Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

सुख-दुख

यूएनआई के ऑडिट में घोटाले का अंदेशा, वेतन के लिए कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन

uni

जरूरी नहीं, कि जो सबकी खबर दे उसके बारे में भी सबको खबर हो। देश की शीर्ष समाचार एजेंसी यूनाइटेड न्यूज ऑफ इंडिया (यूएनआई) के संदर्भ में यह बात सटीक बैठती है। दुनिया भर की खबर देने वाली यूएनआई की अपनी खबर यह है, कि आज यूएनआई में हड़ताल रही। बीते दो महीनों से वेतन न मिलने से हलकान यूएनआई के पत्रकारों और गैर-पत्रकार कर्मचारियों ने आज हड़ताल और प्रदर्शन किया।

सूत्रों के हवाले से खबर है, कि इस महीने की तीन तारीख को हुई यूएनआई की जनरल बॉडी की बैठक में, एजेंसी प्रबंधन ने सप्ताह भर के भीतर कर्मचारियों को वेतन दिये जाने का आश्वासन दिया था। कर्मचारियों के संगठन ने इस आश्वासन को पूरा नहीं किये जाने की स्थिति में हड़ताल की चेतावनी दी थी।

uni

आज आयोजित हड़ताल में कर्मचारी संगठन के प्रतिनिधियों ने चेयरमैन विश्वास त्रिपाठी के इस्तीफे की माँग करते हुए एजेंसी को व्यक्तिगत संपत्ति में तब्दील करने की कोशिशों पर आक्रोश जताया। सूत्रों के अनुसार इस दौरान उन्होंने कहा कि जब-तब पैसे नहीं होने का हवाला देकर वेतन को टाल दिया जाता है, कर्मचारी संगठन का आरोप है कि इसबार विज्ञापन संबंधी नये सरकारी प्रावधान के बाद एजेंसी के पास करीब पाँच सौ नये सब्सक्राइवर आये हैं।

इसके अलावा अन्य स्रोतों से भी एजेंसी को पर्याप्त भुगतान प्राप्त हो चुका है। पीएफ में चालीस लाख रुपये जमा कराने के बाद भी कंपनी के खाते में पर्याप्त पैसे शेष हैं, जिससे सभी कर्मचारियों को वेतन दिया जा सकता है। लेकिन प्रबंधन एजेंसी को व्यक्तिगत संपत्ति की तरह चला रहा है और कर्मचारियों का वेतन लगातार टाला जा रहा है।

हाल यह था, कि प्रदर्शन उग्र हो जाने पर यूएनआई के चीफ एडिटर अशोक टूटेजा ने कर्मचारियों के प्रतिनिधियों को बातचीत के लिये बुलाया और यह आश्वासन दिया, कि चेयरमैन से निर्देश मिलते ही वेतन का भुगतान जारी कर दिया जाएगा। हालाँकि देर शाम तक कई कर्मचारियों से सम्पर्क करने पर पता चला कि अबतक उन्हें वेतन नहीं मिला है।

यूएनआई में तमाम अटकलों का बाजार गर्म है और इस विश्वस्त सूत्र ऑडिट में घोटाले की बात करते हैं। ऐसी चर्चा आम है कि एजेंसी के नये भवन का निर्माण इसीलिये टल रहा है। सूत्रों के अनुसार प्रबंधन में एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुत्री की शादी का हवाला देकर कमीशन की माँग की जा रही है और यूनियन और प्रबंधन के कुछ सदस्य मिलकर भवन निर्माण में बड़ा घोटाला करने की साजिश रच रहे हैं।

यूएनआई में स्थायी कर्मचारियों को आखिरी बार 27-28 जुलाई को वेतन दिया गया था। नये स्थायी कर्मचारियों का वेतन अभी छह महीने पीछे चल रहा है यानि सितंबर में यदि वेतन मिला तो वह मार्च महीने का होगा। पुराने कर्मचारियों का वेतन बीस महीने तक के बैकलॉग में है। इससे इतर एजेंसी पर पीएफ का भी करोड़ों रुपया बकाया है।

एक समय कई करोड़ का फिक्स्ड डिपोजिट रखने वाली कंपनी का इस तरह बदहाल स्थिति में पहुँच जाना चिंतनीय है। यह चिंता तब और जटिल हो जाती है जब इस तरह का घोटाला देश की सबसे पुरानी और विस्तृत समाचार एजेंसी में हो रहा हो। और इसकी खबर किसी को नहीं है।

कश्यप किशोर मिश्र के एफबी से साभार.

Local News Community
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन