
संजय कुमार सिंह
आज के ज्यादातर अखबारों में नोएल टाटा को टाटा ट्रस्ट का प्रमुख बनाये जाने की खबर लीड है। अखबारों ने बताया है कि नोएल, रतन टाटा के आधे या सौतेले भाई हैं। उन्होंने कहा है कि वे टाटा समूह के संस्थापकों की विरासत को आगे बढ़ायेंगे। आइये देखें कि आज पहले पन्ने की और कौन सी खबरें हैं जिन्हें छोड़कर अखबारों ने एक कॉरपोरेट की खबर को लीड बनाया है। द टेलीग्राफ में भी नोएल टाटा की खबर लीड है। सेकेंड लीड है, संयुक्त राष्ट्र के पोस्ट्स (चौकियों) पर हमले को लेकर चिन्ता। इंडियन एक्सप्रेस में नोएल टाटा की खबर तो लीड हैं लेकिन लाओस सम्मेलन के साइड लाइन्स की खबर सेकेंड लीड है। शीर्षक है, ट्रुदेव ने कहा, मोदी से संक्षिप्त चर्चा हुई, उन कार्यों का उल्लेख किया जिन्हें किये जाने की आवश्यकता है। उपशीर्षक, सरकारी सूत्रों के हवाले से है। कोई ठोस वार्ता नहीं हुई, कनाडा को भारत विरोधी गतिविधियों पर कार्रवाई करना चाहिये। आज महादेव बेटिंग (जुआ) ऐप्प के सरगना, सौरभ चंद्राकर को भी गिरफ्तार किये जाने की खबर है। इसे भी लीड बनाया जा सकता था पर नोएल टाटा की खबर ने बाजी मार ली है।
इंडियन एक्सप्रेस में आज पहले पन्ने पर भारत में ईरान के राजदूत, इराज इलाही के इंटरव्यू का हिस्सा भी है। तीन कॉलम में छपी इस खबर का शीर्षक है, भारत ज्यादा सक्रिय हो सकता है, युद्धविराम, युद्ध की तीव्रता कम करने के लिए इजराइल को राजी कर सकता है। यही नहीं, ‘अबकी बार ट्रम्प सरकार’ वाले डोनाल्ड ड्रम्प इस बार फिर चुनाव लड़ रहे हैं और इंडियन एक्सप्रेस के पहले पन्ने की खबर के अनुसार चुनाव प्रचार में उन्होंने भारत पर निशाना साधा है और कहा है भारत ज्यादा शुल्क लेता है। टैरिफ किंग और ट्रेड एब्यूजर है तथा वे सत्ता में आये तो भारत के खिलाफ एक जवाबी टैक्स लगायेंगे। इन खबरों के जरिये मैं यह कहना चाहता हूं कि आज नोएल टाटा की खबर अगर वंशवाद को बढ़ावा देने वाली है तो उसे छोड़कर इन खबरों को लीड बनाया जा सकता था लेकिन अखबारों ने नोएल टाटा की खबर को ही प्राथमिकता दी है।
उदाहरण के लिए दि एशियन एज की आज की लीड नोएल टाटा की खबर नहीं है। एशियन एज की लीड खबर के अनुसार, प्रधानमंत्री ने वैश्विक शांति की अपील की है और कहा है, समाधान विकास है न कि युद्ध। दि एशियन एज़ में न सिर्फ लीड बाकी अखबारों से अलग है बल्कि तीन कॉलम की एक खबर उमर उब्दुल्ला की भी है। उन्होंने उपराज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा किया है और संभावना है कि वे जम्मू व कश्मीर के अगले मुख्यमंत्री होंगे पर यह खबर भी आज ज्यादातर अखबारों में पहले पन्ने पर नहीं है। खबर के अनुसार 53 विधायक नेशनल कांफ्रेंस का समर्थन कर रहे हैं। इससे कश्मीर में भाजपा के विरोध का पता चलता है और इसीलिए यह खबर आज कहीं लीड नहीं है। नोएल टाटा की खबर दि एशियन एज में आज सेकेंड लीड है। अखबार की खबर में यह तथ्य हाईलाइट किया गया है कि नोएल टाटा की शादी आलू मिस्त्री से हुई है जो दिवंगत सायरस मिस्त्री की बहन हैं जो शपूरजी पलोनजी परिवार की हैं। यह टाटा संस में अकेला सबसे बड़ा निजी शेयरधारक है और 18.4 प्रतिशत से ज्यादा होल्डिंग है।
