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लल्लनटॉप की इस रिपोर्टर ने अपनी जान पर खेलकर भी रिपोर्टिंग जारी रखी!

सिद्धार्थ अरोड़ा-

ये नेहा हैं, ललनटॉप की ऑन ग्राउन्ड रिपोर्टर हैं।

Reporter in red with glasses speaks into a handheld mic on a city street, police officers and pedestrians in the background.

सबसे पहले तो इनके जज़्बे को सलाम कि इन्होंने अपनी जान पर खेलकर भी रिपोर्टिंग जारी रखी। ये राजीव चौक पर जमा हुए स्टूडेंट्स से बाइट्स ले रही थीं।

हर एक स्टूडेंट यही बता रहा था कि ये पीसफुल प्रोटेस्ट है फिर पुलिस लाठी चार्ज क्यों कर रही है?

दो-तीन ने अपने हाथ पाँव भी दिखाए जहाँ लाठी का निशान बना था। प्रोटेस्ट पीसफुल है और हम संसद की तरफ़ जाने की कोशिश कर रहे हैं, प्लस हमें प्रधान एण्ड प्रधानमंत्री का इस्तीफा चाहिए, ये हर स्टूडेंट के मुँह से निकलते शब्द थे।

एक बिचारे की ये भी डिमान्ड थी कि उसका स्टूडेंट लोन रिजेक्ट हो गया है, और किसान को जो क्रेडिट कार्ड मिला है, वो उसका पैसा भर नहीं पा रहे हैं, इसलिए वो लोन माफ़ कर दे सरकार।

बहुत सारे लड़के वहाँ मुँह पर रुमाल बाँधे हुए थे। कैमरा देखते ही एक लंबे बाल वाले ने रुमाल हटा दिया, वो बोला “मैं कोलकाता से आया है, ये पीसफुल प्रोटेस्ट है, हमें इस आदमी को हटाना है। ये लोग तानाशाही कर रहे हैं। देखो पुलिस ने हमें मारा। हम पीसफुल प्रोटेस्ट कर रहे हैं फिर भी हमें मारा जा रहा है” चोट का निशान दिखाने के लिए इस बांग्ला भाषी ने आसपास खड़े एक लड़के का हाथ आगे कर दिया कि देखो, यहाँ चोट लगी है।

नेहा और उनके कैमरामैन अमितोष इसे कवर करने ही लगे थे कि अचानक दो धमाके हुए, RAF गाड़ी से आँसू गैस के गोले छोड़े गए। तभी नेहा और उनके आसपास खड़े लड़कों पर लाठियाँ बजने लगीं। नेहा घबरा गईं, चिल्लाईं।

तभी राजीव चौक के चौक की तरफ़ से भयंकर पत्थरबाजी होने लगी। ऐसा लग रहा था जैसे स्टोनएज से हमला हो गया हो। पुलिस ने बदले में और आँसू गैस के गोले दागे। नेहा घबरा गईं, साँस बटोरने लगीं। उनका हाथ कांपने लगा, एक के बाद एक पत्थर गिरते देख उनके मुँह से हाँफते हुए निकला “ये प्रोटेस्ट जो भी हो, पीसफुल तो नहीं है”

उखड़ी साँसे और घबराए मन के बावजूद, नेहा ने रिपोर्टिंग करनी नहीं छोड़ी। जो पत्थर उनके पास आकर गिरा, वह कम से कम हथेली भर का तो था। ऐसे में लगातार रेपोर्टिंग करते रहने के लिए नेहा के हौसले को सलाम।

इन्होंने एक आंटी से पूछा कि उनकी क्या डिमान्ड है, वो हरियाणा से आई थीं “आंटी ने बताया कि ये पत्थर आरएसएस वाले फेंक रहे हैं, उन्हें मोदी का इस्तीफ़ा चाहिए।

सवाल उठता है कि आज की इस अराजकता का ज़िम्मेदार कौन होगा? कायदे से ज़िम्मेदारी उसी व्यक्ति तो लेनी चाहिए जो पॉवर में है।

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