देहरादून | सहस्रधारा रोड पर प्लॉट बेचने के बहाने एक और धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़ित अवनीश कुमार जैन ने बताया कि उन्हें नोएडा निवासी राहुल मित्तल, जो टीवी चैनल इंडिया 7 के चेयरमैन के रूप में भी जाने जाते हैं, द्वारा प्लॉट खरीदने के नाम पर 4 लाख रुपये टोकन के रूप में हड़प लिए गए।
पीड़ित अवनीश कुमार जैन और राहुल मित्तल की पहली मुलाकात लगभग एक साल पहले हुई। नवंबर 2023 में, राहुल मित्तल ने दावा किया कि उनके पास सहस्रधारा रोड पर 200 गज का प्लॉट उपलब्ध है। जब अवनीश ने प्लॉट का निरीक्षण किया, तो उनमें इसे खरीदने की रुचि जग गई। उसी दौरान, राहुल ने बताया कि प्लॉट के कागजात घर पर ही छूट गए हैं, जिसके चलते प्लॉट के विक्रय की प्रक्रिया में थोड़ी देरी हो सकती है।
पीड़ित अवनीश जैन ने बताया कि उनके पास 4 लाख रुपये ट्रांसफर संबंधी डिटेल भी है। यह व्यक्ति खुद को मेरठ से सांसद अरुण गोविल का प्रतिनिधि भी बताता है और उनके नाम पर लोगों को अर्दब में लेता है।
टोकन भुगतान और धोखाधड़ी
पीड़ित ने इस आश्वासन के आधार पर प्लॉट खरीदने के लिए 4 लाख रुपये टोकन के रूप में दिए। दिसंबर 2023 में राशि का भुगतान करने के बाद, राहुल मित्तल ने बार-बार आश्वासन देते हुए भी न तो प्लॉट के कागजात भेजे और न ही भुगतान वापस करने की व्यवस्था की। समय-समय पर संपर्क करने पर भी आरोपी ने टालमटोल करते हुए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, जिससे पीड़ित अवनीश को धोखा महसूस हुआ।
पिछले धोखाधड़ी के मामलों का संदर्भ
यह मामला अकेला नहीं है। रिपोर्टों के अनुसार, राहुल मित्तल के खिलाफ पहले भी करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के आरोप दर्ज हैं। उनकी धोखाधड़ी की शैली में यह भी शामिल है कि वे अपने प्रभाव और प्रतिष्ठा को बढ़ाने के लिए बड़े मंत्रियों के साथ फोटो खिंचवाते हैं और यदि कोई उनके खिलाफ बोलने की हिम्मत करता है, तो धमकियां देकर उसे चुप कराने की कोशिश करते हैं।

पुलिस कार्रवाई और आगे की जांच
घटना की जानकारी मिलते ही प्रेमनगर पुलिस ने पीड़ित अवनीश कुमार जैन की शिकायत दर्ज कर ली है। नोएडा निवासी राहुल मित्तल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस द्वारा यह बताया गया है कि जल्द ही आरोपी की गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी। जांच के दौरान, पुलिस आरोपी से जुड़े अन्य धोखाधड़ी के मामलों की भी पड़ताल कर सकती है।



Sharad Tripathi
December 29, 2025 at 4:23 am
जिस तरह से इस तथाकथित खबर में अरुण गोविल जी का नाम उछाला गया है वो आपत्तिजनक है। 2022/23 की ये घटना है तब क्या अरुण गोविल सांसद भी थे? प्लेटफॉर्म पर चिपकाने से पहले थोड़ा संयम रख कर पद भी लिया जाना चाहिए। अब भड़ास बड़ा प्लेटफॉर्म है इसे निजी खुंदकों का अड्डा नहीं बना रहना चाहिए।