
भारत में टेलीविजन और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में हो रहे बदलावों पर चर्चा करने के लिए ‘SATCAB SYMPOSIUM 2025’ का आयोजन नई दिल्ली के भारत मंडपम में किया गया। इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम में भारत एक्सप्रेस के सीएमडी एवं एडिटर-इन-चीफ उपेन्द्र राय ने भाग लिया। इस दौरान उन्होंने मीडिया के बदलते स्वरूप और AI की भूमिका को लेकर अपनी दृष्टि साझा की। इस सेशन का मंचन लक्ष्य मीडिया ग्रुप के निदेशक अविनाश पांडे ने किया.
तकनीक के साथ बदले कालखंड
CMD उपेन्द्र राय ने कहा, “सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में आने वाले समय में परिदृश्य बदलने वाला है। 1959 में भारत में टेलीविजन आया, लेकिन 1975 तक केवल सात शहरों तक इसकी पहुंच थी। 1982 में पहली बार भारत ने कलर टीवी पर तस्वीरें देखीं, और इसके बाद तकनीकी बदलाव की गति तेज हो गई।” उन्होंने मानव सभ्यता के विकास को सात अलग-अलग कालखंडों में विभाजित करते हुए बताया कि कैसे तकनीक और नवाचार ने हमें आगे बढ़ाया।
“आठवां कालखंड AI का है” – उपेन्द्र राय
उपेन्द्र राय ने कहा, “अब हम आठवें कालखंड में हैं, जो AI का युग है। हमारे पास अनंत संभावनाएं हैं। AI के माध्यम से हजारों डॉट्स को जोड़कर नई चीजों का निर्माण हो सकता है। अमेरिका की टॉप-10 कंपनियों के CEO भारतीय मूल के हैं, जो दिखाता है कि हमारा देश तकनीकी क्रांति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।”
“छोटी चिप में बदल जाएगा मोबाइल”
AI और डिजिटल तकनीक के भविष्य पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा, “भविष्य में मोबाइल का स्वरूप पूरी तरह बदल जाएगा। एक छोटी चिप हमारे हाथ में होगी, जिसे जब चाहें लगा सकते हैं और जब चाहें निकाल सकते हैं। यह वर्चुअल इंटरेक्शन को नया आयाम देगा। स्पेसएक्स का स्टारलिंक सैटेलाइट पहले ही वर्चुअल कम्युनिकेशन की दिशा में क्रांति ला रहा है।”
उन्होंने 90 के दशक का जिक्र करते हुए कहा, “जब मैं BBC रेडियो सुनता था, तब बड़े-बड़े टेप हुआ करते थे। आज वही टेक्नोलॉजी चिप में समा गई है। भविष्य में मोबाइल पूरी तरह चिप में बदल जाएगा और यह एक बटन के आकार का होगा।”
2050 तक उड़ने वाली कारें – एक नई क्रांति
उन्होंने भविष्य के ट्रांसपोर्ट पर अपनी राय व्यक्त करते हुए कहा, “आज हम इलेक्ट्रिक व्हीकल की बात कर रहे हैं, लेकिन 2050 तक दुनिया में ड्रोन, हाइड्रो और न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी की मदद से उड़ने वाली कारें बन जाएंगी। आने वाले समय में ट्रांसपोर्टेशन पूरी तरह बदल जाएगा।” उन्होंने यह भी बताया कि दुनिया की 550 करोड़ आबादी में से 117 करोड़ भारतीय मोबाइल पर टीवी देखते हैं, और 18-25 वर्ष के 86% युवा अपनी स्क्रीन पर टीवी कंटेंट देखते हैं। यह दर्शाता है कि ट्रेडिशनल टीवी धीरे-धीरे कम हो रहा है और डिजिटल स्क्रीन इसका स्थान ले रही हैं।
“AI नौकरियां खत्म नहीं करेगा, बल्कि बढ़ाएगा”
CMD उपेन्द्र राय ने AI को लेकर लोगों में फैली भ्रांतियों को दूर करते हुए कहा, “AI के कारण 80 करोड़ नौकरियां खत्म होंगी, लेकिन 95 करोड़ नई नौकरियां भी पैदा होंगी। यानी AI रोजगार को घटाएगा नहीं, बल्कि 15 करोड़ अतिरिक्त अवसर पैदा करेगा। यह डर गलत है कि AI इंसानों की जगह ले लेगा।”
एलन मस्क का उदाहरण: सफलता के लिए जोखिम जरूरी
CMD उपेन्द्र राय ने एलन मस्क का उदाहरण देते हुए कहा, “एलन मस्क को स्पेस इंजीनियरिंग का ‘S’ भी नहीं आता था, लेकिन उन्होंने तीन बार असफल होने के बाद भी हार नहीं मानी। चौथे प्रयास में उन्होंने सफलता हासिल की और नासा ने उन्हें 3 बिलियन डॉलर का पहला कॉन्ट्रैक्ट दिया। वह दिवालिया होने की कगार पर थे, लेकिन उन्होंने समय को बदलने का साहस दिखाया। इतिहास में वही लोग याद किए जाते हैं, जो जोखिम लेने का साहस रखते हैं।”
“AI तकनीकी परिवर्तन को अपनाकर हम एक सशक्त और समृद्ध समाज बना सकते हैं”
CMD उपेन्द्र राय ने अपने संबोधन के अंत में कहा, “टेक्नोलॉजी का मूल स्वभाव बदलाव है। आने वाले समय में AI और तकनीकी परिवर्तन समाज और रोजगार पर सकारात्मक प्रभाव डालेंगे। हमें इसे स्वीकार करके एक सशक्त, समृद्ध और अधिक समावेशी समाज की ओर बढ़ना होगा।”
इस कार्यक्रम का आयोजन Zee Entertainment और इंडियन ब्रॉडकास्टिंग फाउंडेशन (IBW) द्वारा 20 मार्च 2025 को भारत मंडपम (हॉल नंबर 4, टेक्नोलॉजी स्टेज) में किया गया।



