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इंडिया टीवी के रिपोर्टर पुष्पेंद्र की पिटाई का सच

पिछले दिनों मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में इण्डिया टीवी के रिपोर्टर पुष्पेंद्र वैद्य की पिटाई का मामला सुर्ख़ियों में रहा। लेकिन पुष्पेंद्र वैद्य की पिटाई क्यों की गई इस रहस्य से पर्दा उठना अभी बाकि है। इंदौर के असल पत्रकार इस प्रकरण को लेनेदेन का मामला मानते हैं और इससे पर्याप्त दूरी बनाये हुए हैं। इसके पीछे की वजह भी बड़ी साफ़ है की पुष्पेंद्र इंदौर में लंबे समय तक इण्डिया टीवी के रिपोर्टर  रहे हैं और उनकी कारगुजारियों से इंदौर के पत्रकार भलीभांति परिचित हैं। इस घटना के बाद इण्डिया टीवी ने भी इस मसले से अपने हाथ पीछे  खींच लिए हैं। भोपाल में बैठे नेशनल चैनल के एक रिपोर्टर जो खुद को मध्यप्रदेश का स्टार पत्रकार कहते हैं वो इस मामले को इसलिए तूल दे रहे हैं ताकि पुष्पेंद्र वैद्य से जुडी सच्चाई सबके सामने आ जाये और इण्डिया टीवी इन्हें बाहर का रास्ता दिखाए और ये महाशय इण्डिया टीवी में आमद दे सकें।

पिछले दिनों मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में इण्डिया टीवी के रिपोर्टर पुष्पेंद्र वैद्य की पिटाई का मामला सुर्ख़ियों में रहा। लेकिन पुष्पेंद्र वैद्य की पिटाई क्यों की गई इस रहस्य से पर्दा उठना अभी बाकि है। इंदौर के असल पत्रकार इस प्रकरण को लेनेदेन का मामला मानते हैं और इससे पर्याप्त दूरी बनाये हुए हैं। इसके पीछे की वजह भी बड़ी साफ़ है की पुष्पेंद्र इंदौर में लंबे समय तक इण्डिया टीवी के रिपोर्टर  रहे हैं और उनकी कारगुजारियों से इंदौर के पत्रकार भलीभांति परिचित हैं। इस घटना के बाद इण्डिया टीवी ने भी इस मसले से अपने हाथ पीछे  खींच लिए हैं। भोपाल में बैठे नेशनल चैनल के एक रिपोर्टर जो खुद को मध्यप्रदेश का स्टार पत्रकार कहते हैं वो इस मामले को इसलिए तूल दे रहे हैं ताकि पुष्पेंद्र वैद्य से जुडी सच्चाई सबके सामने आ जाये और इण्डिया टीवी इन्हें बाहर का रास्ता दिखाए और ये महाशय इण्डिया टीवी में आमद दे सकें।

इसी महीने के पहले रविवार को इंदौर के मॉडर्न मेडिकल कॉलेज के बाहर इण्डिया टीवी के रिपोर्टर पुष्पेंद्र वैद्य  की पिटाई  लगा दी गई। इण्डिया टीवी के क्रू में वैद्य के आलावा   कैमरामैन प्रदीप त्रिवेदी और ड्राइवर दीपक भी थे। कॉलेज की लू पोल के मसले पर  कॉलेज संचालक से उनका विवाद हो गया। पुष्पेंद्र वैद्य का आरोप है कि कॉलेज  संचालक डा रमेश बदलानी  और उसके बाउंसर ने उनकी टीम पर हमला कर कैमरा, मोबाइल, लैपटाप और कार की चाबी छीन ली, उनके साथ मारपीट कर उन्हें बंधक तक बनाया। मारपीट में उनकी रीढ़ की हड्डी तक डैमेज हो  गई। इस मामले में शुरू से ही पुष्पेंद्र वैद्य ने मनगढंत कहानी बनाई।

