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पत्रकारों के लिए समर्पित फूडमैन डॉ विशाल सिंह इंटरनेशनल डॉक्टरेट से नवाजे गए!

लखनऊ / नई दिल्ली। “जो समाज की पीड़ा समझे, वही असली लीडर होता है।” यह पंक्ति बिल्कुल सटीक बैठती है फूडमैन डॉ. विशाल सिंह पर, जिन्हें हाल ही में Doctorate of Honor की अंतरराष्ट्रीय उपाधि से नई दिल्ली में इंडिया इंटेलेक्चुअल कॉन्क्लेव 2025 के दौरान सम्मानित किया गया।

यह उपलब्धि न केवल समाज सेवा के क्षेत्र में एक मील का पत्थर है, बल्कि पत्रकारिता जगत के लिए भी गर्व का विषय है, क्योंकि डॉ. सिंह न्यूज़ आवर और VIP न्यूज के उत्तर प्रदेश हेड के रूप में भी सक्रिय हैं। उन्होंने इस सम्मान के माध्यम से पत्रकार साथियों का भी वैश्विक स्तर पर मान-सम्मान बढ़ाया है।

पत्रकारों के लिए समर्पित एक अलग सोच

फूडमैन डॉ. सिंह मानते हैं कि पत्रकार वह धुरी है, जो समाज और सत्ता के बीच की कड़ी बनकर सच्चाई की लड़ाई लड़ता है। लेकिन अक्सर यह देखा गया है कि पत्रकारों की आर्थिक स्थिति, संसाधनों की कमी और काम के लिए अनुकूल वातावरण का अभाव उनकी प्रतिभा को सीमित कर देता है।

इसी चुनौती को समझते हुए डॉ. सिंह ने लखनऊ के गोमती नगर स्थित अपने कार्यालय में एक विशेष मीडिया हब की स्थापना की है। यहां 10 पूर्णतः सुसज्जित केबिन बनाए गए हैं, जो उन पत्रकार साथियों के लिए पूरी तरह से निशुल्क उपलब्ध हैं जिनके पास लेखन क्षमता है, लेकिन संसाधनों की कमी है।

पत्रकारों के लिए बन रही आर्थिक सहयोग योजना

फूडमैन डॉ. सिंह ने यह भी बताया कि वे पत्रकारों के लिए एक आर्थिक सहायता योजना पर कार्य कर रहे हैं, ताकि जो पत्रकार निरंतर लिखते हैं और समाज के लिए आवाज उठाते हैं, उन्हें वेतन या सहयोग स्वरूप कुछ आर्थिक लाभ भी मिल सके। इसका उद्देश्य है कि कोई भी पत्रकार केवल इस वजह से कलम न रोके कि उसके पास खाने के पैसे नहीं हैं या संसाधन की कमी है।

उनका कहना है: “पत्रकार वह दीपक है जो खुद जलकर समाज को रोशनी देता है, मेरा दायित्व है कि उसकी लौ न बुझे।”

“सेवा ही परम धर्म है”: समाज सेवा के साथ पत्रकारिता का संगम

डॉ. सिंह पिछले 18 वर्षों से “कोई भी भूखा न सोए” जैसे संकल्प के साथ समाज सेवा में जुटे हैं। कैंसर मरीजों को भोजन, दवा, रात्रि विश्राम, सांत्वना से लेकर कोविड काल में कम्युनिटी किचन तक — उनका हर कदम मानवता के नाम रहा है। लेकिन इसके साथ उन्होंने यह भी सिद्ध किया है कि पत्रकारिता और समाज सेवा एक-दूसरे के पूरक बन सकते हैं।

लखनऊ से उठी पत्रकारिता की नई चेतना

इस मीडिया हब के माध्यम से अब लखनऊ पत्रकारों के लिए एक नई चेतना का केंद्र बनता जा रहा है। कई स्वतंत्र पत्रकार, यूट्यूब चैनल संचालक, और युवा लेखकों ने इस सुविधा का लाभ उठाना भी शुरू कर दिया है।

फूडमैन का कहना है: “अगर कोई पत्रकार साथी सिर्फ इस कारण न लिखे कि उसके पास जगह, उपकरण या इंटरनेट नहीं है — तो यह हमारे समाज की विफलता है। हमने उसी विफलता को अवसर में बदला है।”

समापन: पत्रकारिता को मिला नया संबल

डॉ. विशाल सिंह की Doctorate of Honor की यह उपलब्धि सिर्फ एक व्यक्ति की विजय नहीं, बल्कि पत्रकारिता, सेवा और सामाजिक सरोकारों के संगम का प्रतीक बन चुकी है। आज जब मीडिया पर व्यावसायिकता हावी है, तब फूडमैन जैसे लोग पत्रकारिता को सम्मान, संरक्षण और संबल देने का कार्य कर रहे हैं।

“जो भूख मिटाए, वह सेवक है। जो सत्य लिखे, वह पत्रकार है। और जो दोनों को एक साथ जिए — वह फूडमैन है।”

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2 Comments

2 Comments

  1. Vishal Singh

    April 22, 2025 at 11:12 am

    नर सेवा नारायण सेवा
    सेवा परमो धर्म

  2. Vishal Singh

    April 22, 2025 at 11:13 am

    ना सेवा नारायण सेवा
    सेवा परमो धर्म

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