यह पढ़ाई किये हुए रिपोर्टर है, की अराजकतत्व है
जिनको थानाध्यक्ष लिखना नहीं आता वो क्राइम रिपोर्टर है।
-अशोक कुमार यादव
मुजस्सिम-
आदरणीय संपादक जी,
भड़ास4मीडिया
आपको अवगत कराना है कि मैं पिछले 26 साल से रामपुर जनपद में विभिन्न संस्थाओं में पत्रकारिता करता चला आ रहा हूं। मगर इस बात से चिंतित हूं कि अब देश के कुछ जाने माने सैटेलाइट न्यूज़ टीवी चैनल्स में पत्रकारिता का स्तर काफी गिरता जा रहा है, जिसके पीछे का कारण यहां पर काम कर रहे कुछ कथित पत्रकार हैं। जिनकी शैक्षिक योग्यता या तो हाई स्कूल फेल है या उससे भी निम्न है।
ऐसे ही कुछ कथित पत्रकार हमारे जनपद रामपुर में भी मौजूद हैं, ऐसे कथित पत्रकार जहां एक ओर आईएएस, आईपीएस, आईआरएस, आईएफएस, पीसीएस, पीपीएस, पीडीएस, पीएएस आदि अधिकारियों से सवाल करते हुए नज़र आते हैं वही केंद्रीय व राज्य सरकारों के मिनिस्टर्स के अलावा वरिष्ठ नेताओं के भी इंटरव्यू करते दिखाई दे जाते हैं। जिससे पढ़े लिखे पत्रकार चकित रह जाते हैं कि पत्रकारिता का स्तर किस कदर गिरता चला जा रहा है, देश के कुछ प्रतिष्ठित हिंदी मीडिया संस्थान जिनमें इंडिया न्यूज़, एबीपी, आर भारत, आईएएनएस न्यूज़ एजेंसी जैसे संस्थानो के साथ ही क्षेत्रीय न्यूज़ चैनल्स को भी इस ओर भी अपनी तवज्जो करनी चाहिए, कि उनके जिला स्तरीय संवाददाता अपनी शैक्षिक योग्यता भी उस स्तर की रखते हैं या नहीं जो एक पत्रकार के लिए ज़रूरी होना चाहिए।
लगातार पत्रकारिता का स्तर कम शैक्षिक योग्यता के चलते ही गिरता चला जा रहा है। अब इस पेशे को बेहतर बनाए रखने की जिम्मेदारी पत्रकारिता से जुड़े बुद्धिजीवी वर्ग की भी है। एक तो पहले से ही कुछ कम पढ़े लिखे युटयुबर्स लगातार बिना खबरों की पुष्टि के अनाप-शनाप खबरें प्रसारित करते देखे जाते हैं, वहीं अब प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों को भी अपने स्तर से अपने-अपने न्यूज़ चैनल के रिपोर्टर्स को जिम्मेदारी देने से पहले जांच पड़ताल ज़रूर कर लेनी चाहिए कि वह पढ़ा लिखा है भी या नहीं।
धन्यवाद।



