पत्रकार की पाक जासूस से दोस्ती!

जैसलमेर : रजत शर्मा वाले इंडिया टीवी और लोढ़ा वाले एवन टीवी का पत्रकार भला आईएसआई के जासूस की फ्रेंड लिस्ट में क्या कर रहा था? कब से था? क्यों था? उसकी दोस्ती की नज़र ने उसमें आईएसआई के पोस्टर नहीं दिखाये? कहीं देश की पश्चिमी सीमा की कोई जानकारी इधर-उधर? ख़ैर, ये सवाल मेरे नहीं हर उस आदमी के हैं जिसने यह सुना कि जैसलमेर के तथाकथित  “इंडिया” टीवी और प्रदेश के कथित “आगे बढ़ते जा रहे” A1TV” चैनल का जैसलमेर संवाददाता (जैसा ये लोगों को बताता है) योगेश गज्जा “पाकिस्तानी आईएसआई” एजेंट / जासूस /आरडीएक्स सप्लायर की फ्रेंड लिस्ट में मजा मार रहा है। इसकी भनक जब जागरूक सोशियल साइट्स यूजर्स के जरिये मिली तो गज्जा का दिमाग चकराया कि नन्दू महाराज गर्ग को गिरफ्तार हुए दिन 4 बीते और फेसबुक से “प्रिय मित्र” को “अनफ्रेंड” करना कैसे भूल गए?

गज्जा जी ने वाट्स एप पर आये इस मैसेज को कि “योगेश गज्जा” की फेसबुक की मित्र सूची में नन्दू गर्ग भी शामिल हैं” तो “उसैन बोल्ट” से भी ज्यादा तेज स्पीड से योगेश गज्जा ने नन्दू गर्ग से दोस्ती तोड़ दी और अनफ्रेंड कर वापस राष्ट्रभक्त पत्रकार का तमगा पाने की नाकाम कोशिश की। लेकिन तब तक “नन्दू गर्ग” के साथ “1 Mutual friend” की लाइन लिखी स्क्रीन शॉट की खेप रवाना कर दी गई थी।

ख़ैर, जनाब भूल गये हैं कि साईबर थाना पहले के दोस्त भी फेसबुक के मुख्यालय से मांग कर ले लेता है। कानून और देश की हाईटेक साईबर टीम को जनाब शायद बेवकूफ समझ रहे हैं। दूसरी बात, ये योगेश गज्जा वही पत्रकार हैं जिनका एक अख़बार ‘बॉर्डर की खबर’ है जो एक या दो आरती के अलावा आज दिन तक किसी अख़बार की दुकान या हॉकर के जरिये पाठकों तक नही पहुंचा हैं। पीआरओ चाहे तो फर्जी प्रसार संख्या बताने की जांच बिठा सकते हैं। बावजूद इसके पाकिस्तान से आरडीएक्स सप्लाई बाँटने वाले, आईएसआई से प्रशिक्षित जासूस के फेसबुक फ्रेंड ने एक पत्रकार जिस पर एक भी आरोप नहीं, जिसका सरकारी और गैर सरकारी रिकॉर्ड पूरा पाक है, पर देशद्रोही होने का आरोप मढ़ा था। अपनी निजी दुश्मनी निकालने के लिए अपने अखबार ‘बॉर्डर की खबर’ का दुरुपयोग करते हुए उसको मुल्क का दुश्मन घोषित करने का प्रयास टके भर के झूठे अख़बार के जरिये किये।

सुरक्षा एजेंसियों के राडार में यह पत्रकार आ चुका है और सम्भावना यह जताई जा रही है कि जासूस के सारे सर्किल मित्र चाहे वो फोन के जरिये हुए सम्पर्क हों या फिर सोशल नेटवर्क पर, उनसे पूछताछ कर जासूस से सम्बन्धों के राज उगलवा सकती है।

sikandar shaikh
alexender.123@gmail.com



 

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