उमेश कुमार-
अधिकारी एचसीएस सेमवाल शराब वितरण प्रणाली के खास विशेषज्ञ, बकौल आपके राज्य में कहीं भी ओवररेटिंग नहीं, सिर्फ उत्तराखंड छोड़कर. आपके द्वारा लगातार दावे किए जाते हैं कि राज्य में कहीं भी ओवररेटिंग नहीं है.
आपके दावों की पोल खोल अभियान के तहत ये पत्र आपको लिखा जा रहा है, दूसरी बात आप शराब में कितने डूबे हैं कि यही भूल गए कि देवभूमि देवी-देवताओं, ऋषि मुनियों के तप से बनी धरती है और यहाँ किए गए पाप का हिसाब-किताब यहीं होता है.
बहुत सारे नेताओं, अधिकारियों और पत्रकारों ने जब-जब इस राज्य के साथ खिलवाड़ किया या खिलवाड़ में सहयोग किया उनका हश्र आप इतिहास में जाकर खंगाल सकते है. आपने ऋषिकेश जैसी पवित्र जगह को भी नहीं छोड़ा, शर्म नहीं आई आपको?
आज ऋषिकेश में लोग शराब के ख़िलाफ़ संघर्ष कर रहे, पिट रहे हैं, मर रहे हैं और आप दूर बैठे हंस रहे हो? आपने ऋषिकेश में 6 दुकानें वितरित की है महाशय, जिनमें से चार दुकान एम्स और सीमा डेंटल कॉलेज और श्री वीरभद्र महादेव के नजदीक खोली गई हैं, बाकी की दो दुकान स्वर्गीय श्री इंद्रमणि बडोनी चौक पर बाहर से आने वाले चार धाम यात्रा के श्रद्धालुओं का स्वागत करती हैं, और मात्र कुछ मीटर की दूरी पर पौराणिक श्री वीरभद्र महादेव मंदिर तक को नहीं छोड़ा उनसे भी कुछ दूरी पर ही दुकान आवंटित कर दी.
खैर, अब ये जवाब दो की ऋषिकेश के बैराज पर वाइल्ड हॉक नाम की दुकान पर सरेआम दिनदहाड़े “ओवररेटिंग” कर रही दुकान को किसका संरक्षण है? बिना सरकारी संरक्षण और आपकी अति कृपा के तो ये संभव नहीं है। इस शराब की बॉटल (ऊपर) पर साफ़-साफ़ MRP लिखा है 245 रु और बिल काटा गया 255 रु का, ये दस रुपये का बँटवारा शाम को आप करने जाते हो या आपके गुर्गे? जवाब ज़रूर देना वरना मैं आपको छोड़ने वाला नहीं हूँ अब.

तीसरी बात जिनके पेट में मेरे पत्रों से दर्द होता है वो दवाई खा लें, और मेरी भाषा ऐसी ही है, मैं किसी पर जूता नहीं उठा रहा सार्वजनिक मंच के माध्यम से अपनी बात रख रहा हूँ। और जिन्हें मैं ब्लैकमेलर दिखता हूँ वो सारे मिलकर भी सरकारों-संरक्षण में मेरे ख़िलाफ़ एक सबूत नहीं ला सके और ना किसी कोर्ट से दोषी ठहराया गया.
जिन्हे मैं बलात्कारी दिखता हूँ वो ये बतायें उनकी माँ का किया या बहन का? और देश की किस अदालत में मेरे ख़िलाफ़ केस चल रहा है. आज तक उत्तराखंड के लोगों के अधिकारों की लड़ाई लड़ी है मैंने. जेल गया हूँ दो-दो राज्यों की ED, सीबीआई देशद्रोह झेले हैं मैंने, अपनी जलन में मेरे तप को नीचा मत दिखाया करो, और सुनो तुम्हारे जैसे कई हज़ार से आज भी लड़ने की ताक़त रखता हूँ, तब मैं अकेला था आज विधायक हूँ और खानपुर की जनता मेरे पीछे खड़ी है, तुम अधिकतर वही चेहरे हो जो कभी निशंक जी को तो कभी हरीश जी को तो कभी त्रिवेंद्र जी के पीछे भैजी-भैजी करते चापलूसी करते थे.
मैं बाबा बद्री-केदार की कसम खाकर कह सकता हूँ मैं इस राज्य के लिए पूर्ण समर्पित रहा हूँ चाहे इतिहास उठाकर देख लो जब भी कोई आपदा आई तो लोग घरों से नहीं निकले और मैं दिन रात पहाड़ों में रहा हूँ और आगे भी रहूँगा. अपने ख़ून की आख़री बूंद तक इस शहादत से बने राज्य के लिए बहा दूँगा.
क्रमश:


