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उत्तर प्रदेश

आईपीएस आशुतोष मिश्रा ने आजतक के पत्रकार और अंबेडकर नगर की पुलिस कप्तान प्राची सिंह से दागे सवाल!

Bald man wearing white clothing speaks into an ANI microphone during an interview, seated indoors with a red chair behind him.

अभिषेक उपाध्याय-

IPS आशुतोष मिश्रा के ये सवाल आज तक के उस पत्रकार के लिए भी हैं और अंबेडकर नगर की पुलिस कप्तान प्राची सिंह के लिए भी।

आज तक की रिपोर्ट में उनकी मां की हत्या और लूट को झूठी कहानी बताया गया। दावा किया गया कि मां के सारे गहने उनके घर से ही बरामद हुए हैं।

IPS आशुतोष मिश्रा कहते हैं- “शर्म आती है ऐसे लोगों पर, प्रेस में आकर इस तरह की हरकत करते हैं। हम लोग अगर IPS अफसर होकर सफाई देने के लिए आए हैं तो ये क्या करेंगे गरीबों के साथ?

बिना किसी प्रमाण के इस तरह की न्यूज़ कैसे निकाल सकते हैं? मेरे परिवार के लोग रो रहे हैं, ये सब पढ़कर। किसको इतना अनावरण होने की चिंता पड़ी हुई है?”

आज तक बताए कि उसने किस आधार पर ये झूठी ख़बर छापी, और अंबेडकरनगर की पुलिस कप्तान प्राची सिंह को भी बताना चाहिए कि आखिर किसको घटना के अनावरण की इतनी जल्दी पड़ी हुई है?

बसपा की अध्यक्ष बहन मायावती और सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने इस घटना से जोड़कर प्रदेश की कानून व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया, तो क्या हत्या और लूट की घटना को ही खारिज कर दिया जाएगा?

प्राथमिकता सत्य और न्याय है या फिर कानून व्यवस्था पर कोई सवाल न उठे, सरकार की छवि डैमेज न हो, ये है?

प्राची सिंह को ये भी बताना चाहिए कि क्या आज तक के संवाददाता ने उनसे बात की थी? उसे ये किसने बताया कि हत्या और लूट की कहानी झूठी है?

जब एक IPS के मामले में आप ऐसा कर सकते हैं, तो आम जनता के लिए आपका रवैया क्या होगा, आम इंसान सोचकर ही सहम जाएगा!


आजतक, ये कौन सी ख़बर से चलाई थी? IPS आशुतोष मिश्रा की माँ के बारे में? कि लूट हत्या की कहानी झूठी निकली और सभी गहने व सामान घर से सुरक्षित बरामद हुए हैं।

अब तो अंबेडकर पुलिस को स्पष्टीकरण भी आ गया कि गहने बरामद होने की खबर झूठी है और भ्रामक खबरें न चलाई जाएं।

Hindi news article screenshot with bold headline and body text; a green highlight emphasizes a quote about loot, murder and a family safeguard claim.
Hindi news article screenshot featuring the police emblem and 112 emergency logo, with a green-highlighted paragraph discussing police involvement and cybercrime concerns in the article body.

अब तो इस ‘सरकारी’ खबर को डिलीट कर दो जिसमें गहनों की घर से बरामदगी का ज़िक्र है। कभी शंकराचार्य पर आरोप लगाने वाले बटुकों का इंटरव्यू करना, जिसकी पूरी कलई खुल चुकी है, कभी एक IPS की माँ का हत्या में फर्जी खबर चला देना!

सबका मकसद एक कि सरकार को राहत मिले! कि उसकी छवि पर बट्टा न लगे!

अगर यही रिपोर्टिंग है तो सूचना के ‘अनुज’ को ही काम पर रख लो। जो काम पिछले दरवाज़े से होता है, वो खुलेआम होगा!!


उत्तर प्रदेश – IPS ऑफिसर की मां की हत्या में अंबेडकर नगर पुलिस ने सरासर झूठ बोला SP प्राची सिंह का बयान था – “मौत सामान्य है, शरीर से गायब ज्वेलरी मिल गई है” मृतका के IPS बेटे आशुतोष मिश्रा ने दोनों ही बातों को झूठ बताया है। PM रिपोर्ट में मौत की वजह स्पष्ट नहीं है और ज्वेलरी अभी मिली नहीं है। IPS आशुतोष का कहना है कि अगर मेरी मां की ज्वेलरी मिल गई है तो अंबेडकर नगर पुलिस मेरे घर पर रेड डालकर उसे बरामद कर ले। उत्तर प्रदेश की पुलिस अपने ही IPS ऑफिसर को न्याय नहीं दिला पा रही है…
-ब्राह्मण एकता मंच

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