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आयोजन

नीरजा मोदी स्कूल को सम्मान देकर ‘टाइम्स नाउ’ भी 9 साल की बच्ची अमायरा के साथ हुए अन्याय का भागीदार बन गया!

Woman in a red sari holding a trophy in front of a large 'EDUCATION SUMMIT' banner at an event.

नई दिल्ली/जयपुर। एक तरफ Times Now ‘इंडियन एजुकेशन समिट एंड अवार्ड्स 2026’ में देश के उन स्कूलों और शिक्षण संस्थानों को सम्मानित किया, जिन्हें शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव और नवाचार का वाहक बताया जा रहा है, दूसरी तरफ इसी आयोजन में नीरजा मोदी स्कूल को सम्मान दिए जाने पर सवाल खड़े हो गए हैं।

सवाल इसलिए गंभीर है क्योंकि इसी स्कूल में नवंबर 2025 में 9 साल की छात्रा अमायरा की मौत हुई थी। अमायरा स्कूल की चौथी मंजिल से नीचे गिरी थी। उसके परिवार ने स्कूल में लंबे समय से परेशान किए जाने और शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होने के आरोप लगाए थे। बाद में सामने आए सीसीटीवी फुटेज को परिवार ने अपनी शिकायतों के समर्थन में पेश किया। जुलाई 2026 में सामने आए फुटेज को लेकर परिवार का दावा था कि घटना से पहले अमायरा ने मदद के लिए कई बार गुहार लगाई थी।

मामला सिर्फ आरोपों तक सीमित नहीं रहा। CBSE ने विस्तृत जांच के बाद 30 दिसंबर 2025 को नीरजा मोदी स्कूल की सीनियर सेकेंडरी स्तर तक की संबद्धता तत्काल प्रभाव से वापस ले ली थी। बोर्ड ने स्कूल में अनिवार्य बाल-सुरक्षा मानकों के गंभीर उल्लंघन पाए और कहा कि स्कूल को ऐसे असुरक्षित माहौल में संबद्धता जारी रखना उचित नहीं है।

CBSE की कार्रवाई में स्कूल को नए दाखिले लेने और कक्षा 9 तथा 11 में विद्यार्थियों को प्रमोट करने से भी रोका गया था। कक्षा 10 और 12 के विद्यार्थियों को 2025-26 की बोर्ड परीक्षाएं उसी स्कूल से देने की अनुमति दी गई थी, जबकि कक्षा 9 और 11 के विद्यार्थियों को दूसरे स्कूलों में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया गया था।

अमायरा की मौत के तुरंत बाद घटनास्थल को साफ किए जाने का मामला भी सामने आया था। पुलिस जब स्कूल पहुंची तो जिस जगह बच्ची गिरी थी, वहां सफाई हो चुकी थी और खून के स्पष्ट निशान नहीं मिले थे। बाद में इस पर सवाल उठे कि आखिर पुलिस और फॉरेंसिक जांच से पहले घटनास्थल को क्यों साफ किया गया।

मामले में पुलिस ने बाद में स्कूल के मालिक सौरभ मोदी, प्रिंसिपल इंदु दुबे और क्लास टीचर पूनीता शर्मा समेत लोगों को आरोपी बनाया। जुलाई 2026 में जयपुर की अदालत ने पुलिस की चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए मामले को आगे की सुनवाई के लिए बाल अदालत भेज दिया।

ऐसे में Times Now के शिक्षा सम्मान पर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या किसी शिक्षण संस्थान को सम्मानित करने से पहले उसके खिलाफ हुई गंभीर आधिकारिक कार्रवाई और बाल-सुरक्षा से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की गई थी?

जिस स्कूल के मामले में देश के सबसे बड़े स्कूली शिक्षा बोर्ड ने गंभीर सुरक्षा उल्लंघनों के आधार पर संबद्धता वापस ली, उसी संस्थान को शिक्षा के क्षेत्र में सम्मान मिलना स्वाभाविक रूप से सवाल खड़े करता है।

यह भी सवाल Times Now से पूछा जा रहा है कि क्या आयोजन की चयन प्रक्रिया में स्कूलों के सुरक्षा रिकॉर्ड, नियामकीय कार्रवाई और लंबित आपराधिक मामलों को कोई जगह दी गई थी? अगर दी गई थी, तो नीरजा मोदी स्कूल को सम्मान के लिए किस आधार पर चुना गया?

अमायरा अब इस दुनिया में नहीं है। लेकिन उसके मामले में उठे सवाल अभी खत्म नहीं हुए हैं। ऐसे में शिक्षा के नाम पर आयोजित किसी बड़े सम्मान समारोह में उस स्कूल को मंच मिलना, जिसके खिलाफ CBSE ने इतनी गंभीर कार्रवाई की थी, अपने आप में जवाब मांगने वाला मामला जरूर है।


Award trophy featuring a gold plaque reading 'Education Summit 2026 National Edition' presented to Neerja Modi School, with a gold statue standing beside the plaque.

शॉकिंग।
प्रिय TimesNow,
क्या आपको पता है कि नीरजा मोदी स्कूल वही स्कूल है, जहां 9 साल की अमायरा ने आत्महत्या कर ली थी, क्योंकि उसके शिक्षकों ने उसकी लगातार की गई शिकायतों को नजरअंदाज किया था?
क्या आपको यह भी पता है कि घटना के बाद स्कूल ने सबसे पहले फर्श साफ करवा दिया था?
क्या आपको मालूम है कि गंभीर सुरक्षा उल्लंघनों के चलते CBSE ने कक्षा 9 से 12 तक स्कूल की संबद्धता रद्द कर दी थी?
अगर आपको इन सब बातों की जानकारी थी और इसके बावजूद आपने इस स्कूल को सम्मानित करने का फैसला किया, तो आप भी उन कई लोगों की तरह अन्याय के भागीदार हैं।
-आशुतोष रंका, सीजेपी प्रवक्ता

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