पत्रकार यूट्यूबर श्याम मीरा सिंह नोएडा में LPG और बिजली की समस्याओं को लेकर ग्राउण्ड रिपोर्ट करने गए थे। श्याम एक चायवाले से चर्चा कर रहे थे कि तभी नोएडा पुलिस आई और उन्हें कैमरामैन सहित थाने टांग ले गई। घंटों उनसे पूछताछ की गई। शांतिभंग करने जैसे आरोपों के साथ FIR दर्ज की गई है। पुलिस के इस रवैये पर लोगों की प्रतिक्रियाएं पढ़िए…
राजेश साहू-
न कोई झगड़ा, न नियम तोड़ने जैसा कुछ। इसके बावजूद पुलिस भाई श्याम मीरा सिंह को थाने ले जाती है। पूरा दिन बैठाती है। पुलिस से बत्तमीजी करने का मुकदमा लिख देती है। मोबाइल जब्त करती है, कैमरे के सारे फुटेज डिलीट कर देती है।
यह सुशासन और जीरो टॉलरेंस वाली नीति में तो नहीं आता है। जो हुआ वह शर्मनाक है। ऐसा नहीं होना चाहिए।

मनदीप पुनिया-
हमारे साथी पत्रकार Shyam Meera Singh को उत्तर प्रदेश पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.
समझ नहीं आ रहा कि इतना “बलवान राज्य” एक पत्रकार से इतना भी क्या डर रहा है जो उसकी गिरफ्तारी करवानी पड़ी. अघोषित आपातकाल जैसा माहौल है.
श्याम मीरा मज़बूत पत्रकार हैं, वे पुलिस की ऐसी हरकतों से पीछे नहीं हटने वाले.
विवेक गुप्ता-
जाने माने यूट्यूबर और पत्रकार श्याम मीरा सिंह को नोएडा पुलिस ने हिरासत में लिया है उनका जुर्म तो शायद अभी पता नहीं चला है।
मेरे हिसाब से उनका जुर्म सिर्फ़ जुमलेबाज़ी के ख़िलाफ़ वीडियो बनाना था, जिससे आहत होकर जुमलेबाज़ों ने शिकायत की होगी और पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
श्याम मेरा सिंह को पुलिस ने मुक़दमा दर्ज कर मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने के बाद, जमानत पर छोड़ दिया है। उनका क़सूर सिर्फ़ इतना था कि वो बिजली बिल और एलपीजी पर ग्राउंड रिपोर्टिंग करने गये थे।
धन्य हो देश का क़ानून और सिस्टम… Shyam Meera Singh we are with you dost.


सवाल पूछने के जुर्म में Shyam Meera Singh को योगी जी की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें थाने लेकर गई है noida police. सरकार की तानाशाही देखिए – पत्रकार सवाल करेगा तो सरकार के इशारे पर पुलिस गिरफ्तार कर लेगी..- संजय सिंह, सांसद, AAP
सुप्रिया श्रीनेत-
उत्तर प्रदेश की नोएडा पुलिस ने पत्रकार Shyam Meera Singh को क्यों डिटेन किया है?
हर वो व्यक्ति जो सवाल पूछेगा, जो सच दिखायेगा, जो पर्दाफाश करेगा उसकी आवाज़ को दबाया जाएगा, प्रताड़ित किया जाएगा
जो ‘लोकतंत्र खतरे में है’ कहने पर नाक भौं सिकोड़ते हैं – वो ज़रूर ध्यान दें
खुशदीप सहगल-
यूट्यूबर और पत्रकार श्याम मीरा सिंह को नोएडा पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार किया. श्याम मीरा सिंह ने अभी कुछ देर पहले अपन हैंडल पर वीडियो डालकर स्थिति साफ़ की है. श्याम मीरा सिंह के मुताबिक वो नोएडा में सेक्टर 60 के पास एलपीजी और बिजली के मुद्दे पर एक चायवाले से बात कर रहे थे, तभी तीन पुलिसवाले आए और गाड़ी मे उन्हें और कैमरामैन को डालकर थाने ले गए. उन पर शांति भंग का केस दर्ज़ कर मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां से उन्हें ज़मानत पर रिहा कर दिया गया…
श्याम मीरा सिंह ने पुलिस पर मोबाइल छीन कर डाटा डिलीट करने का आरोप भी लगाया…
श्याम मीरा सिंह को हिरासत में लिए जाने को लेकर आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने ट्वीट में लिखा, “सवाल पूछने के जुर्म में श्याम मीरा सिंह को योगी जी की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. उन्हें थाने लेकर गई है नोएडा पुलिस. सरकार की तानाशाही देखिए- पत्रकार सवाल करेगा तो सरकार के इशारे पर पुलिस गिरफ्तार कर लेगी…”
नरेंद्र प्रताप-
श्याम मीरा सिंह जी,
जेल जाये बिना काम चल गया. आपको बधाई. मगर यह कहानी केवल नोयडा की नही है. धीरे-धीरे पूरे यूपी के हर शहर में यही स्थिति हो रही है. वेस्ट यूपी के अधिकांश जिलों का यही हाल है. मीडिया पर पाबंदियों थोपी जा रही है. पुलिस आफिस कैंपस में मीडिया बैन, थानों में मीडिया बैन, सड़क पर भी मीडिया बैन करने की कोशिशें हो रही है. आप कैमरे पर कुछ भी करो. पुलिस और खुफिया के लोग मोबाइल खोलकर खड़े हो जाते है.
