अलीगढ़ के टप्पल क्षेत्र के जट्टारी कस्बे में एक अल्ट्रासाउंड सेंटर पर कथित तौर पर खुद को हरियाणा का जांच अधिकारी बताकर निरीक्षण करने और रुपये मांगने का मामला सामने आया है। सेंटर संचालक अवधेश कुमार की शिकायत पर टप्पल पुलिस ने चार नामजद पत्रकारों समेत 4-5 अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
सूत्रों के अनुसार, नामजद आरोपियों में सुंदर सिंह (भारत समाचार), मोहित गुप्ता (TV9 भारतवर्ष), प्रकाश सिंह (भारत एक्सप्रेस) और सुनीता बघेल (हिंदुस्तान तहलका) के नाम शामिल हैं। शिकायत में इनके अलावा 4-5 अज्ञात लोगों का भी उल्लेख किया गया है।
शिकायत के मुताबिक, 19 सितंबर को दोपहर करीब एक बजे 8-9 लोग वाहनों से जट्टारी स्थित पुष्पांजलि क्लीनिक एवं अल्ट्रासाउंड सेंटर पहुंचे। आरोप है कि वहां मौजूद लोगों ने खुद को हरियाणा से आए जांच अधिकारी बताया और सेंटर का निरीक्षण शुरू कर दिया।
सेंटर संचालक के मुताबिक, इस दौरान स्टाफ से हर महीने 5 लाख रुपये देने की मांग की गई। शिकायत में आरोप है कि रुपये नहीं देने पर सेंटर बंद कराने की धमकी दी गई। स्टाफ ने जब मौके पर मौजूद लोगों से पहचान-पत्र मांगे तो कथित तौर पर उनके साथ गाली-गलौज और बदसलूकी की गई।
शिकायत के अनुसार, कथित रूप से निरीक्षण करने पहुंचे लोग जाते समय एक पर्ची पर अपने नाम और मोबाइल नंबर लिखकर गए। उन्होंने अगले दिन तक रुपये का इंतजाम करने और फोन पर इसकी जानकारी देने के लिए कहा। शिकायत में सेंटर बंद कराने के साथ जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
घटना के समय सेंटर संचालक अवधेश कुमार वहां मौजूद नहीं थे। रिसेप्शनिस्ट विकास ने उन्हें पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। संचालक का कहना है कि सेंटर में लगे सीसीटीवी कैमरों में मौके पर पहुंचे लोगों की गतिविधियां, उनके वाहन और चेहरे रिकॉर्ड हुए हैं।
टप्पल पुलिस ने शिकायत के आधार पर सुंदर सिंह निवासी खैर बाईपास, मोहित गुप्ता और प्रकाश सिंह निवासी महुआखेड़ा तथा सुनीता बघेल निवासी किशनपुर, क्वार्सी समेत अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ BNS की धारा 308(2), 318(4), 351(3) और 352 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
मामले की जांच सब-इंस्पेक्टर मृणाल गुप्ता कर रहे हैं। पुलिस की जांच में शिकायत में लगाए गए आरोपों, कथित पहचान और मौके पर मौजूद लोगों की भूमिका की पुष्टि की जानी है।
यह मुकदमा पुलिस में दर्ज शिकायत और आरोपों के आधार पर है। आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी। संबंधित आरोपियों का पक्ष सामने आने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाना चाहिए।








