Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

टीवी

न्यूज़ चैनलों के अच्छे रिपोर्टरों ने दलाल एंकरों और संपादकों को दे दिया टका-सा जवाब- “हम रिपोर्टिंग करने जंतर मंतर नहीं जाएँगे!”

एक गोदी चैनल के अब तक 8 पत्रकारों ने जंतर मंतर को कवर करने से इनकार कर दिया है। उनका एंकरों से कहना है कि दलाली आप लोग करते हो और ज़लील हमे होना पड़ता है ग्राउंड पर। अब गोदी चैनल सिर्फ न्यूज एजेंसी और सोशल मीडिया फीड दिखा रहे हैं।

-सौमित्र रॉय


प्रभात डबराल-

ये एंकर जंतर-मंतर क्यों नहीं जा रहे? टीवी चैनलों में काम कर रहे संपादक स्तर के “चर्चित” पत्रकारों / एंकरों को आपने खास खास अवसरों पर फील्ड रिपोर्टिंग करते हुए देखा होगा.

अभी पिछले दिनों अयोध्या में भी ऐसे ही जगमग एकंर लाइव रिपोर्टिंग करते दिखे थे. लेकिन जंतर मंतर पर इन एंकर/एंकरनियों के दर्शन नहीं हुए.

वैसे तो गोदी मीडिया के नाम से मशहूर इन बड़े बड़े चैनलों ने जंतर मंतर पर पचीस दिन से चल रहे धरना/ अनशन को कमोबेश इगनोर ही किया लेकिन जब कवरेज भी की तो नये नये बच्चों को रिपोर्टिंग के लिए भेजा.

क्या इसलिए कि ये इवेंट महत्वपूर्ण नहीं था, या इसलिये कि डर लग रहा था कि वहां गये तो गालियाँ पड़ेंगी. ऐसा डर तो हमें तब भी नहीं लगा था जब नब्बे के दशक में हम दूरदर्शन में काम करते थे.


जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर लाठीचार्ज हुआ, इतना बुरी तरह की भगदड़ मच गयी, आंसू गैस छोड़े, कुछ युवाओं को टांग कर जाने कहां ले जाया गया इस बर्बरता पर मीडिया वालों को जरा भी तकलीफ़ नहीं हुई। एक पुलिस वाले को जरा सी चोट लग गई तो मीडिया वालों को बहुत तकलीफ़ हो गयी। लगे चिल्लाने कि वर्दी पर खून, वर्दी पर खून। ये वर्दी वाले कितने मजबूर हैं बेचारे, कि जिनसे उनकी कोई दुश्मनी नहीं उनपर लाठी चला रहे हैं। शायद इस प्रदर्शन में उसके अपने मामा चाचा, भाई और उनके बच्चे भी आये होगें। पर पापी पेट का सवाल है लाठी नहीं चलायेंगे आंसू गैस नहीं छोड़ेंगे तो नौकरी जा सकती है।

-शालिनी श्रीनेत

Pahad Ki Dada: Hill Mail Uttarakhand
CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन