Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

सुख-दुख

लेखिका राजी सेठ की श्रद्धांजलि सभा में मात्र 37-38 लोग ही थे, देखें तस्वीरें

विमल कुमार-

मेरे जाने के बाद मेरा कौन संभालेगा… यह चिंता उस राजी सेठ को थी जिनकी शोक सभा में महज 37 या 38 लोग थे। 250 सीटों वाले सभागार में।

राजीसेठ की श्रद्धांजलि सभा में मृदुला गर्ग हिंदी की एक मात्र लेखिका मौजूद थी। उनके पुत्र राहुल सेठ ने अपनी माँ के लिए यह आयोजन किया था। वे अमरीका में वर्षों से रह रहे हैं।

आज उनके पिता की भी पुण्यतिथि थी। राजी सेठ किसी गुट की नहीं थी किसी संगठन की नहीं थी। युवा लोग उनको अधिक नहीं जानते।

मनोज मोहन, अपूर्वानंद, नरेंद्र नागदेव, एम के रैना औऱ देवेंद्र राज अंकुर थे बस। राजी सेठ ने काफी लिखा। 11 खण्डों में उनकी रचनावली आ रही है। दो खण्ड आ चुके है।

राहुल सेठ ने अपनी माँ पर अंग्रेजी में एक लंबा संस्मरणात्मक आलेख पढा और माँ को शिद्दत से याद किया।

उनके मित्र ने राजी सेठ की कविताओं का पाठ किया। उनकी कहानी का भी पाठ हुआ। राजी सेठ जैसी थीं उनकी शोक सभा भी वैसी थीं। Low प्रोफाइल में रहने वाली।

Pahad Ki Dada: Hill Mail Uttarakhand
CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन