परमबीर सिंह-
जमुई की घटना ने शर्मसार कर दिया! बिहार के जमुई से सामने आया वायरल वीडियो देखकर सच में खून खौल उठता है। आखिर हम कैसा समाज बना रहे हैं, जहां किसी लड़की की निजता और सम्मान को तार-तार करने में भी कुछ लोगों को शर्म नहीं आती?
सबसे ज्यादा डराने वाली बात यह है कि वीडियो के बैकग्राउंड में रंगदारी वाला भोजपुरी गाना बज रहा है। अगर वीडियो में दिख रहा युवक ही इसे रिकॉर्ड या वायरल करने वाला है, तो सवाल सिर्फ अपराध का नहीं, बल्कि उस मानसिकता का भी है जो ऐसे घिनौने कृत्य पर शर्मिंदा होने के बजाय उसे दिखावा और शान समझती है।
किस बात का गुरूर है? किस बात की रंगदारी है? किस बात का दबंगई है? किसी बेटी की अस्मत और निजता से खिलवाड़ मर्दानगी नहीं, घटियापन है। यह घटना सिर्फ एक लड़की के खिलाफ अपराध नहीं है। यह हमारे पूरे समाज के सामने एक आईना है। अगर हम आज भी चुप रहे, तो कल किसी और बेटी की बारी हो सकती है।
प्रशासन से मांग है कि वायरल वीडियो की गंभीरता से जांच हो, आरोपियों की पहचान कर तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाए और पीड़िता की पहचान व निजता की पूरी तरह सुरक्षा की जाए।
ऐसे लोगों को यह साफ संदेश मिलना चाहिए… बेटियों की इज्जत से खिलवाड़ कर बच निकलने का दौर खत्म होना चाहिए।
सम्राट के बिहार में कोई सेफ़ नहीं है भाई! जमुई में एक कपल के साथ जबरदस्ती किया गया, लड़की के प्राइवेट पार्ट को टच किया और उठाकर ले जा रहे थे वो तो बॉयफ्रेंड ने पकड़ा नहीं तो क्या होता भगवान जाने और लोग वहां खड़े तमाशा देख रहे थे आज वीडियो वायरल नहीं होता तो FIR भी नहीं होता। इनके राज्य में कौन सुरक्षित है? व्यापारी, नेता, आम जनता, कपल कोई नहीं बिहार को क्राइम स्टेट बना दिया है।
-ब्रजेश

सुरेंद्र प्रताप यादव-
अभी एक वीडियो देखा, जिसमें लड़की के साथ कुछ लोगों ने जो किया, उसे देखकर मैं सन्न रह गया। बताया जा रहा है कि यह वीडियो बिहार के जमुई का है। रात के समय एक युवक और युवती सुनसान जगह पर खड़े थे, तभी कई लड़के वहां पहुंचकर दोनों को चारों तरफ से घेर लेते हैं।
इसके बाद भीड़ में मौजूद एक लड़का लड़की को पीछे से पकड़ता है, उसे जबरदस्ती उठाकर अपने साथ ले जाने लगता है। लड़की घबराकर खुद को छुड़ाने की कोशिश करती नजर आती है।
इस दौरान आसपास खड़े कुछ लोग उसे बचाने के बजाय पूरी घटना का वीडियो बनाते रहते हैं। कुछ देर बाद साथ मौजूद युवक लड़की को किसी तरह उस लड़के से छुड़ाता है। इसके बाद दोनों बाइक पर बैठकर वहां से निकल जाते हैं।
किसी को सोशल पुलिसिंग के नाम पर इतना गंदा व्यवहार करने का अधिकार इन लोगों को किसने दे दिया ऐसे लोगों पर कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए तभी ऐसे लोगों को अक्ल आएगी..! बिहार पुलिस से निवेदन है इन हैवानों की परेड जरूर निकालिए।
रंजन यादव-
जमुई का वीडियो अभी ध्यान से देखा. वीडियो में जो कुछ दिखाई दे रहा है, वह निश्चित रूप से विचलित करने वाला है. लेकिन इस पूरे घटनाक्रम में एक बात विशेष रूप से ध्यान खींचती है, उस लड़के और लड़की, दोनों का साहस और प्रतिरोध.

