नौकरी से निकाले जाते ही नाकाबिल महिला पत्रकार ने चरित्र हनन का खेल शुरू किया

महिलाओं को लेकर जो तगड़े और मजबूत कानून बने हैं, उसका कई महिलाओं ने खुलकर दुरुपयोग करना शुरू कर दिया है. इसी कड़ी में एक न्यूज चैनल से खबर है कि एक नाकाबिल महिला रिपोर्टर को नौकरी से हटाने के बाद उस महिला रिपोर्टर ने एक मेल भेजकर एडिटर इन चीफ के खिलाफ चरित्रहनन का खेल शुरू कर दिया. इस महिला रिपोर्टर की भर्ती पूर्व वाले एडिटर इन चीफ ने की थी और इन महोदया पर काफी कृपा दृष्टि भी रखते थे. उन्होंने अपनी नौकरी जाने से पहले महिला रिपोर्टर को मुंबई भेज दिया ताकि वहां उसकी नौकरी सुरक्षित रही.

इस बीच जब कास्ट कटिंग और नाकाबिल लोगों को निकालने का काम शुरू हुआ तो प्रबंधन की दृष्टि इस मोहतरमा पर भी गई. उन्हें नोएडा मुख्यालय बुलाया गया और कई तरह के काम दिए गए. एसाइनमेंट से लेकर आउटपुट तक और रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क का काम. जब हर कहीं वह असफल हो गईं तो उन्हें निकालने की तैयारी हुई. इस बीच इन मोहतरमा ने चैनल के मालिक को ऐसे ऐसे मैसेज भेजे जिसे पढ़कर खुद इनके चरित्र पर शक पैदा हो जाता है. एक मैसेज में लिखा- ”माई बेबी, हेल्प मी.”

मजेदार ये है कि इन महिला रिपोर्टर ने गुपचुप ढंग से डीडी न्यूज में नौकरी सेट कर काम भी शुरू कर दिया. सबको पता है कि सरकारी चैनलों में नौकरी किस किस किन किन तरीकों से मिला करती है. सो, इनके आका ने इन्हें डीडी न्यूज पहुंचा दिया ताकि जलवा कायम रहे और भौकाल बना रहे. जब नई नौकरी की जानकारी चैनल को मिली तो महिला रिपोर्टर को हटाए जाने की फाइनल प्रक्रिया शुरू हो गई, क्योंकि बिना बताए नई जगह नौकरी करना विश्वासघात और धोखा है.

आका यानि पुराने एडिटर इन चीफ की असीम कृपा के कारण नई नौकरी मिलने और आका की तरफ से भरपूर शह-प्लानिंग मिलने के कारण ये महोदया उग्र हो गईं और सबक सिखाने के मूड में आ गईं. सो, एक से बढ़कर एक एक्शन करने में जुट गईं. ये महिला रिपोर्टर कई बार एडिटर इन चीफ के कमरे में जाकर बिना बात की बात करने और बेवजह झगड़ने की कोशिश करने लगीं, उकसाने लगीं, आरोप लगाने लगीं और इस बातचीत, मीटिंग, संवाद को रिकार्ड करने लगीं. पर एडिटर इन चीफ ने ऐसी साजिशों के मद्देनजर पहले से ही यह पालिसी बना ली थी कि जब भी किसी महिला रिपोर्टर से बात करो तो साथ में दो अन्य सीनियर महिला कर्मियों को भी बिठाए रहो. सो, इनकी दाल नहीं गल पाई और वो स्पेस नहीं मिल सका जिससे ये ‘यौन शोषण’ का खेल खेल पातीं. हालांकि इन मोहतरमा ने हर तरह से साक्ष्य जुटाने, भड़काने, उकसाने, आरोप लगाने के लिए पूरा भरपूर प्रयास किया लेकिन मुंहकी खानी पड़ी क्योंकि नए एडिटर इन चीफ को इसकी आशंका पहले से ही थी. 

