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उत्तर प्रदेश

जीएसटी कमिश्नर की मौत पर विवाद, 350 से ज्यादा अफसरों ने छोड़ा ग्रुप, प्रमुख सचिव को हटाने की मांग, भारी विरोध

नोएडा | जीएसटी विभाग के डिप्टी कमिश्नर संजय सिंह की संदिग्ध हालात में मौत के बाद प्रदेश भर में आक्रोश फैल गया है। इस घटना को लेकर उत्तर प्रदेश टैक्स बार एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से प्रमुख सचिव जीएसटी एम. देवराज को हटाने की मांग की है। वहीं, संजय सिंह की पत्नी अपर्णा ने सरकारी तंत्र को उनके पति की मौत का जिम्मेदार ठहराया है।

काम के दबाव में थी संजय सिंह की मानसिक स्थिति खराब : पत्नी

अपर्णा सिंह ने कहा, “मेरे पति पर काम का अत्यधिक दबाव था, जिसकी वजह से उनका मानसिक तनाव लगातार बढ़ता जा रहा था।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संजय सिंह कैंसर से पीड़ित नहीं थे, बल्कि वह कैंसर सर्वाइवर थे। उनके चचेरे भाई धनंजय सिंह ने भी कहा कि संजय सिंह को करीब 10-11 साल पहले प्रोस्टेट कैंसर हुआ था, लेकिन वह पूरी तरह ठीक हो चुके थे।

सोमवार सुबह भी किया था आत्महत्या का प्रयास

पुलिस जांच में सामने आया है कि संजय सिंह ने सोमवार सुबह भी आत्महत्या का प्रयास किया था। बताया जा रहा है कि वह सोसायटी की रेलिंग के पास गए थे, लेकिन गार्ड और अन्य लोगों ने उन्हें रोक दिया, जिसके बाद वह वापस लौट आए।

एनसीआर में कर्मचारियों का प्रदर्शन, अंतिम संस्कार में उमड़ी भीड़

डिप्टी कमिश्नर संजय सिंह के अंतिम दर्शन के लिए नोएडा और गाजियाबाद के अधिकारी व कर्मचारी काली पट्टी बांधकर पहुंचे। सेक्टर 94 में उनका अंतिम संस्कार किया गया। होली के बाद जीएसटी अफसरों और कर्मचारियों ने सामूहिक अवकाश लेने का फैसला किया है।

गाजियाबाद में भी जीएसटी अधिकारियों और कर्मचारियों ने श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया। इस दौरान मौन रखा गया और शाम को कैंडल मार्च निकालकर संजय सिंह को श्रद्धांजलि दी गई।

काम के दबाव का विरोध, अधिकारियों ने छोड़ा वॉट्सऐप ग्रुप

जीएसटी अफसरों का कहना है कि संजय सिंह की मौत के पीछे अत्यधिक कार्यभार और शासन का दबाव है। अधिकारियों का आरोप है कि प्रत्येक अधिकारी पर प्रतिदिन 5 व्यापारियों को एमनेस्टी योजना से जोड़ने का लक्ष्य थोपा गया था और असफल होने पर निलंबन की धमकी दी जाती थी।

इस विरोध में राज्य कर विभाग के 350 से अधिक अधिकारियों ने वॉट्सऐप ग्रुप छोड़ दिया। इस ग्रुप में कुल 887 सदस्य थे, जिसमें विभाग के प्रमुख सचिव भी जुड़े थे।

नोएडा जीएसटी टीम ने काली पट्टी बांधकर की कार्रवाई

विरोध के बावजूद नोएडा जीएसटी विभाग के अधिकारियों ने काली पट्टी बांधकर कार्य किया। मंगलवार को विभाग की टीम ने एक कंपनी से एक करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला।

प्रदेशव्यापी विरोध की तैयारी

उत्तर प्रदेश वाणिज्यकर अधिकारी सेवा संघ ने निर्णय लिया है कि आने वाले दिनों में सभी अधिकारी और कर्मचारी काली पट्टी बांधकर काम करेंगे। इसके अलावा, प्रमुख सचिव जीएसटी एम. देवराज के खिलाफ प्रदेशव्यापी निष्पक्ष न्याय अभियान चलाने का भी ऐलान किया गया है।

आत्महत्या की खबर यहां पढ़ें…

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