सीतापुर के पत्रकार राघवेंद्र बाजपेयी हत्याकांड को लेकर सूबे के मीडियाकर्मियों में नाराजगी पसरती देखी जा रही है। दैनिक जागरण ने अपने पत्रकार के समर्थन में खुलकर कवरेज किया है। वहीं दैनिक जागरण के जिलों में कार्यरत पत्रकार भी इस हत्याकांड को लेकर आवाज बुलंद कर रहे हैं। मृतक पत्रकार के समर्थन और बदमाशों की गिरफ्तारी की मांग पर किसने क्या कुछ कहा लिखा है? पढ़ें..
शिवा अवस्थी-
राघवेंद्र हत्याकांड से चित्रकूट का पाठा याद आ गया…कोल आदिवासियों के लिए हमने चलाई थी 56 दिन कलम। धमकियां मिलीं थीं डकैतों की, पर डटे रहे। प्रभु की छांव रही। योगी सरकार ने एक्शन लिया। डकैत खत्म हुए। नतीजा, चित्रकूटधाम के पाठा में बदलाव अब दिख रहे… नई बयार बह रही है।
वाकई आंचलिक पत्रकारिता कितनी कठिन है, इससे हम रूबरू हो चुके हैं, पूरी तरह वाकिफ भी हैं।
निर्भीक, साहसी व ईमानदार पत्रकार सीतापुर की महोली तहसील के दैनिक जागरण के प्रभारी राघवेंद्र वाजपेयी को कायरों के गोली मारने से ये बात फिर साबित हुई है। कर्म पथ पर वे बलिदान हो गए। राघवेंद्र की कलम की धार से तिलमिलाए सियारों ने ये दुस्साहस किया है। उनका इलाज तो होगा ही।
प्रदेश की योगी सरकार, उनका पुलिस-प्रशासन चुप नहीं रहेगा, ऐसा विश्वास है। राघवेंद्र व उनके स्वजन को न्याय मिलेगा.. पत्रकारों की सुरक्षा के लिए कानून व आयोग अलग से विशेष प्रावधानों समेत गठित होगा।

राघवेंद्र ने धान क्रय केंद्र पर गड़बड़ी व भूमि खरीद में स्टांप ड्यूटी चोरी का राजफाश करते हुए धारदार खबरें लिखीं। दैनिक जागरण में प्रकाशित खबरों का व्यापक असर हुआ। प्रशासन ने कई पर कार्रवाई की।
राघवेंद्र के परिवार पर दुख का पहाड़ टूटा है। ईश्वर सहनशक्ति दें…, विनम्र व अश्रुपूरित श्रद्धांजलि…
अतुल मिश्रा-
दैनिक जागरण सीतापुर तहसील के प्रभारी राघवेंद्र वाजपेई की निर्मम हत्या स्तब्ध करने वाली है। उन्होंने चोरों माफियाओं के खिलाफ अभियान चलाकर खबरें प्रकाशित की थी। उनकी दमदार पत्रकारिता के कारण कई लोगों पर कार्रवाई भी हुई।
बुजदिलों को कुछ नहीं सुझा तो उनकी हत्या करा दिया। यह घटना सभ्य समाज को कलंकित करने वाली है। योगी सरकार घटना में संलिप्त लोगों को फांसी की सजा दिलाए।
गलत तरीके से अर्जित की गई उनकी संपत्ति पर बुलडोजर चले। पीड़ित पत्रकार के परिवार को मुआवजा मिले। तभी पीड़ित पत्रकार के परिवार को आंशिक राहत मिल सकेगी। ॐ शांति।

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