जब इन मोहतरमा को चैनल के एचआर की तरफ से नौकरी से हटाए जाने का नोटिस मिला तो उन्होंने तुरंत एक जवाबी मेल कर चैनल के मालिक से लेकर एडिटर इन चीफ तक पर कई आरोप लगा दिए. इस मेल के जवाब में एचआर ने एक मेल लिखकर उन मोहतरमा को आइना दिखाया लेकिन वो आइना क्यों देखें जब उनके पीछे पुराने एडिटर इन चीफ का साथ हो, हाथ हो. ज्ञात हो कि पुराने एडिटर इन चीफ इन दिनों भयंकर बेरोजगारी काट रहे हैं और फिल्म डाक्यूमेंट्री टाइप की चीजें बनाने की बात कहकर मार्केट में स्पेस तलाश रहे हैं. इन पूर्व एडिटर इन चीफ महोदय का इतिहास रहा है एंकरों लड़कियों रिपोर्टरों को पटाना और मनोरंजन करना. ऐसे ही एक चक्कर में इन्हें शादी तक करने को मजबूर होना पड़ा. ये महोदय हैबीचुवल बवाली हैं और लड़कियों पत्नियों के माध्यम से ब्लागरों पत्रकारों संपादकों पर मुकदमे आदि कराया करते हैं. नीचे वो मेल पढ़िए जो एचआर ने चरित्र हनन की कोशिश करने पर नाकाबिल महिला रिपोर्टर को मेल किया है….

Dear …

To answer the points raised by you, whenever there has been any meeting with the CEO, HR Head and Editor Input were present during those meetings and there has been no issue of bad intentions.

You were transferred from Mumbai to Noida on the account of your performance not being upto the mark. You got a chance for Anchoring in which it was found that you have fumbled which is why the decision of your Anchoring was reversed by the management. It was noted by the desk that your news writing was not upto the mark which has been verbally told you and a mail in this regard was sent by output and assignment to HR.

It was also noted you were freelancing with DD on which HR has sent you show cause notice as well.

In reporting whatever story you gave, it was already out on other channels or newspapers because of which output and assignment sent  a mail that they cannot fit you into reporting. During the meetings, you have tried to divert the issue when told about the performance.

In this mail, your questions have been against the CEO and it is a pure character assassination but why was this issue not raised before. You have also mentioned about ….. that she abused or mishandled you but the truth is that she felt that you were recording the conversation and hence asked you to show her your phone. If any of you below mentioned points are true, kindly provide the proof/recording to HR on immediate basis.

Warm Regards
HR



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Comments on “नौकरी से निकाले जाते ही नाकाबिल महिला पत्रकार ने चरित्र हनन का खेल शुरू किया

  • naam me kya rakha ha says:

    khapdi ne news express mei dalalo aur randiyo ki fauz khadi kar li thi. prasoon ji pichhwaade pe maar ke sabhi ko sahi jagah pahucha rahe hain. esi se khapdi tilmilaya hai aur apni cheli ke jariye kutniti kara raha hai, gande aarop lagwa kar. shame shame khapdi.. ab to baaz aa jaawo be.. kitna paap karoge.. bahuto ki aah tumhe lagi hai aur ye aah tumhe le dubegi. teri personal life nast ho jaayegi jaldi hi..

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  • ye ladki jaha bhi rahi, kewal jack source sifarish ki dam par rahi. khapdi sala ladkiyo ko fasakar unhe naukri promotin ke nam par use karta hai. achchha kiya jo esko nikla diya. ye ladki bhi khapdi ki tarah jhoothe aarop lagane mei maahir lagti hai. khapdi ne yashwant par jhoothe aarop laga kar fasaya aur ab khapdi ki ye cheli prasoon ji jaise nek sachche ensaan ko fasana chah rahi hai. lekin prasoon sava sher hain. tabhi to es chhichhori ke daaw ulta pad gaya aur khud safayi dete ghum rahi hai. ese kehte hain natural jusice,. ka re khapadiya saale…. ab bol..

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  • नवीन भोजपुरिया says:

    खपड़िया हरामी था साला, लौंडियाबाजी करना और साजिश रचना उसकी फितरत में शामिल है। फर्जी कहानी गढ़वा कर भड़ास के यशवंत जी को फंसा कर महीनों जेल में रखवाया। ऐसे पापी को उसके पाप की सजा तो मिलनी ही थी। देखते हैं कौन उसे रखता है अपने न्यूज चैनल में। अब केवल टोटल टीवी, चैनल वन, साधना न्यूज, सुदर्शन न्यूज जैसे थर्ड ग्रेड चैनल ही उसे अपना मैनेजिंग एडिटर और सीईओ बनाएंगे।

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  • पृथक says:

    पुराने एडिटर इन चीफ इन दिनों भयंकर बेरोजगारी काट रहे हैं और फिल्म डाक्यूमेंट्री टाइप की चीजें बनाने की बात कहकर मार्केट में स्पेस तलाश रहे ====राष्ट्रिय पुरूस्कार ले उड़ा भाई

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