

मोहम्मदाबाद, गाजीपुर — भारत एक्सप्रेस न्यूज़ नेटवर्क के चेयरमैन एवं प्रधान संपादक श्री उपेन्द्र राय ने आज अष्ट शहीद इंटर कॉलेज में आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान कॉलेज को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता भेंट की। यह राशि विद्यालय परिसर में बनने वाले दक्षिणी दिशा के एक भव्य प्रवेश द्वार के निर्माण में खर्च की जाएगी। यह द्वार श्री राय की स्वर्गीय माता श्रीमती राधिका देवी की स्मृति को समर्पित होगा।
इस अवसर पर श्री राय ने स्वयं विधिवत रूप से शिलान्यास किया। भावनाओं से भरे इस पल में मंच से बोलते हुए श्री राय ने कहा,
“आज शब्द कम पड़ जाते हैं। मां सरस्वती की कृपा से मैं घंटों बोल सकता हूं, लेकिन आज मन मौन रहना चाहता है। जब कर्ता का भाव जुड़ता है, तो कर्म की पवित्रता कम हो जाती है।”
उन्होंने संत मलूकदास की पंक्तियां उद्धृत करते हुए अपने भावों को व्यक्त किया:
“माला जपो न कर जपो, जिभ्या कहूं न राम।
सुमिरन मेरा हरि करे, मैं पाया बिसराम।”
अपने विद्यार्थी जीवन को याद करते हुए श्री राय ने बताया कि वर्ष 1994 में आठवीं कक्षा पास करने के बाद उन्होंने इसी विद्यालय में 9वीं और 10वीं की शिक्षा प्राप्त की थी।
उन्होंने गांव के स्वतंत्रता सेनानी सीताराम बाबू का उल्लेख करते हुए कहा कि वे आठ गोलियां लगने के बावजूद जीवित रहे और उन्हें गांव का “जीवित शहीद” कहा जाता था।
“उन्होंने ज्ञानयज्ञ शुरू किया था और मैं उस यज्ञ का सबसे छोटा सहभागी बना,” श्री राय ने गर्व से कहा।
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए श्री राय ने भगवद गीता का संदर्भ देते हुए प्रेरणा दी:
“जब तक जीवन है, तब तक परीक्षाएं होंगी। और जब तक परीक्षाएं हैं, तब तक संघर्ष रहेगा। बिना संघर्ष का जीवन, जीवन नहीं होता। जो संघर्ष को अपनाता है, वही सच्चा योद्धा होता है।”
अपने उद्बोधन के अंत में उन्होंने इस उम्मीद के साथ बात समाप्त की कि अष्ट शहीद इंटर कॉलेज आने वाले वर्षों में ऐसे होनहार छात्रों को जन्म देगा जो न केवल समाज की दिशा बदलेंगे, बल्कि राष्ट्र सेवा में भी मिसाल कायम करेंगे।
गाजीपुर से सुजीत सिंह प्रिंस की रिपोर्ट.