थानेदारों के खिलाफ बड़े अफसर कुछ भी सुनने को तैयार नही है. फरियादी भटक रहा है. थानेदार जो कह देते है, वही ब्रह्मवाक्य है. सिंपल मोबाइल कॉल्स पर बात नही हो रही है. कहा जा रहा है व्हाट्सअप पर ही मीडिया से बात कीजिए.
धीरे-धीरे आपातकाल की एक चादर सी हमारे ऊपर डाली जा रही है. यह कौन कर रहा है? सरकार या फिर सरकार की नजरों में अपने नंबर बढ़ाने को बेताब कुछ अफसर. जो भी हो, नुकसान जनता का हो रहा है. जनता और सरकार के बीच संवाद के माध्यम तेजी से घट रहे है या फिर खत्म से हो चुके है.
सब कुछ एकतरफा है या एकतरफा हो रहा है. मीडिया को खलनायक बनाकर अफसरशाही सरकार की चहेती बनना चाहती है, साथ ही मीडिया और जनता के बीच बातचीत के विकल्प खत्म कर रही है.
जो भी हो, सब स्वीकार है. 21 सालों में बहुत बड़े-बड़े धुरंधर शाह आये और चले गये. जो है उनको भी जाना है और जो आयेगें, उनकी तानाशाही का भी स्वागत है.
अपना ख्याल रखियेगा.
श्याम मीरा सिंह का ट्वीट-
आज मैं नोएडा में बिजली बिल/LPG पर ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए गया था। तभी नोएडा पुलिस ने मुझे रोका और पूछने लगे कि क्या कर रहे हो आईडी दिखाओ। मैंने पूछा आप रिपोर्टिंग में हस्तक्षेप क्यों कर रहे हैं? इसी बात पर बहस हुई। इस पर नोएडा पुलिस मुझे थाने ले गई और मेरे खिलाफ पुलिस से कथित बदतमीजी की FIR की। थाने में जिस तरह से पुलिस ने बदतमीजी की उसका जिक्र भी क्या करूँ। फिलहाल मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने के बाद मुझे जमानत पर छोड़ दिया गया है। लेकिन कितनी अजीब बात है, रिपोर्टिंग करने पर पुलिस आती है, आपके काम को रोकती है, और ऐसे धमक दिखाती है जैसे हम नागरिक नहीं पुलिस के ग़ुलाम हैं। पुलिस से काउंटर सवाल करना, पूछना, गुस्ताखी है। एक सामान्य सी बात के लिए पूरे दिन थाने में बिठाया। मुकदमा किया। बदतमीजी की और परेशान किया।
PCR बैन के दुर्व्यवहार के बाद जब ये मामला SHO-अमित और ACP राकेश नोएडा के संज्ञान में आया तो उन्होंने यथासंभव मदद की और पेपरवर्क जल्दी ख़त्म करवाया। मैं उम्मीद करता हूँ वे अपने जूनियर अधिकारियों को समझाएँगे। ताकि भविष्य में किसी पत्रकार को प्रताणित ना किया।
नोएडा पुलिस ने मेरी टीम के तीनों सदस्यों के फोन जब्त किए, वीडियो मिटाईं, मेरे कैमरे की चिप को भी फॉर्मेट कर दिया है।
आप सबके समर्थन के लिए आभारी हूँ, आपके समर्थन की वजह से मैं बाहर आ सका हूँ।



