अयोध्या में राम मंदिर के प्रसाद के नाम पर करोड़ों की ठगी ने साबित कर दिया कि अब श्रद्धा भी साइबर फ्रॉड का नया टारगेट है। अयोध्या पुलिस ने जिस ₹3.85 करोड़ के ऑनलाइन प्रसाद घोटाले का भंडाफोड़ किया है, उसमें भगवान राम का नाम इस्तेमाल कर सीधे-सीधे ‘डिजिटल भक्ति लूट’ रची गई।
मुख्य आरोपी अशीष सिंह, जो अब अमेरिका में रहते हैं, ने ‘खादिओर्गेनिक डॉट कॉम’ नामक वेबसाइट के ज़रिए लोगों को “मुफ़्त प्रसाद” देने का वादा किया। लेकिन इस ‘मुफ़्त’ प्रसाद की डिलीवरी में ₹51 से लेकर $11 तक की “डिजिटल भक्ति फीस” ली गई। कुल मिलाकर, श्रद्धालुओं से भावनात्मक लॉगइन करवा कर करोड़ों का ट्रांजैक्शन किया गया — वो भी डिजिटल गेटवे के जरिए।
और ये सब तब, जब जनवरी 2024 में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद पूरे देश में भक्ति का उफान था। आरोपी ने उस आस्था को ही सबसे बड़ा ट्रैफिक सोर्स बना लिया।
अब मामला पुलिस तक पहुंच चुका है, धारा 420, 66D और 120B के तहत केस दर्ज हो गया है। लेकिन असली सवाल ये है: जब रामलला के नाम पर भी ई-ठगी हो सकती है, तो फिर किसे “ऑनलाइन” माना जाए — भक्त या भोलाभाला शिकार?
जय श्री राम… और साथ में ओटीपी भी संभाल कर रखिए।
रवीश कुमार-
अयोध्या के लिए चारों दिशाओं से सड़कें जाती हैं। हवाई जहाज़ भी है। रेल गाड़ियाँ भी हैं। इतना सब होने के बाद भी प्रसाद के लिए ऑनलाइन ऑर्डर करने की बात समझ नहीं आती। ठगने वाला भी भारतीय है। उसका दिमाग़ देखिए। ऑनलाइन ऑर्डर पर प्रसाद वितरण का आइडिया लाँच करता है और लोग करोड़ों रुपये उसकी झोली में भर देते हैं। ऐसे फ्राड का ठिकाना नहीं। ग़नीमत है कि ऑनलाइन बकरी डिलिवर नहीं कर रहा वर्ना लोगों को वह इसमें भी ठगता। पुलिस ने इस फ्राड को पकड़ा, यह भी तारीफ़ की बात है।
ऐसे फ्राड चारों तरफ भर गए हैं। लोगों को सतर्क होने के लिए सुपर कंफ्यूटर होना होगा। इस तरह के फ्राड के मामले में धरपकड़ की रफ़्तार तेज़ करनी होगी लेकिन
इसमें समय लगता है। कई लोग मेरी आवाज़ से चैनल बनाने का धंधा कर रहे हैं। ग़लत है। मेरी आवाज़ और तस्वीर लगाकर दवा भी बेची जा रही है। आप लोग ऐसे ठगों से सावधान रहें। अगर मेरी आवाज़ और तस्वीर के साथ कोई दवा बेच रहा है तो सौ फीसदी वो दवा न ख़रीदें। और दवा लेनी है तो डॉक्टर से पूछें। मैं कौन सा डॉक्टर हूँ। दवा की स्पेलिंग भी नहीं जानता। सब कुछ आप ही को करना है। ठगे भी जाएंगे आप, सतर्क भी रहेंगे आप। बाकी जो ठग रहा है वह मौज कर रहा है।
प्रभाकर कुमार मिश्रा-
हे भगवान! भगवान के प्रसाद के नाम पर घोटाला! अब तो अवतार लो प्रभु! समय आ गया है!!



