नई दिल्ली। उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मंगलवार, 27 अक्टूबर को पत्रकार आशुतोष नेगी से पूछताछ की। नेगी उन लोगों में शामिल हैं, जिन्होंने इस मामले में केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने की मांग की थी। CBI ने उन्हें दिल्ली स्थित अपने मुख्यालय में तलब किया था। एजेंसी फिलहाल हत्याकांड में कथित तौर पर शामिल किसी अज्ञात ‘VIP’ की भूमिका और मामले से जुड़े सबूतों को छिपाने या नष्ट करने के आरोपों की जांच कर रही है।
उत्तराखंड के समाचार पोर्टल ‘जागो उत्तराखंड’ के संपादक आशुतोष नेगी ने CBI के समन को उत्पीड़न बताया है। समन में कहा गया था कि मामले से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों का पता लगाने के लिए उनसे पूछताछ करने के उचित आधार हैं।
नेगी ने ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ से बातचीत में कहा कि कथित VIP की भूमिका की जांच करने के बजाय CBI उन लोगों से पूछताछ कर रही है, जो अंकिता के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं।
अंकिता के लिए CBI जांच की मांग करने वालों में थे नेगी
19 वर्षीय अंकिता भंडारी उत्तराखंड के पौड़ी जिले में स्थित वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करती थीं। 18 सितंबर 2022 को वह लापता हो गई थीं। कुछ दिन बाद उनका शव बरामद हुआ। इस घटना के बाद पूरे उत्तराखंड में विरोध प्रदर्शन हुए और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठी।
आशुतोष नेगी उन शुरुआती लोगों में शामिल थे, जिन्होंने उत्तराखंड हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर मामले की CBI जांच कराने की मांग की थी। हालांकि, हाई कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी।
मार्च 2024 में उत्तराखंड पुलिस ने हत्याकांड की जांच को लेकर उनकी रिपोर्टिंग के सिलसिले में उन्हें गिरफ्तार किया था। बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी।
तीन दोषियों को उम्रकैद, अब कथित VIP की भूमिका की जांच
अंकिता भंडारी की हत्या के मामले में वनंतरा रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और उसके दो कर्मचारियों सौरभ भास्कर तथा अंकित गुप्ता को 30 मई 2025 को कोटद्वार की अदालत ने दोषी ठहराया था। तीनों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।
हालांकि, अंकिता के माता-पिता मामले में किसी प्रभावशाली व्यक्ति यानी कथित VIP की भूमिका की जांच की मांग करते रहे हैं। हाल में सोशल मीडिया पर वायरल हुए कुछ ऑडियो और वीडियो क्लिप के बाद यह मांग फिर तेज हो गई। इन क्लिप में कथित तौर पर एक VIP की भूमिका का जिक्र होने के दावे किए गए हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
अंकिता के माता-पिता की मांग के बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने CBI जांच की सिफारिश की थी। इसके बाद एजेंसी ने फरवरी 2026 में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया।
CBI की FIR में कहा गया है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित ऑडियो, वीडियो और अन्य सामग्री में कुछ अज्ञात व्यक्तियों के हत्याकांड से जुड़े होने के आरोप लगाए जा रहे हैं। FIR में यह भी कहा गया है कि तीन आरोपियों को हत्या के मामले में दोषी ठहराए जाने के बावजूद सोशल मीडिया और अन्य मंचों पर मामले से जुड़े कुछ सबूतों को छिपाने या नष्ट करने के आरोप सामने आए हैं।
पत्रकार से पूछताछ के बाद फिर उठे सवाल
अंकिता भंडारी हत्याकांड में तीन दोषियों को सजा मिलने के बावजूद कथित VIP की भूमिका का सवाल अब भी जांच के दायरे में है। इसी सिलसिले में CBI पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर और अभिनेत्री उर्मिला सनावर से भी पूछताछ कर चुकी है। सनावर ने सोशल मीडिया पर ऐसे ऑडियो और वीडियो प्रसारित किए थे, जिनके आधार पर कथित VIP की भूमिका को लेकर आरोप लगाए गए।
आशुतोष नेगी से पूछताछ के बाद मामले में जांच एजेंसी की भूमिका और उसकी प्राथमिकताओं पर भी चर्चा हो रही है। नेगी का कहना है कि न्याय की मांग करने वालों से पूछताछ करने के बजाय कथित VIP की भूमिका की जांच पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
अंकिता हत्याकांड में अब सबसे अहम सवाल यही है कि कथित VIP की भूमिका और सबूतों को छिपाने के आरोपों की जांच में क्या सामने आता है। CBI की जांच से ही स्पष्ट हो सकेगा कि वायरल ऑडियो-वीडियो में किए गए दावों में कितनी सच्चाई है और क्या इस मामले में दोषी ठहराए गए तीन लोगों के अलावा किसी अन्य की भूमिका भी थी।



