Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

उत्तर प्रदेश

अखिलेश सीएम बने तो इस एक आदमी की सबसे पहले बैंड बजायेंगे!

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दिवंगत मुलायम सिंह यादव की मूर्ति को एक्स पर साझा किया. इसमें लिखा था- “अगर आप कुम्भ मेले में जा रहे हैं तो इस देश के पीडीए के भगवान के दर्शन जरूर करें..” अखिलेश के इस ट्वीट पर महंत राजू दास ने बड़ी ओछी टिप्पणी की है, जिसपर कोई सामान्य व्यक्ति भी असहज हो सकता है. कहना गलत नहीं होगा कि यदि अखिलेश सत्ता में आते हैं तो सबसे पहले राजू दास की बैंड बजाई जाएगी. हालांकि, अखिलेश की तरफ से इसपर कोई पलटवार नहीं किया गया है, पर इसे लेकर सात बार के विधायक और पूर्व मंत्री ओम प्रकाश सिंह ने अपनी भावनाएं व्यक्त की हैं- नीचे पढ़ें…


ओम प्रकाश सिंह-

यह कानून के शासन और न्याय के प्रति डर की कमी हैं कि कोई व्यक्ति इतनी खुलेआम और बेशर्मी से भारत के सबसे बड़े राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री, केंद्रीय रक्षा मंत्री, और असंख्य समाजवादी व संविधान-प्रेमी लोगों के दिलों के नेता पर अपमानजनक और घटिया टिप्पणी कर सकें।

उत्तर प्रदेश पुलिस की ऐसी घटनाओं पर निष्क्रियता कानून के शासन के प्रति डर खत्म कर रहीं हैं।

यह न केवल एक व्यक्ति पर, बल्कि उस पद की गरिमा और हमारे लोकतांत्रिक संस्थानों पर भी सीधा हमला हैं, जो उन्होंने सुशोभित किया।

भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 153ए, 505(2) और 500 के अंतर्गत, ऐसी कोई भी हरकत या बयान, जो वैमनस्य, नफरत, या मानहानि को बढ़ावा देता हो, दंडनीय हैं।

एक पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी, विशेष रूप से यदि वह सार्वजनिक व्यवस्था को प्रभावित करती हैं या नफरत को बढ़ावा देती हैं, तो यह एक गंभीर अपराध हैं।

उत्तर प्रदेश पुलिस को इस गंभीर सामाजिक और कानूनी कदाचार के खिलाफ स्वतः संज्ञान (सुओ मोटो) लेना चाहिए।

ऐसे व्यक्ति को, जिसका एकमात्र उद्देश्य समाज के धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने को बिगाड़ना और कानून के शासन को कमजोर करना हैं, तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए।

कार्रवाई के लिए प्रासंगिक कानूनी प्रावधान:

  • धारा 153ए IPC – धर्म, नस्ल, जन्मस्थान आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच वैमनस्य को बढ़ावा देना।
  • धारा 505(2) IPC – सार्वजनिक शरारत और नफरत को भड़काने वाले बयान।
  • धारा 500 IPC – मानहानि, जिसमें एक सम्मानित नेता की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाना शामिल हैं।

इन प्रावधानों के तहत पुलिस को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए ताकि सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखी जा सके और न्याय सुनिश्चित हों सके।

इस घृणित कृत्य के लिए जिम्मेदार व्यक्ति को कानूनी कार्रवाई का सामना करना चाहिए ताकि लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों पर कोई और हमला न हों सकें।

देखें यह आपत्तिजनक स्क्रीनशॉट..

ग़ाजीपुर की जमानिया विधानसभा से 7 बार विधायक रहे ओम प्रकाश सिंह यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री भी रहे हैं और समाजवादी पार्टी के नेशनल सेक्रेटरी हैं.

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन