नई दिल्ली। महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले को लेकर टाइम्स नाउ नवभारत की एंकर रुबिका लियाकत एक सोशल मीडिया पोस्ट के कारण चर्चा में हैं। सोशल मीडिया पर किए जा रहे एक दावे में आरोप लगाया गया है कि रुबिका लियाकत इस मामले पर इसलिए सवाल नहीं उठा रहीं क्योंकि कथित तौर पर उनके परिचित विकास गर्ग को इस मामले में गिरफ्तार किया गया है। पोस्ट में यह भी दावा किया गया है कि विकास गर्ग दिल्ली भाजपा की आर्थिक प्रकोष्ठ (Economic Cell) से जुड़े रहे हैं।
हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। न तो रुबिका लियाकत की ओर से इस पोस्ट पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने आई है और न ही उपलब्ध आधिकारिक दस्तावेजों से यह पुष्टि होती है कि उनके और विकास गर्ग के बीच किसी प्रकार का व्यक्तिगत संबंध है।
ऐसे में सोशल मीडिया पर किए जा रहे इन दावों को सत्यापित तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता। मामले में आधिकारिक जांच एजेंसियों या संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
सुप्रिया श्रीनेत-
विकास गर्ग एक बिजनेसमैन है, जिसे ED ने गिरफ्तार किया है।
पते की बात यह है कि वह BJP के Economic cell का Convenor है। वह BJP के पूर्व MLA नंद किशोर गर्ग का बेटा है।
- वो कई लिस्टेड कंपनियों – जैसे Vikas Ecotech, Vikas Lifecare, Eraaya Lifespace का प्रमोटर/डायरेक्टर है
- हाल ही में उसकी कंपनी Eraaya Lifespaces ने अमेरिकन Ebix Inc का अधिग्रहण किया
- अब महादेव बेटिंग ऐप मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED उसे गिरफ्तार करके रायपुर ले गई
- ED का आरोप है कि महादेव बेटिंग से हुई अवैध कमाई को Foreign Portfolio Investors और QIP के जरिए रूट किया गया, जिससे Ebix का अधिग्रहण फंड किया गया
- इसके अलावा भी इसके ख़िलाफ़ कस्टम ड्यूटी फ्रॉड, SEBI, CBI और अन्य जांचें चल रही हैं।
BJP वालों से बड़े प्रगाढ़ संबंध हैं. आख़िर चोर चोर मौसेरे भाई जो ठहरे। लेकिन मीडिया के मुँह पर ताला क्यों लगा है?


ED ने महादेव बेटिंग ऐप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एबिक्स के चेयरमैन विकास गर्ग को गिरफ्तार किया है। विकास गर्ग BJP में आर्थिक प्रकोष्ठ के संयोजक हैं। ED ने कुछ दिन पहले ही विकास, उनके फैमिली मेंबर्स और कंपनी से जुड़ी 940.77 करोड़ रुपये की 12 प्रॉपर्टियों को अटैच किया था। महादेव बेटिंग एप से हर महीने तकरीब 450 करोड़ रुपए की कमाई होने का अनुमान है।
-सचिन गुप्ता, पत्रकार