हिन्दुस्तान टाइम्स ने नोएल टाटा की खबर को पहले पन्ने से पहले के अधपन्ने पर लीड बनाया है। इसी पन्ने पर एक खबर में बताया गया है कि तिरुचिरापल्ली से शारजाह के उड़ान भरने के बाद एयर इंडिया एक्सप्रेस की एक उड़ान में खराबी पाये जाने के बाद उसे वापस उतारने का फैसला किया गया और सुरक्षा कारणों से इससे पहले विमान का ईंधन खत्म करने के लिए वह 2.5 घंटे शहर के ऊपर उड़ता रहा। विमान में 140 लोग सवार थे और विमान सफलता पूर्वक उतार लिया गया। आज यह भी अपने किस्म की अनूठी खबर है। हालांकि, हिन्दुस्तान टाइम्स ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की खबर को ही लीड बनाया है। शीर्षक है – मोदी ने कहा, वैश्विक दक्षिण पर टकराव का अपना नुकसान हो रहा है। चार कॉलम की इस लीड के साथ तीन कॉलम की एक खबर का शीर्षक है, इसके साथ प्रधानमंत्री ने ब्लिंकेन से मुलाकात की और ट्रुदेव के साथ संक्षित चर्चा भी हुई।
मैं इन खबरों का उल्लेख यह बताने के लिए कर रहा हूं कि अखबारों ने इन खबरों को छोड़कर आज नोएल टाटा को टाटा संस का प्रमुख बनाने की खबर को लीड बनाया है। इस क्रम में आज की एक खबर यह भी है कि दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी के नाम दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल वाला बंगला ही आवंटित कर दिया गया है। इससे पहले लोक निर्माण विभाग ने इसे सील कर दिया था, मुख्यमंत्री को अपना सामान वापस ले जाना पड़ा था और यह तर्क दिया गया था कि बंगला मुख्यमंत्री के नाम आवंटित नहीं हुआ था और कायदे से मुख्यमंत्री के खाली करने के बाद उसे फिर नई मुख्यमंत्री के नाम आवंटित होना होगा आदि आदि। ऐसे में आम आदमी पार्टी ने यह आरोप लगाया कि भाजपा इस बंगले पर कब्जा करना चाहती है। यह तो दिख ही रहा था कि मुख्यमंत्री का बंगला मुख्यमंत्री को नहीं दिया गया। इसका एक कारण यह हो सकता था कि अरविन्द केजरीवाल पर भाजपा ने यह आरोप लगाया था कि उन्होंने उसपर भारी खर्चा किया है और अपने रहने के लिए उसे सरकारी खर्चे से महल बना दिया है आदि आदि। अखबारी बयान युद्ध के बाद मामला शांत हो गया था।
इसलिए मुख्यमंत्री ने जब इस्तीफा दे दिया तो उनके लिए उचित ही था कि वे मुख्यमंत्री का बंगला खाली कर देते। ऐसा ही हुआ पर भाजपा के दिल्ली के नेताओं ने इस पर विवाद खड़ा कर दिया और जब यह आशंका जताई जाने लगी कि ‘महलनुमा’ मुख्यमंत्री के सरकारी बंगले पर भाजपा कब्जा करना चाहती है तो आज यह बंगला फिर मुख्यमंत्री को ही आवंटित कर दिये जाने की खबर है और इतने दिनों का हल्ला-हंगामा बेमतलब रहा। हेडलाइन मैनेजमेंट में यह खबर आज पूरे विस्तार में लीड या टॉप बॉक्स हो सकती थी पर हिन्दुस्तान टाइम्स में सिंगल कॉलम में है। सेकेंड लीड महेन्द्र ऐप्प के सरगना के प्रत्यर्पण की खबर है। हिन्दुस्तान टाइम्स के पहले पन्ने की एक खबर रेल दुर्घटना की भी है। भाजपा सरकार जब यह प्रचारित कर रही है कि दुर्घटना कराने के लिए रेल पटरियों पर सरिये, पाइप और सिलेंडर आदि रख दिये जा रहे हैं तब यह खबर खास महत्व की है क्योंकि एक्सप्रेस ट्रेन ने मालगाड़ी को टक्कर मारी है और मानवीय भूल या परिचालन की लापरवाही का मामला हो सकता है। लेकिन मौतें नहीं हुई हैं इसलिए अखबारों ने इस खबर को आमतौर पर महत्व नहीं दिया है।
