सहारा के नोएडा कैंपस में मंगलवार को नाराज उप संपादकों और रिपोर्टरों ने सीईओ सुमित राय के चैम्बर के बाहर जमकर हंगामा किया। सेलरी न मिलने से उप संपादक उस समय उग्र हो गये जब सीईओ सुमित राय ने कहा कि वह केवल पांच लोगों से मिलेंगे, जबकि करीब दर्जन भर उप संपादक उनसे मिलने के लिए पहुंचे थे।
चैम्बर के बाहर खडे उप संपादकों ने कहा कि आपसे मिलना कोई जरूरी नहीं। आप सैलरी की तत्काल व्यवस्था करायें, अन्यथा अखबार का निरन्तर प्रकाशन संभव नहीं होगा।
सीईओ सुमित राय के चैम्बर के बाहर घेराव कर रहे उप संपादकों ने कहा कि अक्टूबर के बाद हम लोगों को अब तक केवल एक बार ही सैलरी मिली है। ऐसे में नियमित ड्यूटी कर पाना संभव नहीं है, क्योंकि जितनी सैलरी मिली है। उतना आने-जाने (ट्रांसपोर्टेशन) में खर्च हो गया है। ऐसे में दिल्ली जैसे शहर में रहना कठिन हो रहा है। अतः तत्काल सेलरी नहीं मिली तब तक विरोध स्वरूप हम लोग सिर्फ एक ही एडिशन का प्रकाशन करेंगे।
उप संपादकों और कर्मचारियों ने कहा कि एक तो वैसे भी उन्हें मात्र 70% सैलरी पिछले 10 सालों से मिल रही है। दूसरे 2013 के बाद सैलरी बढ़ाई भी नहीं गई है। अक्टूबर के बाद केवल एक बार अब तक सेलरी मिली है। ऐसे में आठ घंटे काम करना संभव नहीं हो पा रहा है। इसलिए जब तक सैलरी नहीं मिलेगी, तब तक हम लोग प्रतीकात्मक विरोध स्वरूप केवल एक एडिशन निकलेंगे। इसकी सारी जिम्मेदारी आपकी (सीईओ) मैनेजमेंट की होगी।
इस दौरान सीईओ सुमित राय चैम्बर में बैठे रहे और कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे पाये। इस बीच उनके चैम्बर के बाहर कुछ लोग यह कह कर जोर-जोर से बात करने लगे कि अपने 15-15 लाख साहब लोग सेलरी ले रहे हैं, और चाहते हैं कि हम लोग फ्री में काम करें। उप संपादकों के घेराव के कारण सहारा के सभी डाक संस्करण बिलम्ब से छूटे।
कल देर शाम तक जब सहारा के मीडियाकर्मी काम करने को लेकर तैयार नहीं थे तो देर शाम ऑफिस पहुंचे समूह संपादक विजय राय ने मीडिया कर्मियों को आस्वस्त किया कि वह कल प्रबंधन से सेलरी को लेकर बात करेंगे। इस आश्वासन पर किसी तरह से मीडिया कर्मी यह कहते काम पर लौटे कि जब तक सेलरी नहीं मिलती वह सिर्फ एक ही एडिशन (कंबाइंड एडिशन) का प्रकाशन करेंगे।
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