लड़का उम्र में बहुत छोटा है, लेकिन जिस तरह उसने अपने सामने हो रही अभद्रता के खिलाफ खुद को मजबूती से खड़ा किया, वह महत्वपूर्ण है. उसने डरकर वहां से भागने या तमाशबीन बने रहने का रास्ता नहीं चुना. जब लड़की के साथ अभद्र व्यवहार किया जा रहा था, तब उसने शांत रहकर सब कुछ सहते रहने के बजाय उसका प्रतिरोध किया और सामने खड़ा हुआ.
लड़की ने भी जिस तरह निडरता दिखाई, वह उल्लेखनीय है. किसी भी महिला के साथ अभद्रता हो और वह उसके खिलाफ आवाज उठाए, अपने सम्मान के लिए खड़ी हो, यह समाज के लिए एक जरूरी संदेश है.
सोचिए, अगर वह लड़का उस समय डरकर पीछे हट जाता, वहां से चला जाता या सिर्फ तमाशा देखता रहता, तो शायद उन लोगों का दुस्साहस और बढ़ जाता. कई बार अपराधियों का साहस इसलिए बढ़ता है क्योंकि उन्हें लगता है कि सामने कोई प्रतिरोध करने वाला नहीं है.
यह घटना हमें लड़कों और पुरुषों की सामाजिक जिम्मेदारी पर भी सोचने को मजबूर करती है. किसी महिला की सुरक्षा और गरिमा की रक्षा केवल महिलाओं की जिम्मेदारी नहीं हो सकती. हर पुरुष को यह समझना होगा कि किसी महिला के साथ सार्वजनिक रूप से अभद्रता, छेड़छाड़ या अपमान हो रहा हो, तो चुपचाप खड़े रहना समाधान नहीं है. अपनी क्षमता और परिस्थिति के अनुसार उसका विरोध करना और मदद के लिए आगे आना भी हमारी जिम्मेदारी है.
हर लड़के को यह संस्कार मिलना चाहिए कि महिला का सम्मान किसी एहसान का विषय नहीं, बल्कि समाज की बुनियादी जिम्मेदारी है. किसी महिला की गरिमा पर हमला हो तो वह अकेली न महसूस करे, उसके साथ खड़े होने वाले लोग मौजूद हों.


DIWAN SINGH BISHT
September 22, 2026 at 6:52 am
फर्क क्या पड़ता है ? रिपोर्ट लिखी जाएगी, इस बीच नेता लोग पक्ष और विपक्ष के अपने नेतागिरी झड़ने लगेंगे, पुलिस रिश्वत खायेगी, वकील अपना जेब भरेंगे, लास्ट में अदालत में जज साहब कहेंगे की सबूतों के आभाव में आरोपी पर दोष साबित नहीं होता तो इनको सा-सम्मान रिहा किया जाता है | ये अपराधी फिर कोई महिला का रेप करेंगे फिर से यही कहानी दोहराही जाएगी और बाद में कोई न कोई पार्टी इनको सपोर्ट करेगी ही , और देखा जाय तो ये हमारे भविष्य के नेता हैं भाई | जनता जाए भाड़ में। .. हमारा सिस्टम ही ख़राब है। .. महिला के रिश्तेदारों ने उन आरोपी के घर वालों को जहाँ देखो वही पर काट देना देना चाइये। … पुलिस और न्यायालय और सरकार के भरोसे रहोगे तो कभी जीने नहीं देंगे। … कानून सिर्फ आम जनता पर राज करने के लिया है आप लोगों का सिर्फ शोषण ही किया जाता है। … जहाँ देखो काट दो। … सिर्फ आपको सजा देगी ये सिस्टम। … अगर दो चार लोग ये करेंगे तो फिर सायद अपराधियों के हिम्मत नहीं होगी। … जज कहेगा ये तो नाबालिग है। .. नेता कहेंगे लड़के हैं गलती हो जाती है। …
सिर्फ देश के लिए वफादार रहो , किसी नेता, पार्टी, या सिस्टम के लिए नहीं। ..
जय हिन्द। .. जय भारत