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कुछ चैनलों ने याकूब मेमन के मामले को कवर करते समय लक्ष्मण रेखा लांघ दी : मंत्री

नई दिल्ली: सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि सरकार टेलीविजन चैनलों को कारण बताओ नोटिस जारी करने को लेकर बहुत अनिच्छुक होती है, लेकिन उसे उस वक्त ऐसा करना पड़ा जब कुछ चैनलों ने याकूब मेमन के मामले को कवर करते समय लक्ष्मण रेखा लांघ दी। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सरकार चाहती है कि चैनल आत्मनियमन करें। राठौड़ ने कहा, ‘‘सरकार कार्यक्रम संहिता का उल्लंघन करने के लिए चैनलों को नोटिस जारी करने को लेकर हमेशा बहुत अनिच्छुक होती है।’’ 

नई दिल्ली: सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि सरकार टेलीविजन चैनलों को कारण बताओ नोटिस जारी करने को लेकर बहुत अनिच्छुक होती है, लेकिन उसे उस वक्त ऐसा करना पड़ा जब कुछ चैनलों ने याकूब मेमन के मामले को कवर करते समय लक्ष्मण रेखा लांघ दी। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सरकार चाहती है कि चैनल आत्मनियमन करें। राठौड़ ने कहा, ‘‘सरकार कार्यक्रम संहिता का उल्लंघन करने के लिए चैनलों को नोटिस जारी करने को लेकर हमेशा बहुत अनिच्छुक होती है।’’ 

उन्होंने कहा कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने पंजाब में हालिया आतंकी हमले के दौरान परामर्श जारी किया था कि कोई लाइव प्रसारण नहीं होना चाहिए और अधिकांश चैनल ने कार्यक्रम संबंधी संहिता का पालन किया।  राठौड़ ने कहा कि उस वक्त ‘थोड़ा’ उल्लंघन हुआ जब एक एंकर ने इसका उल्लेख किया कि गोलीबारी की आवाज सुनी जा सकती है तथा गोलीबारी करते लोगों की तस्वीर प्रसारित की गई।
 
याकूब मेमन की कवरेज के मामले में कुछ चैनलों द्वारा ‘लक्ष्मण रेखा’ लांघे जाने का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा, ‘‘टीआरपी की होड़ में वे छोटा शकील को दूसरे पक्ष से टिप्पणी करने के लिए लाए। और वह (शकील) एक समाचार चैनल पर यहां तक कह गया कि क्रिया का प्रतिक्रिया होती है। आगे सवाल किए जाने पर उसने कहा कि बहुत सारे लोग आपको देख रहें हैं वो आपके के खिलाफ कदम उठाएंगे।’’ राठौड़ 19वें कर्नल प्यारे लाल स्मृति व्यायान में संबोधने के बाद सवालों को जवाब दे रहे थे।

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