पत्रकारिता विश्वविद्यालय में नियुक्तियों में गड़बड़ी पर कोर्ट ने नोटिस जारी कर जवाब माँगा

रायपुर : कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय में नियुक्तियों में गड़बड़ी को लेकर दायर याचिका की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने शासन से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने शासन और संबंधित पक्षकारो को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब माँगा है।

कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय में साल 2008 और 2011 में लिपिक स्टेनोग्राफ़र और असिस्टेंट प्रोफ़ेसर की भर्ती में नियमों का उल्लंघन किया गया, जिसे राजधानी के पत्रकार राहुल गिरी गोस्वामी ने अधिवक्ता योगेश्वर शर्मा के माध्यम से दो अलग अलग याचिका दाखिल कर नियुक्तियों को रद्द करने, जारी वेतन की वसूली कर संबंधितो पर क़ानूनी कार्यवाही की मांग किया था।

इसकी सुनवाई करते हुए न्यायाधीश गौतम भादुड़ी की सिंगल बेंच ने शासन और संबंधित पक्षकारो को नोटिस जारी किया है। पहले याचिका में लिपिक चंद्रशेखर शिवहरे और स्टेनोग्राफर अविनाश कार्डेकर द्वारा मध्यप्रदेश के निवासी होने के बाद छत्तीसगढ़ का फर्जी निवासी प्रमाण पत्र के द्वारा
नियुक्ति की गई।

वहीं दूसरी याचिका में विश्वविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफ़ेसर पंकज नयन पांडेय, आशुतोष मंडावी और नरेंद्र त्रिपाठी की नियुक्ति नियमो नियमो के विपरीत की गई, जिसे छत्तीसगढ़ लोक आयोग ने भी गलत ठहराया है। मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी।

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