सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स (ट्विटर) पर चार मिनट से ज्यादा अवधि का एक वीडियो टहल रहा है। इस वीडियो में एक नौजवान पत्रकार माइक आदि लेकर सरकारी अस्पताल के डिप्टी सुपरिटेंड के दफ्तर में घुसकर सवाल दागता दिखाई दे रहा है। नौजवान पत्रकार कह रहा है मैं कोई आतंकवादी हूँ, सवाल पूछ रहा हूँ उसका जवाब दीजिए। जबकि डीएस उस पत्रकार को अपने मातहतों से ऑफिस से बाहर निकालने को कह रहा है।
पूरा प्रकरण बिहार के नवादा जिले का है। वीडियो को रवीश कुमार ने साझा करते हुए लिखा है-
कोई अधिकारी बात नहीं कर रहा है। जब पार्टी पदाधिकारी बन गए हैं। इतनी बहस से अच्छा होता कि बात करते और जवाब देते। समाज के भीतर भाप बन रहा है। कितना दबाते रहेंगे।
-रवीश कुमार, वरिष्ठ पत्रकार/यूट्यूबर
अब पूरा मामला क्या है वो समझिए…
नवादा। बिहार के नवादा जिले में एक भीषण सड़क हादसे में दो युवकों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद परिजनों ने सदर अस्पताल में डॉक्टर के मौजूद नहीं होने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया।
जानकारी के अनुसार, नेमदारगंज थाना क्षेत्र के लेदहा मोड़ के पास बाइक सवार तीन युवक किसी अज्ञात वाहन की चपेट में आ गए। टक्कर इतनी जोरदार थी कि तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें इलाज के लिए नवादा सदर अस्पताल पहुंचाया गया।
घायलों में 15 वर्षीय आतिफ और 20 वर्षीय मो. कैफ की मौत हो गई, जबकि तीसरे युवक गुलजार का इलाज चल रहा है। बताया जाता है कि तीनों नवादा शहर के मोगलाखार इलाके के निवासी थे।
हादसे के बाद अस्पताल पहुंचे परिजनों ने आरोप लगाया कि इमरजेंसी में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था, जिसके कारण समय पर इलाज नहीं मिल सका। इसे लेकर अस्पताल परिसर में काफी देर तक हंगामा होता रहा।
सूचना मिलने पर पुलिस और अस्पताल प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाकर स्थिति को नियंत्रित किया। बाद में दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
मामले पर सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. एस.डी. अरैयर ने कहा कि दोनों युवकों की मौत अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो चुकी थी। हालांकि उन्होंने ड्यूटी के दौरान डॉक्टर की अनुपस्थिति को गंभीर मामला बताते हुए संबंधित चिकित्सक डॉ. मुकेश कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी करने और विभागीय कार्रवाई शुरू करने की बात कही है।
घटना के बाद मृतकों के परिजनों ने दोषी डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं, पुलिस सड़क हादसे के कारणों की जांच में जुट गई है।



