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साहित्य

सीतापुर के शहीदों पर पहली बार लिखी गई पुस्तक ‘शहीद अष्टक’

बिसवाँ-​सीतापुर (उप्र) की साहित्यिक धरती से निकले वरिष्ठ साहित्यकार व तमाम अभावों, प्रतिकूलताओं के बीच हिंदी दैनिक राष्ट्रीय सहारा में ब्यूरो इन्चार्ज पद के दायित्व का निर्विवाद निर्वहन करते रहने वाले रचनाकार रामकृष्ण पाण्डेय ‘संजय’ ने लालबाग-सीतापुर (उप्र) के वर्ष 1942 के अमर शहीदों को समर्पित एक अनूठी काव्यकृति ‘शहीद अष्टक’ का सृजन किया है।

नैमिषारण्य स्थित कालीपीठ द्वारा प्रकाशित इस पुस्तक का विमोचन भी शीघ्र ही प्रस्तावित है।

​यह काव्य कृति इसलिए और भी अपना ऐतिहासिक महत्व रखती है क्योंकि 18 अगस्त 1942 को ‘अंग्रेजों भारत छोड़ो’ आंदोलन के दौरान सीतापुर के लालबाग में ब्रिटिश सरकार द्वारा कराई गई गोलीबारी में शहीद हुए छह जवानों पर सीतापुर में अब तक कोई साहित्य नहीं लिखा गया था।

1942 की इस शहादत के बाद से अब तक उक्त विषयवस्तु पर ‘शहीद अष्टक’ पहली काव्य कृति है। लालबाग शहीद काण्ड को मिनी जलियांवाला बाग की तर्ज पर भी देखा सुना जाता है।

अपनी कृति ‘शहीद अष्टक’ में रचनाकार रामकृष्ण पाण्डेय’संजय’ ने शहीदों के शौर्य को अपनी लेखनी से नमन किया है। घनाक्षरी छंदों से युक्त ‘शहीद अष्टक’ के उत्तरार्द्ध में 1942 के शहीदों के साथ सीतापुर के ही परमवीर चक्र विजेता अमर शहीद कैप्टन मनोज पाण्डेय की वीरता को भी आदर पूर्वक समाहित किया गया है।

काव्य मंचों, आकाशवाणी और दूरदर्शन से लंबे समय से जुड़े रहे पत्रकारिता कुनबे के युवा हस्ताक्षर रामकृष्ण पाण्डेय ‘संजय’ की यह कृति निःसन्देह सीतापुर जनपद के गौरवशाली इतिहास के प्रति एक सच्ची भावांजलि है।

अमर उजाला द्वारा 26 जनवरी 2026 को इस पुस्तक पर लिखी गई स्टोरी
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