कोर्ट रिसीवर की निगरानी में एनबीसीसी द्वारा निर्मित आम्रपाली लेजर पार्क सोसाइटी के निवासियों ने बहुत मन से एक मंदिर का निर्माण किया लेकिन लगता है हिंदू विरोधी मानसिकता के कुछ अफसरों को भगवान का घर रास नहीं आ रहा है। अवैध निर्माण की एक शिकायत का संज्ञान लेते हुए ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने दस दिनों के भीतर मंदिर को तोड़ने का आदेश जारी कर दिया है। इस आदेश से लेजर पार्क के निवासी आक्रोशित हैं। खासकर महिलाओं ने चेतावनी दी है कि मंदिर भगवान का घर है, उनकी स्थापना और प्राण प्रतिष्ठा की जा चुकी है। अगर योगी राज में मंदिर तोड़ने जैसी कार्रवाई की जाती है तो यह बहुत गलत होगा जिसका पुरजोर विरोध किया जाएगा।
आम्रपाली लेजर पार्क के एक निवासी अभिषेक टेकरीवाल क्या कहते हैं, मंदिर में कौन कौन से भगवान स्थापित हैं, देखिए ये वीडियो-
अवैध निर्माण पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण सख्त, 10 दिन में मंदिर हटाने के आदेश
ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने आम्रपाली लीजर पार्क में अवैध रूप से बने एक मंदिर को 10 दिनों के भीतर हटाने का आदेश दिया है। यह कार्रवाई शिकायत संख्या-7803 के आधार पर की गई, जिसमें आरोप लगाया गया था कि आम्रपाली लीजर पार्क, सेक्टर टेकज़ोन-4 में टावर TH-5 के समीप एक अस्थायी ढांचा बनाकर मंदिर का निर्माण किया गया है।
26 मार्च 2025 को जारी आदेश में स्पष्ट किया गया कि प्राधिकरण की टीम ने 20 फरवरी 2025 को मौके का निरीक्षण किया, जिसमें यह पाया गया कि मंदिर का निर्माण किया गया है और मूर्तियाँ भी स्थापित की गई हैं। इसे प्राधिकरण के नियमों का उल्लंघन माना गया है।
आदेश में कहा गया है कि संबंधित पक्ष 10 दिनों के भीतर स्वयं इस अवैध निर्माण को हटाए, अन्यथा नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्राधिकरण की सख्ती के संकेत
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने साफ किया है कि अवैध निर्माण को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस आदेश के तहत संबंधित पक्ष को निर्धारित समयसीमा में कार्रवाई करनी होगी, अन्यथा प्रशासन खुद कदम उठाएगा।
शहर में अन्य अवैध निर्माण पर भी नजर
प्राधिकरण लगातार शहर में अवैध निर्माणों की पहचान कर रहा है और सख्त कदम उठा रहा है। आम्रपाली लीजर पार्क में इस कार्रवाई को अन्य अवैध निर्माणों के खिलाफ उठाए जा रहे कदमों का हिस्सा माना जा रहा है


