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दैनिक भास्कर के एमडी सुधीर अग्रवाल, नेशनल हेड एलपी पंत समेत आधा दर्जन पत्रकारों पर लगा POCSO

राजस्थान के उदयपुर और बीकानेर में दैनिक भास्कर के करीब आधा दर्जन संपादकों-पत्रकारों के खिलाफ अलग-अलग दो एफआईआर दर्ज होने का मामला सामने आया है. पहली एफआईआर में इन सभी लोगों को पॉक्सो केस की एक पीड़िता की पहचान उजागर करने का आरोपी बनाया गया है, इसके बाद दूसरा मुकदमा जो बीकानेर में दर्ज हुआ है उसकी कहानी एडवोकेट गोवर्धन सिंह से जुड़ी हुई है.

दरअसल, एडवोकेट की पत्नी मामले में पीड़िता के पक्ष में कमप्लेनेंट हैं. जिस कारण भास्कर के लोगों ने पहले तो एडवोकेट गोवर्धन को अपने पाले में लेने की कोशिश की, लेकिन जब वे नहीं माने तो उनके खिलाफ अपमानजनक खबरें प्रकाशित करने लगे. अधिवक्ता द्वारा इस बात की शिकायत कोर्ट में की गई. जिसपर कोर्ट के आदेश से भास्कर प्रबंधन के इन जर्नलिस्टों पर दूसरा मुकदमा धारा 195A IPC के तहत दर्ज किया गया है.

एडवोकेट गोवर्धन सिंह भड़ास से हुई बातचीत में कहते हैं, “दैनिक भास्कर ने पूरे राजस्थान के सभी एडिशन में फ़्रंट पेज पर यह ख़बर छापी है अगर इतने साइज़ का विज्ञापन हमको देना होता तो शायद 35 लाख रुपये से ज़्यादा ख़र्च होता, विज्ञापन तो कोई देखता भी नहीं है लेकिन ख़बर सभी पढ़ते हैं…भास्कर मालिक को POCSO के मुक़दमे ने काफ़ी दर्द दिया है…आगे यह मामला अभी और विस्तार ले सकता है.”

देखें नाम जिनपर हुआ मुकदमा
दैनिक भास्कर के प्रबंध निदेशक सुधीर अग्रवाल, नेशनल हेड एलपी पंत, राजस्थान संपादक मुकेश माथुर, नवीन शर्मा ब्यूरो तीफ बीकानेर, बीकानेर संपादक पीयूष मिश्रा, अपराध संपादक मनमोहन अग्रवाल व एक अन्य के खिलाफ बीकानेर के थाना सदर में मुकदमा संख्या- 206/2024 की धारा 228A, 74 व 23 आईपीसी में एफआईआर दर्ज की थी. मामला दर्ज होने की तारीख 4 मई 2024 है.

एडवोकेट गोवर्धन सिंह के यह वीडियो देखें उसके बाद नीचे पढ़ें एफआईआर की कॉपी…

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1 Comment

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  1. एक आम आदमीं हूँ मुझे ना उससे मतलब ना बाक़ी भास्कर के पत्रकारों से मतलब.. पर सच्चाई यह है कि गोवर्धन सिंह पत्रकार नहीं बल्कि लोगों को फ़र्ज़ी तरीक़े से फँसा कर वसूली करने वाला गुंडा है। यह सरकारी कर्मचारियों और बिज़नेसमैनो को अपनी पत्रकारिता के दम पर डरा कर अवैध वसूली करता है। जो इसको पैसे नहीं देता है उसके ख़िलाफ़ विभिन्न प्रकार की आरटीआई लगाता है और विजलेंस डिपार्टमेंट में शिकायतें करता है। इस धरती पर जब एक लाख नीच लोग मरे थे तब यह एक महानीच पैदा हुआ था । ऐसे घटिया लोगों के फ़ेवर में लिख कर भड़ास की इमेज ही ख़राब होगी…आप खबर लिखने से पहले अपने सोर्स से वैरिफाई करे…

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