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उत्तर प्रदेश

राघवेंद्र हत्याकांड से यूपी में पत्रकार सुरक्षा की असलियत सामने आई!

  • पत्रकार की हत्या से दहशत का माहौल, हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग
  • हत्यारों ने मारी तीन गोली, एक पीठ, सर व हाथ में लगी गोली
  • दिन दहाड़े हुई हत्या से दहशत का माहौल, कानून व्यवस्था पर उठा सवाल

बबलू महोली-

सीतापुर- जिले में कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है शनिवार को दिनदहाड़े एक युवा पत्रकार को बदमाशों ने गोलियों से भून दिया और फरार हो गए।

आपको बता दें कि महोली कस्बे के रहने वाले राघवेन्द्र बाजपेई दैनिक जागरण समाचार पत्र में संवाददाता थे। शनिवार दोपहर वह बाइक पर सवार होकर महोली से सीतापुर की ओर जा रहे थे। तभी थाना क्षेत्र के इमलिया सुल्तानपुर इलाके की हेमपुर क्रासिंग ओवरब्रिज पर अज्ञात बदमाशों ने उन्हें गोलियां मारीं और आसानी से फरार हो गए। घायलावस्था में उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

दिनदहाड़े हुई इस घटना से जिले की लचर कानून व्यवस्था की पोल खुल गई है। वहीं घटना के बाद काफी देर तक किसी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अस्पताल ना पहुंचने से पत्रकार आक्रोशित दिखे। पत्रकारों ने घटना खुलासे की मांग करते हुए दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की है।


राहुल मिश्रा-

सीतापुर। दैनिक जागरण के महोली तहसील प्रतिनिधि राघवेंद्र की हत्या साजिश कर कराई गई है। राघवेन्द्र शनिवार को महोली थाना दिवस से कवरेज कर अपने घर आए थे इसी बीच उनके फोन पर तहसील से किसी का फोन आया तो उन्होने अपनी पत्नी से तहसील जाने की बात कहते हुए घर से निकल गए। जैसे ही राघवेन्द्र बाजपेई हेमपुर ओवरब्रिज के पास पहुंचे हत्यारों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाना शुरु कर दिया।

कई राउंड चली गोलियां उसके सिर व पीठ पर लगी जिससे उससे मौके पर ही दम तोड़ दिया। राष्ट्रीय राजमार्ग पर दिन दहाड़े हुए हत्या दहशत का माहौल व्याप्त है। बेखौफ हत्यारों ने कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए कई गोलियां मारकर पुलिस को चुनौती दी है।

पत्रकार की हत्या की सूचना पाते ही विधायक शंशाक त्रिवेदी, पूर्व सपा विधायक व राष्ट्रीय सचिव अनूप गुप्त पूर्व प्रत्याशी विधान सभा प्रत्याशी महेन्द्र वर्मा, सहित पत्रकार आशीष बाजपेई, अरविंद मिश्रा, पंकज सिंह गौर, राहुल मिश्रा, महेन्द्र अग्रवाल, संदीप श्रीवास्तव सहित सैकड़ों पत्रकार जिला अस्पताल पहुंचे। आनन-फानन में चिकित्सीय प्रक्रिया पूर्ण कर देर शाम पीएम कराया गया।

घटना की सूचना पाते ही जिला अस्पताल पहुंचे अपर पुलिस अधीक्षक प्रवीण रंजन सिंह ने बताया कि पत्रकार के हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए टीम बना दी गई है जल्द ही हत्या का खुलासा किया जाएगा।

फोन खोलेगा हत्या का राज

राघवेन्द्र महोली थाना दिवस की कवरेज कर अपने घर गया था इसी बीच उसके फोन पर एक फोन आया। जिसके बाद वह तैयार होने लगा। परिजनों ने बताया कि फोन तहसील से आया था जिसके बाद उन्होंने जैकेट मांगते हुए कहा कि हो सकता है देर हो जाए इसलिए जैकेट पहन ले। पुलिस ने फोन को जब्त कर लिया है। फोन पर किसकी कॉल आई इसकी जांच की जा रही है। सूत्रों की माने तो फोन तहसीलदार सदर का आया था।