अमर उजाला में यह खबर टॉप पर पांच कॉलम में है। शीर्षक है, खड़ी मालगाड़ी से टकराई मैसूर-दरभंगा एक्सप्रेस, 12 डिब्बे बेपटरी। तमिलनाडु में हादसा, पार्सल बोगी में लगी आग, 10 लोग घायल, देर रात तक चलता रहा राहत और बचाव कार्य। हादसा रात 850 बजे तमिलनाजु के त्रिवल्लूर के पास हुआ। टाइम्स ऑफ इंडिया में यह सिंगल कॉलम की खबर है लेकिन घायलों की संख्या यहां 20 है। अमर उजाला में नोएल टाटा की खबर पहले पन्ने पर नहीं है। अमर उजाला में अगर रेल दुर्घटना को महत्व दिया गया है तो नवोदय टाइम्स में तकनीकी खराबी वाले विमान को सफलतापूर्वक उतार लिये जाने की खबर टॉप पर चार कॉलम में है। नवोदय टाइम्स की लीड का शीर्षक है, हरियाणा में 15 को नई सरकार। इसी के साथ सिंगल कॉलम की खबर में बताया गया है कि उमर अब्दुल्ला 16 को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। यहां पहले पन्ने पर एक खबर है, रतन टाटा के सौतेले भाई नोएल टाटा होंगे टाटा ट्रस्ट्स के नये चेयरमैन। ऐसे में अमर उजाला की आज की लीड का शीर्षक है, पश्चिम एशिया में जल्द बहाल हो शांति और स्थिरता, युद्ध समस्या का समाधान महीं नहीं : मोदी”।
टाइम्स ऑफ इंडिया में आज नोएल टाटा की खबर पांच कॉलम की लीड है। मुख्य खबर के साथ एक पुरानी फोटो छपी है जो रतन टाटा के पिता नवल टाटा के निधन के बाद 5 मई 1989 को अंतिम सरकार के समय की है। इस फोटो में रतन टाटा के साथ टाटा परिवार के दूसरे लोग हैं। अखबार ने कैप्शन में इनका परिचय देकर नोएल टाटा के बारे में बताने-समझाने की कोशिश की है। अखबार की सेकेंड लीड दिल्ली में आने वाले वाहनों से कनजेशन टैक्स लेने की योजना पर विचार की खबर है। पहले पन्ने की दूसरी खबरों में एक से बताया गया है कि रुपया 84 के निशान पर पहुंच गया है यानी एक डॉलर 84 रुपये का हो गया है। खबर के साथ बताया गया है कि दो महीने में यह 80 से 83 पर पहुंच गया था लेकिन एक रुपया बढ़ने में दो साल लगे। अखबार ने इसका कारण तेल की कीमतों में वृद्धि बताया है। वरिष्ठ पत्रकार विनोद कापड़ी ने कल इस खबर के साथ नरेन्द्र मोदी का एक पुराना वीडियो एक्स पर ट्वीट किया था। अंत में तालियों की गड़गड़ाहट के बीच चौबीस सेकेंड के इस वीडियो में नरेन्द्र मोदी यह कहते सुने जा सकते हैं, ये ऐसे नहीं होता है मित्रों। मैं शासन में बैठा हूं मुझे मालूम है। इस प्रकार से रुपया इतनी तेजी से गिर नहीं सकता है। अरे नेपाल का रुपया नहीं गिरता है, बांग्लादेश की करेंसी नहीं गिरती, पाकिस्तान की करंसी नहीं गिरती, श्रीलंका की करेंसी नहीं गिरती, क्या कारण है हिन्दुस्तान का रुपया पतला होता जा रहा है। ये जवाब देना पड़ेगा आपको, देश आपसे जवाब मांग रहा है। इस वीडियो से मुझे नरेन्द्र मोदी के पुराने तेवर याद आये। मीडिया और पत्रकारों का काम था कि वह आपको बताते कि नरेन्द्र मोदी विपक्ष में थे तो क्या कैसे बोलते थे। अब कैसे चुप रहते हैं लेकिन मीडिया को राहुल गांधी और कांग्रेस को बदनाम करने का काम मिला हुआ है। इसलिए वह अपनी तरफ से तो कुछ नहीं ही करता है। सरकार की तरफ से झूठ और कुतर्क भी प्रचारित करता रहता है। नरेन्द्र मोदी के इस भाषण के आलोक में आज यह खबर भी लीड हो सकती थी कि रुपया 84 के निशान पर चला गया है।


