नई दिल्ली। कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI ने मशहूर मार्केट कमेंटेटर संजीव भसीन और 11 अन्य लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। फ्रंट-रनिंग स्कीम (Front-running) में शामिल पाए जाने के आरोप में SEBI ने इन सभी को शेयर बाजार में किसी भी तरह की ट्रेडिंग से प्रतिबंधित कर दिया है। साथ ही, 11.37 करोड़ रुपये की अवैध कमाई को जब्त करने का आदेश दिया गया है।
क्या है मामला?
SEBI की जांच जनवरी 2020 से जून 2024 के बीच की अवधि को लेकर हुई थी। यह जांच तीन शिकायतों के बाद शुरू की गई थी, जिनमें संजीव भसीन की स्टॉक मैनिपुलेशन में भूमिका की बात सामने आई थी। आरोपों के मुताबिक, भसीन ने टेलीविजन चैनलों और सोशल मीडिया पर स्टॉक्स की सिफारिश करने से पहले खुद उन स्टॉक्स को खरीदा और फिर उनकी कीमतें बढ़ने के बाद उन्हें मुनाफे में बेच दिया।
ब्रोकरेज फर्म पर भी बैन
मनीकंट्रोल में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, SEBI ने जिस ब्रोकरेज फर्म के जरिए ये ट्रेडिंग की गई, RRB Master Securities Delhi Ltd को भी प्रोप्रायटरी ट्रेडिंग से बैन कर दिया है। सभी आरोपियों को SEBI के निर्देश तक शेयर या सिक्योरिटी में सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से किसी भी तरह की डीलिंग से रोक दिया गया है।
बैंक और डिमेट खाते फ्रीज
SEBI ने भसीन समेत सभी 12 आरोपियों को आदेश दिया है कि वे 11.37 करोड़ रुपये की राशि फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में जमा करें, जिस पर SEBI का नियंत्रण होगा। यह राशि न तो निकाली जा सकती है, न ही तोड़ी जा सकती है जब तक SEBI केस को समाप्त नहीं करता या अनुमति नहीं देता।
इसके अतिरिक्त, संबंधित बैंकों और डिपॉजिटरी को निर्देश दिए गए हैं कि आरोपियों के बैंक और डिमेट खातों से कोई डेबिट ट्रांजेक्शन न हो। कोई संपत्ति, म्यूचुअल फंड या सिक्योरिटी ट्रांसफर या बेची नहीं जा सकती जब तक SEBI की इजाजत न हो।
शो-कॉज नोटिस जारी, जवाब के लिए 21 दिन
SEBI का यह आदेश एक शो-कॉज नोटिस भी है। संजीव भसीन और अन्य आरोपियों को अब यह बताना होगा कि उनके खिलाफ स्थायी बैन, ब्याज सहित रिकवरी और अन्य जुर्माना क्यों न लगाया जाए। उन्हें 21 दिनों के भीतर जवाब देने और व्यक्तिगत सुनवाई की मांग करने की अनुमति दी गई है।



