Connect with us

Hi, what are you looking for?

Nighttime street scene with a large crowd of civilians and uniformed officers facing each other, suggesting a protest or crowd-control event on a city street.

दिल्ली

यशवन्त सिंह- रिपोर्ट चिंताजनक है। अजीत अंजुम और श्याम मीरा सिंह की रिपोर्ट्स बता रही हैं कि बहुत सारे ऐसे लोग आंदोलन में आ...

Man with curly hair and glasses in a blazer signs a notebook while holding two books at a busy indoor event. Man with curly hair and glasses in a blazer signs a notebook while holding two books at a busy indoor event.

सुख-दुख

सुशोभित- जेन-ज़ी के हावभाव, बोलचाल, नज़रिये, फ़लस्फ़े से मेरा थोड़ा-बहुत परिचय रहा है। इनमें से कुछ के मैं सम्पर्क में हूँ और कुछ जेन-ज़ी...

Close-up side profile of a man wearing brown-rimmed glasses looking downward. Close-up side profile of a man wearing brown-rimmed glasses looking downward.

टीवी

संजय सिन्हा- जेन जी ने हमें हमारी औकात बता दी! नमस्कार, मैं संजय सिन्हा आज अपनी ही बिरादरी का पोस्टमार्टम करने बैठा हूं। जिस...

दिल्ली

नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा का एक मिनट 37 सेकंड का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो...

दिल्ली

नवभारत टाइम्स दिल्ली के फीचर एडिटर रहे वरिष्ठ पत्रकार चंद्रभूषण को भी दिल्ली पुलिस ने आंदोलन की जगह जंतर मंतर से डिटेन किया था।...

Tweet by Ravish Kumar in Hindi criticizing Modi-linked media and democracy; dark Twitter UI with profile pic and timestamp. Tweet by Ravish Kumar in Hindi criticizing Modi-linked media and democracy; dark Twitter UI with profile pic and timestamp.

वेब-सिनेमा

अखिलेश आनंद- रवीश जी! बतौर पत्रकार मैं आपकी इज़्ज़त करता हूँ लेकिन हर पत्रकार को आपके गढ़े शब्द की वजह से बेइज़्ज़त होना पड़...

सुख-दुख

हिंदी के प्रख्यात जनवादी कथाकार रमेश उपाध्याय हमारे बीच नहीं रहे। वे पिछले कई दिनों से कोविड से संक्रमित थे और एक अस्पताल में...

महाराष्ट्र

मीडियाकर्मियों की वेतन कटौती बंद हो एनईयूआई ने लिखा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को पत्र महाराष्ट्र में लॉक डाउन के दौरान राज्य के पत्रकारों और...

सुख-दुख

चर्चाओं से दूर रहकर निरंतर लेखन करनेवाले, अपनी तरह के अनोखे कथाकार मंज़ूर एहतेशाम (3/4/1948-26/4/2021) नहीं रहे. उनका जाना हिन्दी जगत की बहुत बड़ी...

सुख-दुख

दैनिक जागरण मेरठ के वरिष्ठ पत्रकार कुशल खरे की मौत हुई। वह कोरोना संक्रमित थे। डॉक्टरों ने जो विदेशी इंजेक्शन लाने के लिए कहा,...

सुख-दुख

राकेश कायस्थ- सिस्टम को मोदी शब्द का पर्यायवाची बनाकर प्रधानमंत्री को गाली देना बंद कीजिये। व्यक्ति सिस्टम नहीं होता है। नरेंद्र मोदी 2014 में...

सुख-दुख

हेमंत शर्मा- क्या कहूँ ? नहीं कह पा रहा हूँ। क्यों कि दिमाग सुन्न है।बनारसी गायकी का एक नक्षत्र टूटा गया ।राजन जी उसी...

सुख-दुख

-श्रवण गर्ग हमारी ही जमात के एक सीनियर और किसी जमाने में साथ भी काम कर चुके पत्रकार ने हाल में एक विवादास्पद माँग...

सुख-दुख

साक्षी जोशी- चलिए भाई लोगकोविड से कोई मौत नहीं हो रहीऑक्सीजन की कोई कमी नहींअस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में बेड हैंदवाइयाँ हर किसी को...

प्रिंट

Sayed shahroz quamar- ऑस्ट्रेलिया के कार्टूनिस्ट डेविड रो के फाइनेंशियल-रिव्यू अख़बार में छपे इस कार्टून की हम घोर निंदा करते हैं। हम सरकार से...

टीवी

सुशील मानव- हम मोदी का नाम नहीं ले सकते जबकि सारा गंध उनका मचाया हुआ है, आप कितने शवों को मोड़ने से पहले देखना...

प्रिंट

रवीश कुमार- दैनिक भास्कर वही कर रहा है जो करना चाहिए।जब अपने ही पाठक बिना इलाज के मर जाएँ, उनका नाम मौत के आँकड़ों...

वेब-सिनेमा

अजित रॉय- यह सच है कि कोरोनावायरस के संकट काल में भारतीय फिल्म उद्योग को वेब सीरीज और ओटीटी मंचों ने बहुत राहत प्रदान...

सुख-दुख

राजेश प्रियदर्शी- बुरा वक़्त कैसा होता है यह अप्रैल का महीना हमें दिखा रहा है. बीबीसी की पुरानी साथी, ज़ोरदार पत्रकार और बेहतरीन प्रसारक...

सुख-दुख

भड़ास के संस्थापक यशवंत सिंह जो पिछले एक पखवाड़े से Covid-19 से लड़ रहे हैं, आज स्वास्थ्य लाभ न होने की वजह से नोएडा के चाइल्ड PGI अस्पताल मैं संचालित covid वार्ड में भर्ती हो गए हैं.

सुख-दुख

नवेद शिकोह- पवन मिश्रा भी गए…. मित्र, कलीग, भाई, शुभचिंतक.. जिनके साथ बरसों रिपोर्टिंग की। रेडियो-टीवी में साथ में काम किया। ज़िद करके मान्यता...

सुख-दुख

निर्मल कांत शुक्ला- उत्तर प्रदेश के रुहेलखंड डिवीजन और उत्तराखंड की पत्रकारिता में एक बड़ा नाम आशीष अग्रवाल, जिन्हें उनके सभी अपने अजीज “आशीष...

सुख-दुख

अनुराग द्वारी- ना मैं कभी अंध विरोधी रहा … भक्ति का तो सवाल नहीं है … लेकिन अब ये कहने में कोई गुरेज नहीं...

सुख-दुख

शीतल पी सिंह- ताविशी… आप उन्हें नहीं जानते ! मैं भी कितना जानता हूँ? पैंतीस छत्तीस बरस पहले लखनऊ के पत्रकारीय अड्डों, ख़ासकर तब...

सुख-दुख

हेमंत शर्मा- शर्मिंदा हूँ ताविषी जी ! हम आपको बचा नहीं पाए।आपको समय पर इलाज नही दिला पाए।चालिस बरस तक जिस लखनऊ में मुख्यधारा...

आवाजाही

कानपुर का चर्चित अखबार दीनार टाइम्स। इसको संपादक मनोज खरे ने बहुत जल्द ऊंचाइयों तक पहुंचाया। दिल्ली में रहने वाले मालिक गणेश टंडन अब...

सुख-दुख

अमित प्रकाश सिंह- अपने जमाने के गिनेचुने पत्रकारों में श्याम खोसला अब नहीं रहे।वे भाजपा समर्थक पत्रकार माने जाते थे ।अंग्रेजी में लिखते थे...

सुख-दुख

अवधेश कुमार- कोरोना को क्या मानें, कैसा व्यवहार करें… ना मैं डॉक्टर हूं न कोरोना विशेषज्ञ। सत्य है कि कोई डॉक्टर दुनिया में अभी...

टीवी

मनीष सिंह- डेस्परेट टाइम्स, डेस्परेट मेजर्स!! कांग्रेस ने अपना टीवी चैनल लॉन्च किया। फिलहाल डिजिटल, याने यूट्यूब वगैरह पर चलेगा, और बाद में शायद...

टीवी

आजतक न्यूज़ समूह के ग्रुप न्यूज़ डायरेक्टर सुप्रिय प्रसाद भी कोरोना की चपेट में आ गए हैं। चैनल के कुछ साथियों के संक्रमित होने...

सियासत

गिरीश मालवीय- मैं मानता हूँ कि इस बार बीजेपी की PR टीम की स्ट्रेटेजी में गडबड हो गयी …दरअसल टीवी न्यूज पर हमेशा की...

सुख-दुख

राणा यशवंत- बीती रात सुधीर का फोन आया. सुधीर यानी सुधीर कुमार पांडे. टीवी9 भारतवर्ष में काम करता है और छोटे भाई की तरह...

सुख-दुख

रवीश कुमार- धर्म की राजनीति का ध्वजारोहण देखती जनता, अस्पतालों के बाहर लाश में बदल रही है… अस्पताल और श्मशान में फ़र्क़ मिट गया...

सुख-दुख

गीताश्री- डरा नहीं रही हूँ. बस बता रही हूँ… डॉक्टर बता रहे कि उनके अस्पताल में बेड ख़ाली नहीं. वे मरीज़ों को बाहर से...

सुख-दुख

दीपांकर पटेल- मीडिया में काम करने वाले जब कोरोना की लाशें गिन रहें हैं तो उनका मन अंदर से खीझ रहा है. आस्थावान पत्रकार...

सुख-दुख

राजीव तिवारी बाबा- लड़ाकू पत्रकार साथी सच्चिदानंद गुप्ता उर्फ सच्चे कोरोना की भेंट चढ़ गये। बाबा सच्चे भाई की आत्मा को शांति और परिजनों...

आवाजाही

नवनीत चतुर्वेदी- अपॉइंटमेंट कमिटी ऑफ द कैबिनेट (ACC) जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री जी करते है और अन्य दूसरे मेंबर यहां गृह मंत्री होते है, इन्होंने...

सियासत

राकेश कायस्थ- पिछले साल का यही महीना था। माहौल भी कुछ ऐसा ही था। मुँह पर मास्क बाँधे प्रधानमंत्री देश से कह रहे थे...

-भड़ास तक अपनी बात, खबर, सूचनाएं, किसी खबर पर अपना पक्ष, लीगल नोटिस इस मेल के जरिए पहुंचाएं : [email protected]

-भड़ास दो दशक से भरोसे का नाम है. अगर खबर भेजने वाले अपने नाम पहचान को गोपनीय रखने का अनुरोध करते हैं तो उनकी निजता की रक्षा हर हाल में की जाती है और उनके भरोसे को कायम रखा जाता है.

-भड़ास की तरफ से किसी जिले में किसी भी व्यक्ति को नियुक्त नहीं किया गया है. कुछ एक जगहों पर अपवाद को छोड़कर. इसलिए अगर कोई खुद को भड़ास से जुड़ा हुआ बताता है तो उसके दावे को संदिग्ध मानें और पुष्टि के लिए भड़ास को मेल भेजकर पूछ लें.

विज्ञापन