भारत में FIFA World Cup 2026 के प्रसारण अधिकारों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, FIFA ने JioStar की 20 मिलियन डॉलर (करीब 166 करोड़ रुपये) की पेशकश को फिलहाल स्वीकार नहीं किया है।
इससे टूर्नामेंट शुरू होने से कुछ ही हफ्ते पहले भी भारत में आधिकारिक ब्रॉडकास्टर तय नहीं हो सका है। 2026 वर्ल्ड कप 11 जून से अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको में खेला जाएगा।
बताया जा रहा है कि FIFA ने पहले भारत के लिए 2026 और 2030 वर्ल्ड कप के राइट्स की बिक्री जुलाई 2025 में शुरू की थी। शुरुआती मांग करीब 100 मिलियन डॉलर थी, जिसे बाद में घटाकर 35 मिलियन डॉलर तक लाया गया, लेकिन इसके बावजूद कोई डील फाइनल नहीं हो सकी।
गौरतलब है कि Viacom18 (अब जियोस्टार का हिस्सा) ने 2022 वर्ल्ड कप के लिए करीब 60 मिलियन डॉलर खर्च किए थे और Qatar में हुए उस टूर्नामेंट से 300 करोड़ रुपये से ज्यादा का विज्ञापन राजस्व हासिल किया था।
हालांकि, 2026 वर्ल्ड कप के मैच नॉर्थ अमेरिका टाइम जोन में होने की वजह से भारतीय दर्शकों के लिए समय चुनौतीपूर्ण रहेगा। रिपोर्ट्स के अनुसार, करीब 87% मैच रात 10 बजे के बाद प्रसारित होंगे, जबकि सिर्फ 13 मैच दिन के समय में देखने को मिलेंगे। इससे विज्ञापन आधारित कमाई पर असर पड़ सकता है।
फुटबॉल में सीमित विज्ञापन ब्रेक भी एक बड़ी चुनौती मानी जा रही है, क्योंकि क्रिकेट की तरह इसमें हर ओवर के बाद ब्रेक नहीं होता। यही वजह है कि ब्रॉडकास्टर्स इस बार सतर्क रुख अपना रहे हैं।
इस बीच Sony ने भी बातचीत के बावजूद बोली लगाने से दूरी बना ली है। पहले सोनी के पास 2014 और 2018 वर्ल्ड कप के अधिकार थे, जबकि 2002 में TEN Sports, 2010 में ESPN-STAR और 2022 में Viacom18 के पास ब्रॉडकास्ट राइट्स थे।
ऐसे में अब Prasar Bharati एक संभावित विकल्प के रूप में सामने आया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रसार भारती ने FIFA से राइट्स की लागत को लेकर बातचीत भी की है। इससे पहले 2023 में दूरदर्शन ने फीफा विमेंस वर्ल्ड कप का प्रसारण किया था।
फिलहाल, स्थिति यह है कि अगर जल्द कोई समझौता नहीं होता, तो भारतीय दर्शकों के लिए 2026 वर्ल्ड कप का पूरा आधिकारिक प्रसारण उपलब्ध होगा या नहीं—यह सवाल बना हुआ है।