धान खरीद घोटाले से जुड़ी तो नहीं हत्या

महोली तहसील बीते कई वर्षों से धान खरीद में घोटाले का लेकर सुर्खियों में रहा है। करीब तीन साल पहले हुए धान खरीद की शिकायत मुख्यमंत्री से लेकर प्रमुख सचिव तक की गई थी। राघवेन्द्र अक्सर धान खरीद की खबर प्रकाशित किया करता था। परिवार के एक सदस्य के मुताबिक कुछ माह पूर्व उन्हें खबर न प्रकाशित करने की धमकी भी मिली थी। खबर रोकने के लिए कई बार प्रलोभन भी दिया था जिसे राघवेन्द्र ने ठुकरा दिया था। वही कुछ जमीनी विवाद की भी चर्चा हो रही है। सूत्रों की माने तो राघवेन्द्र के पास धान खरीद के जो दस्तावेज थे उनमें तहसीलस्तर से जुड़े कई अधिकारी फंस रहे थे। इसके साथ ही कई धान दलाल भी शिंकजे में थे।

महोली से पीछा कर रहे थे शूटर, मारी तीन गोली

राघवेन्द्र की हत्या करने के लिए शूटर महोली से पीछा कर रहे थे। शातिर शूटरों को यह पता था कि हेमपुर पुल के आस पास करीब दो किलोमीटर तक कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं लगे हैं। शूटरों ने पत्रकार को तीन गोलियां मारी एक सिर पर लगकर जबडे़ से निकलते हुए हाथ में जा फंसी और दूसरी पीठ पर मारी जो फेफड़ों में आकर फंस गई।

चला गया लाल अब कौन संभालेगा परिवार

राघवेन्द्र अपने परिवार का अकेला कमाऊ पूत था। उसके बड़े भाई का निधन करीब डेढ़ दशक पहले हो गया था। जिसके बाद उसके पिता बीमार रहने लगे थे। राघवेन्द्र के एक बेटा आराध्य उम्र 10 वर्ष बेटी अस्मिता उम्र 8 वर्ष की है। बूढे़ मां बाप सहित पूरे परिवार की जिम्मेदारी राघवेन्द्र पर थी। मामा की हत्या की खबर सुन भाई की तरह कई वर्षों से राघवेन्द्र के घर पर रह रहा भांजा नमन टूट सा गया। वह बार-बार मामा को देखकर रो रहा था। बेटा आराध्य को मालूम नहीं था कि उसके पिता के साथ क्या हो गया। रोता हुआ आराध्य बार-बार सबसे पूछ रहा था कि क्या हो गया है, मैं थोड़ी देर पहले पापा का फोन खेल रहा था उसी समय एक फोन आया और पापा फोन लेकर घर से निकल गए। बेटी अस्मिता सबको रोता देख खुद को संभाल नहीं पा रही थी। बूढ़े मां बाप सहित पत्नी बार-बार जिला अस्पताल में शव को देखकर बेहोश हो रही थी।

पत्रकारों में रोष, हत्यारों की गिरफ्तारी व मुआवजे की मांग

राघवेन्द्र की हत्या से पत्रकारों में रोष व्याप्त है। पूरे जिले में पत्रकारों ने हत्या की निंदा करते हुए हत्यारों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। इसके साथ ही पत्नी की नौकरी सहित एक करोड़ मुआवजे की मांग की है।

यूपी जर्नलिस्ट एसोसिएशन, नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट एशोसिएशन, श्रमजीवी पत्रकार संघ आदि संगठनों ने घटना की निंदा की है। यूपी जर्नलिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष महेंद्र अग्रवाल ने घटना की कड़े शब्दों में निदा करते हुए घटना के जल्द से जल्द खुलासे की मांग की है। वरिष्ठ पत्रकार राहुल मिश्रा, हिमांशु सिंह मोनू, नरेश मिश्रा, अनिल विश्वकर्मा, अशोक यादव, सन्दीप श्रीवास्तव, श्याम शुक्ला, अवनीश मिश्रा, अभिषेक सिंह, रविन्द्र सक्सेना, अनुराग शुक्ला, राजेश मिश्रा, पंकज सिंह आदि ने गहरा दुःख जताया है। पत्रकारों ने घटना की निंदा की है।


शाहजहांपुर | यूपी के जनपद सीतापुर में दैनिक जागरण के पत्रकार राघवेंद्र वाजपेई की गोली मारकर बेरहमी से हत्या करने वालों के खिलाफ कठोर कार्यवाही हेतु जनपद शाहजहांपुर के पत्रकारों ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी के नाम नगर मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा।

इस लिंक पर वीडियो देखें… शाहजहांपुर पत्रकार प्रदर्शन

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