इस मारपीट के घटनाक्रम के बाद इण्डिया टीवी रिपोर्टर ने स्वयं 100 डायल पर फोन करके पुलिस को बुलाया और वो और उनका कैमरामैन पुलिस को घटनास्थल से दो किलोमीटर दूर मिले। अकेला उनका ड्राइवर दीपक और कार घटनास्थल पर थे जिसकी चाबी कॉलेज वालों ने निकालकर उसकी जमकर पिटाई की थी। ख़ैर इंदौर पुलिस ने मामला दर्ज कर पुष्पेंद्र वैद्य द्वारा बताये गए तीनों आरोपियों को तुरंत ही गिरफ्तार कर लिया। पुष्पेंद्र वैद्य रजत शर्मा के चैनल से जुड़ा है इसलिए पुलिस ने भी कुछ ज्यादा गति में काम किया। लेकिन इस मामले की जांच में पुष्पेंद्र वैद्य की बताई कहानी पुलिस के गले नहीं उतर रही है। पुष्पेंद्र के समर्थन में कुछ वो लोग सामने आये इंदौर में जिनकी छवि दलालों की है। इस कारण इंदौर का असल मीडिया इस सब से कन्नी काट गया।

इस घटना के बाद इस सब की जानकारी पुलिस से भी पहले पुष्पेंद्र वैद्य ने अपनी कंपनी इण्डिया टीवी को दी वहां भी चैनल प्रमुख हेमंत शर्मा ,अजीत अंजुम और राहुल चौधरी ने तय किया कि इस सिलसिले में कोई खबर और ब्रेकिंग और स्क्रॉल तक न चलाया जाए क्योंकि पुष्पेंद्र वैद्य का खुदका ट्रेक रिकॉर्ड ठीक नहीं हैं। यही नहीं अपने ही रिपोर्टर पर संदेह व्यक्त करते हुए कंपनी ने खुद अपने लेबल पर इस मसले की जांच भी शुरू कर पुष्पेंद्र वैद्य से पूछताछ शुरू कर दी। इस सब से बचने के लिए पुष्पेंद्र वैद्य ने एक अस्पताल में भर्ती होकर अपने कुछ फोटो सोशल मीडिया पर अपलोड किये ताकि इण्डिया टीवी और मध्यप्रदेश सरकार की सिम्पेथी हांसिल कर सकें।

पुष्पेंद्र वैद्य के मित्र और इंदौर में उनका काम देखने वाले सचिन शर्मा कहते हैं पुष्पेंद्र भैया को बैक बॉन में पिछले दस साल से प्रॉब्लम है। इण्डिया टीवी में भी इस बैक बॉन की समस्या के जरिये पुष्पेंद्र कई बार लीव ले चुके हैं। मध्यप्रदेश में इंदौर प्रेस क्लब और पत्रकारों के अन्य संगठनों का अलग ही रुतबा है। लेकिन पुष्पेंद्र की पिटाई के मसले पर सबने अपने हाथ खड़े कर दिए। इंदौर प्रेस क्लब के सूत्र कहते हैं पुष्पेंद्र वैद्य सांप -बिच्छू की ख़बरें करते रहे हैं ,उनकी छवि भी पत्रकार वाली नहीं है देवास से इंदौर और भोपाल तक उनके बारे में सब ,सब कुछ तो जानते हैं।

इंदौर के घटनाक्रम में भी जिस मेडिकल कॉलेज की खबर पर झगड़ा हुआ वो खबर बीसियों  लोगों ने प्रकाशित और प्रसारित की ,लेकिन किसी के साथ मारपीट नहीं हुई। इनके साथ ऐसा क्यों हुआ इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होना चाहिए। इण्डिया टीवी रिपोर्टर ने डॉ  रमेश बदलानी से क्या कह दिया कि बात मारपीट तक पहुँच गई।  इधर इंदौर में पुष्पेंद्र पिटे और उधर इण्डिया टीवी में नौकरी चाहने वाले भोपाल में खुद को स्टार रिपोर्टर बताने वाले पत्रकार सक्रिय  हो गए और इस उधेड़बुन में लग गए हैं कि पुष्पेंद्र की किस्से का खुलासा हो और इण्डिया टीवी वैद्य को बाहर करे और इनकी एंट्री इण्डिया टीवी में हो सके। इस घटना को लेकर वैद्य ने मुख्यमंत्री से लेकर पुलिस महानिदेशक तक को इन्डिया टीवी की और से पत्र लिखे हैं। जिस पर इस घटना की ख़ुफ़िया रिपोर्ट सरकार ने मंगाई है जिस में भी शक की सुई खुद इण्डिया टीवी रिपोर्टर पर है।

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