा भारत विरोधी गतिविधियों को अंजाम दिया गयाए वह शर्मनाक है। प्रेस क्लब में भारत विरोधी जो कार्यक्रम आयोजित किया गया था। उसमें प्रेस क्लब के कुछ सदस्य पत्रकार भी शामिल थे। प्रेस क्लब में इससे पहले भी कुछ पत्रकारों ने रक्षा मंत्रालय द्वारा परिसर में लगाए गए ब्रम्होस मिसाइल के प्रतिरूप को तोड़ दिया था। राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक इस मिसाइल के प्रतिरूप को तोड़ने वाले पत्रकारों के खिलाफ न तो प्रेस क्लब ने और न ही पुलिस ने कोई कार्रवाई की। डीजेए ऐसे पत्रकारों के खिलाफ भी कार्रवाई करने की मांग करता है।

प्रेस रिलीज

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