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पत्रकार विभूति रस्तोगी ने पत्रकारिता सिखाने की आड़ में नाबालिग से किया बलात्कार!

दैनिक जागरण समेत कई अखबारों में काम कर चुके और प्रेस क्लब आफ इंडिया के सदस्य विभूति रस्तोगी के बारे में खबर आ रही है कि पुलिस उन्हें जोरशोर से तलाश रही है. विभूति पर एक नाबालिग युवती से बलात्कार का आरोप है. युवती की उम्र 15 साल है. युवती ने जो घटनाक्रम पुलिस को लिखकर दिया है उससे पता चलता है कि उसके साथ अनेकों बार कई लोगों ने गैंगरेप और रेप किया.

दैनिक जागरण समेत कई अखबारों में काम कर चुके और प्रेस क्लब आफ इंडिया के सदस्य विभूति रस्तोगी के बारे में खबर आ रही है कि पुलिस उन्हें जोरशोर से तलाश रही है. विभूति पर एक नाबालिग युवती से बलात्कार का आरोप है. युवती की उम्र 15 साल है. युवती ने जो घटनाक्रम पुलिस को लिखकर दिया है उससे पता चलता है कि उसके साथ अनेकों बार कई लोगों ने गैंगरेप और रेप किया.

फरीदाबाद की रहने वाली लड़की की रिपोर्ट को फरीदाबाद पुलिस ने लिख लिया है. लड़की ने कंप्लेन में कहा है कि पत्रकार विभूति रस्तोगी ने पहले तो उसे पत्रकार बनाने का झांसा देकर अपने पास रोज रोज बुलाया और एक बार न सिर्फ खुद बलात्कार किया बल्कि पांच अन्य लोगों से भी बलात्कार कराया. फरीदाबाद पुलिस ने लड़की की शिकायत दर्ज कर मेडिकल कराया जिसमे गैंगरेप की वारदात की पुष्टि हुई. पुलिस को कई आरोपियों ने जान से मारने की धमकी दी है जिसके बाद उसे दो पुलिस वालों की सुरक्षा मुहैया कराई गई है. 

इस प्रकरण में पुलिस ने तीन आरोपी युवकों की गिरफ्तारी कर ली है. पत्रकार विभूति रस्तोगी फरार है. फिरोजाबाद पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम पत्रकार विभूति रस्तोगी को पकड़ने के लिए जगह जगह छापेमारी कर रही है. बताया जा रहा है कि एक टीम विभूति के बिहार स्थित घर के लिए भी रवाना हो चुकी है. सबसे दुखद ये है कि इस पूरे प्रकरण को अखबार वालों ने दबाने की कोशिश की. नेशनल मीडिया ने नाबालिग के यौन उत्पीड़न के इस मामले को प्रमुखता से छापने से परहेज किया.

शिप्रा दर्पण अखबार की ओर से एक बड़े सरोकारी चैनल के चर्चित न्यूज़ एंकर को फोन कर नाबालिग को न्याय दिलाने की बात की गई तो उन एंकर महोदय ने कहा कि उनका नियम है, वे जहां रहते हैं, उसके आसपास की घटना कवर नहीं करते हैं. इन बड़े पत्रकार और एंकर महोदय की ये भाषा बताती है कि ये लोग सरोकार और क्रांतिकारिता की बातें बस एक एजेंडे के तहत करते हैं और अपनी छवि चमकाने के बाद वह बाकी सारे मामलों पर चुप्पी साध लेते हैं.

गाजियाबाद से प्रकाशित अखबार शिप्रा दर्पण के संपादक नवीन द्विवेदी की रिपोर्ट. संपर्क : [email protected]

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