आठ साल बाद एमपी सरकार पत्रकार पवन विद्रोही हत्याकांड पर गंभीर, फैसले की उम्मीद जागी

भोपाल : आठ साल बाद पत्रकार पवन विद्रोही हत्याकांड के अभियुक्तों को सजा दिलाने के लिए प्रदेश की भाजपा सरकार ने एनआईए के अभियोजन अधिकारी सुभाष भट्टाचार्य को विशेष अभियोजन अधिकारी नियुक्त किया है। गौरतलब है कि पवन और उनके वाहन चालक की 31 जुलाई 2007 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

वर्ष 2007 में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के तेजतर्रार पत्रकार पवन विद्रोही की नृशंस तरीके से हत्या की गई थी। घटना वाले दिन वह अपने ड्राइवर सरदार सिंह के साथ जेके रोड़ से गुजर रहे थे। उनके साथ आरोपी पार्टनर राजेन्द्र जैन और राजेश भी मौजूद थे। पवन और ड्राइवर पर फिल्मी स्टाईल से हमला हुआ था। साजिश में शामिल दोनों पार्टनर पवन और सरदार सिंह को घायल होने के बावजूद नजदीक के किसी अस्पताल नहीं ले गए। वह घटनस्थल से कई किलोमीटर नर्मदा अस्पताल पहुंचे तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी।

पत्रकार पवन विद्रोही हत्याकांड भोपाल पुलिस और सीबीआई जांच कर चार्जशीट कोर्ट में पेश कर चुकी है। इस मामले में पवन विद्रोही के तीन पार्टनर मुकेश जैन, राजेश जैन, राजेन्द्र जैन और उत्तर प्रदेश के शार्प शूटर जितेन्द्र सहित सात लोगों को अभियुक्त बनाया गया था। आठ साल गुज जाने के बाद भी इस घटना पर अभी तक अंतिम फैसला नहीं हो सका है। अब एनआईए के अभियोजन अधिकारी सुभाष भट्टाचार्य को प्रदेश सरकार ने इस मामले को अंजाम तक पहुंचानेकी जिम्मेदारी सौंपी है। 

अभियोजन अधिकारी ने मीडिया को बताया कि अब उनकी कोशिश होगी कि इस मामले की तेजी से सुनवाई कर दोषियों को इस साल के अंत तक सजा दिला दी जाए। इस मामले में जांच एजेंसियों ने 34 लोगों को गवाह बनाया था। अब इन सभी के बयान दोबारा अदालत में होंगे। मामले की अगली सुनवाई के लिए अदालत ने 21 अप्रैल की तारीख तय की है।

भड़ास व्हाट्सअप ग्रुप- BWG-10

भड़ास का ऐसे करें भला- Donate

भड़ास वाट्सएप नंबर- 7678515849

Leave a Reply

Your email address will not be published.

*

code