नई दिल्ली: आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप 2025 के फाइनल मुकाबले के दौरान टीवी विज्ञापनों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। TAM (टेलीविजन ऑडियंस मेजरमेंट) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल की फाइनल मैच में कैटेगरी, विज्ञापनदाताओं और ब्रांड्स की भागीदारी में 70% से ज्यादा की गिरावट देखी गई, जो 2023 में हुए फाइनल मुकाबले की तुलना में एक चौंकाने वाला अंतर है।
ब्रांड लेवल पर सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जहां 2023 में जहां 70 ब्रांड्स ने विज्ञापन दिए थे, वहीं 2025 में यह संख्या घटकर सिर्फ 14 रह गई। चैनल प्रति औसतन विज्ञापन वॉल्यूम में भी 73% की गिरावट देखी गई।
2023 में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला गया फाइनल मुकाबला भारतीय दर्शकों के लिए खासा आकर्षक था, जबकि 2025 का फाइनल ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेला गया — जो विज्ञापनदाताओं की दिलचस्पी में कमी का एक कारण हो सकता है।
विज्ञापन कैटेगरी का बदला रुझान
2023 में परफ्यूम और डिओडरेंट्स विज्ञापन क्षेत्र में सबसे आगे थे, जबकि 2025 में ई-रिटेल, मीडिया एंड एंटरटेनमेंट, और सोशल मीडिया चैनल्स ने 23% की हिस्सेदारी के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया। इनके बाद एनर्जी ड्रिंक्स और ई-कॉमर्स फाइनेंशियल सर्विसेज ने 13-13% हिस्सेदारी ली, जबकि लैपटॉप/नोटबुक कैटेगरी ने 12% योगदान दिया।
विज्ञापनदाताओं का चेहरा भी बदला
2023 में मारुति सुजुकी शीर्ष विज्ञापनदाता था, जबकि 2025 में JioHotstar ने 21% हिस्सेदारी के साथ पहला स्थान प्राप्त किया। इसके बाद GlaxoSmithKline और Billion Brains Garage Ventures दोनों ने 13% हिस्सेदारी के साथ स्थान बनाया।
गौर करने वाली बात यह है कि 2023 में शीर्ष पांच विज्ञापन कैटेगरी में से दो ऑटोमोबाइल सेक्टर से थीं, जबकि 2025 में यह स्थिति सर्विस सेक्टर के पक्ष में पलट गई।
विज्ञापन वॉल्यूम में बड़ा बदलाव
2023 में टॉप पांच कैटेगरी — परफ्यूम/डिओडरेंट, कार, सीमेंट, टू-व्हीलर और सॉफ्ट ड्रिंक्स — ने कुल विज्ञापन वॉल्यूम का 28% हिस्सा लिया था। इसके उलट, 2025 में टॉप पांच कैटेगरी — ई-कॉमर्स मीडिया/एंटरटेनमेंट/सोशल मीडिया, एनर्जी ड्रिंक्स, फाइनेंशियल सर्विसेज, लैपटॉप/नोटबुक और कंप्यूटर एजुकेशन — ने कुल वॉल्यूम का 65% हिस्सा कवर किया।
TAM की रिपोर्ट में केवल टेलीविजन विज्ञापन वॉल्यूम को ध्यान में रखा गया है, जिसमें प्रमोशन, फिलर्स और शॉर्ट प्रोग्राम्स को शामिल नहीं किया गया। साथ ही चैनल कवरेज में भी फर्क रहा — 2023 में 13 चैनल, जबकि 2025 में सिर्फ 5 चैनल शामिल थे।



