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लखनऊ में जनसंदेश टाइम्स के रिपोर्टर जसवंत सोनकर को इन्स्पेक्टर ने पीटा, जीप में लादकर लाकअप में ठूंसा

लखनऊ। दो पक्षों में झगड़े की सूचना पर मौके पर पहुंचे एक पत्रकार से बीती रात इलाके के पुलिस इंस्पेक्टर ने मारपीट की और जीप में लादकर थाने के लाकअप में ठूंस दिया. पुलिस ने थाने में भी पत्रकार की पिटाई की. घटना की जानकारी मिलने पर आक्रोशित पत्रकारों ने देर रात जिलाधिकारी आवास पर धरना दिया. जबकि शुक्रवार की शाम पत्रकार इस मामले पर मुख्यमंत्री से मिले. मुख्यमंत्री ने मामले में सख्त कार्रवाई की आश्वासन दिया है. गुरुवार की रात दस बजे पान दरीबा, थाना- नाका, इलाके में दो पक्षों के बीच मारपीट हो गई. सूचना पाकर घटना कवरेज करने के लिए जन सन्देश का रिपोर्टर जसवंत सोनकर मौके पर पहुंचा तो पाया कि एक महिला और उसका बच्चा तथा दो अन्य युवकों को इन्स्पेक्टर हुसैनगंज सतेन्द्र सिंह तथा सिपाही जबरन जीप में बैठाये थे.

लखनऊ। दो पक्षों में झगड़े की सूचना पर मौके पर पहुंचे एक पत्रकार से बीती रात इलाके के पुलिस इंस्पेक्टर ने मारपीट की और जीप में लादकर थाने के लाकअप में ठूंस दिया. पुलिस ने थाने में भी पत्रकार की पिटाई की. घटना की जानकारी मिलने पर आक्रोशित पत्रकारों ने देर रात जिलाधिकारी आवास पर धरना दिया. जबकि शुक्रवार की शाम पत्रकार इस मामले पर मुख्यमंत्री से मिले. मुख्यमंत्री ने मामले में सख्त कार्रवाई की आश्वासन दिया है. गुरुवार की रात दस बजे पान दरीबा, थाना- नाका, इलाके में दो पक्षों के बीच मारपीट हो गई. सूचना पाकर घटना कवरेज करने के लिए जन सन्देश का रिपोर्टर जसवंत सोनकर मौके पर पहुंचा तो पाया कि एक महिला और उसका बच्चा तथा दो अन्य युवकों को इन्स्पेक्टर हुसैनगंज सतेन्द्र सिंह तथा सिपाही जबरन जीप में बैठाये थे.

रिपोर्टर ने मौके पर मौजूद सतेन्द्र सिंह इन्स्पेक्टर हुसैनगंज से घटना के बारे में पूछा. रिपोर्टर द्वारा सवाल पूछने से इन्स्पेक्टर इस कदर भड़क गया कि जीप में अवैध हिरासत में बैठाए हुए महिला और युवकों को नीचे उतारकर पत्रकार का गिरहबान पकड़कर थप्पड़ मारते हुए जीप में ठूंस दिया और नाका थाने ले जाकर लाक अप के अन्दर डाल दिया. थाने के अन्दर इन्स्पेक्टर और सिपाहियों ने पत्रकार की जमकर पिटाई और बदसुलूकी की. जसवंत सोनकर ने अपने साथ हुई घटना की जानकारी साथी पत्रकारों को दी.

मौके पर सैकड़ों की संख्या में पत्रकार पहुँच गए और जिलाधिकारी तथा एसएसपी को घटना के बारे में अवगत कराया. एसएसपी ने पत्रकारों को वार्ता के लिए आवास बुलाया लेकिन डेढ़ घंटे तक इंतज़ार कराने के बावजूद बाहर नहीं निकले. आजिज़ होकर पत्रकार जिलाधिकारी से मिलने उनके आवास पहुँच गए लेकिन वह भी वार्ता करने बाहर नहीं निकले. इससे आहत होकर पत्रकार वहीं धरने पर बैठ गए. रात्रि डेढ़ बजे सीओ हजरतगंज, इन्स्पेक्टर हजरतगंज तथा एसीएम पंचम मौके पर पहुंचे और पत्रकारों को कार्रवाई का आश्वासन दिया इसके बाद धरना समाप्त किया गया. पत्रकारों पर बढ़ते पुलिसिया ज़ुल्म के विरोध में आज शाम पत्रकारों का एक प्रतिनिधि मंडल मुख्यमंत्री से मिलने एनेक्सी पहुंचा. यहाँ सुरक्षाकर्मियों द्वारा पत्रकारों से धक्का मुक्की की गई. उसी समय मुख्यमंत्री एनेक्सी पहुंचे थे तथा गाडी से उतरकर लिफ्ट की ओर बढ़ रहे थे. पत्रकारों ने मुख्यमंत्री को जोर से आवाज़ दी. यह सुनकर उन्होंने अपने सुरक्षा स्टाफ से दो पत्रकारों को पंचम तल पर स्थित कार्यालय शिकायत सुनने के लिए बुलाया. मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पत्रकार हरि नाथ सिंह तथा पीड़ित जसवंत सोनकर से घटना की विस्तृत जानकारी लेकर कड़ी कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया.

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3 Comments

3 Comments

  1. अनिकेत

    June 16, 2014 at 7:17 am

    बिरादरी दगा दे गई दोस्‍तों, अच्‍छी खासी इंस्‍पेक्‍टर पर कार्रवाई होने जा रही थी, गैर जनपद तबादला,
    लेकिन तीन पाठ पढ़ाने वाले
    एक हिंदी अखबार के रिपोर्टरों आैर कुछ साथियों ने ही एक आला अधिकारी को कार्रवाई न करने के लिये कहा, बोला जब बड़े अखबार छापेंगे ही नहीं तो जानेगा कौन खैर जसवंत भाई से हमदर्दी

  2. Atul

    June 19, 2014 at 4:50 am

    लखनऊ पुलिस बेलगाम हो गयी है | बिरादरी संगठित ना हुई टी ऐसी घटना किसी के भी साथ हो सकती है | फिर कौन किसके किये खड़ा होगा | मैं भी पुलिसिया हादसे का शिकार हुआ हूँ पर किस्मत से निकल आया | बड़े बड़े बिरादरी के दिग्गजों से कुछ भी न हो सका |

  3. Gopalji

    September 24, 2015 at 1:47 pm

    “ना संभलोगे तो मिट जाओगे ऐ खबर नबीशो तुम एक दिन,
    तुम्हारी दास्ताँ भी ना मिलेगी किसी काले-पीले रंगीले अखबारों में।”
    वक़्त है कि अब भी संभल जाओ, बाज़ आ जाओ दलाली से।

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